Sunday, December 7, 2025
spot_img
Homecrime newsAAP नेता सौरभ भारद्वाज का आरोप: “ईडी वाले बयान लिखकर लाए और...

AAP नेता सौरभ भारद्वाज का आरोप: “ईडी वाले बयान लिखकर लाए और कहा कि ये मेरा बयान है

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) और केंद्र सरकार की जांच एजेंसियों के बीच जारी टकराव एक बार फिर सुर्खियों में है। दिल्ली सरकार के वरिष्ठ मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भारद्वाज का कहना है कि एजेंसी ने उनसे जबरन लिखित बयान पर हस्ताक्षर करवाने की कोशिश की और बाद में उसे उनका बयान बताकर पेश कर दिया।

ईडी पर लगाया बड़ा आरोप

सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि जांच एजेंसी के अधिकारी बयान पहले से टाइप करके लाए थे। उन्हें पढ़ने तक का समय नहीं दिया गया और कहा गया कि इसे साइन कर दीजिए, यह आपका बयान है। भारद्वाज का कहना है कि यह बेहद खतरनाक प्रथा है और लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। उनके मुताबिक, किसी भी जांच एजेंसी का काम तथ्यों और सबूतों के आधार पर जांच करना होता है, लेकिन यहां पहले से लिखी हुई स्क्रिप्ट थमाकर दबाव बनाया जा रहा है।

‘मेरी आवाज दबाने की कोशिश’

AAP नेता ने आगे कहा कि उन्हें चुप कराने और पार्टी की छवि खराब करने के लिए यह सब किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “ईडी जैसे संस्थान का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को फंसाने के लिए किया जा रहा है। मेरे नाम से बयान जारी कर दिया गया, जबकि मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा। यह लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ है।”

राजनीतिक साजिश का आरोप

भारद्वाज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। पहले दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और फिर अन्य नेताओं पर कार्रवाई की गई। अब उन्हीं कड़ियों में उन्हें भी घेरने की कोशिश हो रही है। भारद्वाज का कहना है कि यह सब विपक्ष को कमजोर करने और AAP की लोकप्रियता को नुकसान पहुंचाने की चाल है।

पार्टी का समर्थन

AAP के अन्य नेताओं ने भी सौरभ भारद्वाज के आरोपों का समर्थन किया। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि जबरन बयान दिलवाना, राजनीतिक एजेंडे के तहत जांच करना और मीडिया में आधे-अधूरे सच फैलाना, ये सब एजेंसियों की साख को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पार्टी ने राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि एजेंसियों का दुरुपयोग बंद हो सके।

विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया

AAP के आरोपों पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि अगर किसी नेता का बयान खुद एजेंसी लिखकर पेश कर सकती है, तो यह जांच नहीं बल्कि साजिश है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ऐसी प्रवृत्ति से एजेंसियों पर जनता का भरोसा खत्म होगा और लोकतंत्र को गहरा आघात पहुंचेगा।

सरकार की तरफ से प्रतिक्रिया

हालांकि, केंद्र सरकार और BJP नेताओं का कहना है कि AAP नेताओं पर कार्रवाई कानून के तहत हो रही है। उनका तर्क है कि जब कोई गड़बड़ी या भ्रष्टाचार के सबूत मिलते हैं, तो जांच एजेंसी को कार्रवाई करनी ही पड़ती है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि अगर AAP के पास सबूत हैं कि बयान जबरन लिखवाया गया है, तो उन्हें अदालत में जाना चाहिए।

लोकतंत्र पर सवाल

यह विवाद केवल एक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ रहे हैं। अगर किसी भी नागरिक या नेता का बयान जबरदस्ती बदलकर पेश किया जा सकता है, तो यह प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर धब्बा है। विशेषज्ञों का मानना है कि एजेंसियों को पूरी तरह निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए, वरना यह धारणा बनेगी कि वे राजनीतिक दबाव में हैं।

आगे की राह

सौरभ भारद्वाज ने साफ कहा है कि वे इस मामले को अदालत तक ले जाएंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सच और झूठ के बीच फर्क करें और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाएं। आने वाले दिनों में यह मामला और गरमाने की पूरी संभावना है, क्योंकि AAP पहले से ही केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर रही है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments