अमेरिका में H-1B वीजा और नौकरी बचाने के नाम पर एक भारतीय आईटी पेशेवर से भारी रकम वसूले जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित कर्मचारी ने टेक्सास की अदालत में अपने ही भारतीय-अमेरिकी नियोक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
मामला ऋषिकेश राज मीसाला से जुड़ा है, जो अमेरिका में एक आईटी कंपनी में कार्यरत थे। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी नौकरी और इमिग्रेशन स्टेटस को बनाए रखने के नाम पर उनसे लगभग 1 लाख डॉलर यानी करीब 94 लाख रुपये की जबरन वसूली की गई।
नौकरी और वीजा के नाम पर दबाव का आरोप
कर्मचारी का आरोप है कि कंपनी के मालिक साई जितेंद्र कलागरा ने H-1B वीजा और नौकरी की सुरक्षा का हवाला देकर लगातार आर्थिक दबाव बनाया। इस दौरान उनसे बड़ी रकम अलग-अलग किस्तों में ली गई।
मामला पहुंचा अमेरिकी कोर्ट
पीड़ित ने इस पूरे मामले को टेक्सास की अदालत में चुनौती दी है। अदालत में दायर याचिका में वीजा सिस्टम के दुरुपयोग और शोषण का गंभीर आरोप लगाया गया है।
इमिग्रेशन सिस्टम पर उठे सवाल
इस घटना के बाद H-1B वीजा प्रक्रिया और विदेशी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों से प्रवासी कामगारों की स्थिति और अधिक असुरक्षित हो सकती है।
अमेरिकी प्रशासन की ओर से इस मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।