नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली कैंट और निजी स्कूलों में इस महीने के अंत तक चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटी (सीपीसी) का गठन अनिवार्य किया जाएगा। यह फैसला उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं तय समयसीमा के भीतर लागू की जाएं। फिलहाल दिल्ली सरकार के सभी स्कूलों में पॉक्सो कानून के तहत चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटियां गठित की जा चुकी हैं। अब राजधानी के सभी 5,633 स्कूलों में ऐसी समितियां बनाई जाएंगी, जो बच्चों की सुरक्षा, शिकायतों की निगरानी और कानून के पालन की जिम्मेदारी संभालेंगी।
बैठक में दिल्ली पुलिस को भी निर्देश दिया गया कि पॉक्सो अधिनियम से जुड़े प्रत्येक मामले में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए हर जिले में अतिरिक्त डीसीपी स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
सरकार ने सभी स्कूलों में स्टूडेंट सेफ्टी चेकलिस्ट, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और शिक्षकों के प्रशिक्षण को अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही संयुक्त निरीक्षण टीमों के माध्यम से स्कूलों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा।
बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श, साइबर सुरक्षा, बुलिंग, नशे से बचाव और व्यक्तिगत सुरक्षा जैसे विषयों पर जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। अभिभावकों को भी पीटीएम, ऑडियो-वीडियो सामग्री और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा पहली बार अपराध करने वाले किशोरों के लिए सुधारात्मक और पुनर्वास आधारित नीति पर भी जोर दिया गया है, ताकि उन्हें काउंसलिंग और उचित मार्गदर्शन के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में वापस लाया जा सके।
