दिल्ली कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला: 1 जुलाई से लागू होगी नई EV पॉलिसी, जनता को मिलेगा ₹15,000 करोड़ का लाभ

दिल्ली की नई EV पॉलिसी 2026 के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी और टैक्स छूट।

नई दिल्ली, 29 जून (विशेष संवाददाता):

दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने और राजधानी के परिवहन तंत्र को पूरी तरह ‘ग्रीन’ करने की दिशा में रेखा गुप्ता सरकार ने आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सोमवार को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नई ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026’ को मंजूरी दे दी गई। यह महत्वाकांक्षी पॉलिसी 1 जुलाई 2026 से लागू होगी और 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस पूरी पॉलिसी के तहत अगले चार सालों में केवल परचेज प्रोत्साहन और सब्सिडी पर करीब ₹7,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और रोड टैक्स व रजिस्ट्रेशन फीस माफी को मिलाकर दिल्ली की जनता को कुल ₹15,000 करोड़ का सीधा आर्थिक फायदा होगा। सरकार ने इस पॉलिसी में वाहनों की संख्या पर कोई सीमा (No Capping) नहीं रखी है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

किस वाहन पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?
दोपहिया वाहन (Two-Wheelers): नई इलेक्ट्रिक बाइक या स्कूटी खरीदने पर पहले साल ₹30,000, दूसरे साल ₹20,000 और तीसरे साल ₹10,000 की नकद सब्सिडी मिलेगी। पुरानी BS4 या उससे कम स्तर की गाड़ी स्क्रैप करने पर ₹10,000 का अतिरिक्त बोनस मिलेगा।

तिपहिया वाहन (Three-Wheelers): इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने पर क्रमशः ₹50,000, ₹40,000 और ₹30,000 की सब्सिडी तय की गई है। स्क्रैपिंग इंसेंटिव के रूप में ₹25,000 दिए जाएंगे। ग्रामीण सेवा वाहनों के लिए भी ₹15,000 का प्रोत्साहन मिलेगा।

चार पहिया वाहन (Four-Wheelers): ₹30 लाख तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ रहेगी। साथ ही, पहले 1 लाख खरीदारों को ₹1 लाख का स्क्रैपिंग इंसेंटिव भी दिया जाएगा।

कमर्शियल और भारी वाहन: 3.5 टन तक के छोटे कमर्शियल ट्रकों (N1) पर पहले साल ₹1 लाख की सब्सिडी मिलेगी। वहीं, 3 से 12 टन के भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों (N2) को पॉलिसी अधिसूचित होने के शुरुआती 3 महीनों के भीतर खरीदने पर दिल्ली में ‘नो एंट्री’ फीस से पूरी तरह छूट दी जाएगी।

सरकार ने तय की सख्त डेडलाइन, पेट्रोल-डीजल वाहनों पर लगेगी लगाम
प्रदूषण के मुख्य कारणों (कमर्शियल और टू-व्हीलर उत्सर्जन) पर चोट करते हुए सरकार पहली बार कड़े नियम (Mandates) लागू करने जा रही है:

1 जनवरी 2027 से: दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स और छोटे कमर्शियल ट्रकों (N1) का ही नया रजिस्ट्रेशन होगा। अन्य ईंधनों पर पूरी तरह रोक होगी।

1 अप्रैल 2028 से: राजधानी में पेट्रोल वाले नए दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा; केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स ही पंजीकृत होंगे।

स्कूल बसों के लिए अनिवार्य नियम: सभी स्कूल बसों को 31 मार्च 2030 तक अपने कुल बेड़े (Fleet) का 30% हिस्सा अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलना होगा। इसे चरणबद्ध तरीके से (2 साल में 10% और 3 साल में 20%) लागू किया जाएगा।

चार्जिंग की टेंशन होगी दूर, लगेंगे 32,000 नए पॉइंट्स
ईवी पॉलिसी को जमीन पर सफल बनाने के लिए दिल्ली सरकार इस पूरी अवधि में 32,000 नए ईवी चार्जिंग पॉइंट्स का नेटवर्क तैयार करेगी। इसके लिए जमीनों को चिह्नित कर लिया गया है और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) व सरकारी बजट के माध्यम से काम शुरू हो चुका है।

कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इस पॉलिसी ड्राफ्ट को आज ही उपराज्यपाल (LG) की अंतिम सहमति के लिए भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक ड्राफ्ट को तैयार करने के लिए परिवहन मंत्री पंकज सिंह, ऊर्जा मंत्री आशीष सूद और पर्यावरण मंत्री मजिंदर सिंह सिरसा के प्रयासों की सराहना की।

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