दिल्ली में पारिवारिक संपत्ति को लेकर विवाद एक व्यक्ति की मौत का कारण बन गया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि बड़े भाई और उनके बेटों के साथ हुए झगड़े के बाद घायल हुए रामदेव की अगले दिन तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार, रामदेव अपने परिवार के साथ 100 गज के पुश्तैनी मकान के 40 गज हिस्से में रहते थे, जबकि उनके बड़े भाई 60 गज हिस्से में अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहते थे। जमीन का बंटवारा बराबर नहीं होने के बावजूद रामदेव ने कभी इसको लेकर कोई विवाद नहीं किया। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि बड़े भाई और उनके बेटे अक्सर पूरी संपत्ति अपने नाम करने की बात कहकर विवाद करते रहते थे।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को संपत्ति को लेकर दोनों पक्षों के बीच फिर विवाद हुआ। इसी दौरान बड़े भाई के बेटों के बीच भी कहासुनी होने लगी। रामदेव उन्हें समझाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि इस दौरान रामदेव के साथ मारपीट हुई, जिससे उन्हें शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं।
परिजनों का कहना है कि रामदेव ने इन चोटों को सामान्य समझकर इलाज नहीं कराया। अगले दिन वह रोज की तरह अपने काम पर इंदरलोक पहुंचे, लेकिन वहां अचानक उनके सीने में तेज दर्द शुरू हो गया। साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि संपत्ति विवाद के दौरान हुई मारपीट के कारण ही रामदेव की जान गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
