नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू की गई हाइब्रिड वर्किंग व्यवस्था को अब समाप्त कर दिया है। अब सभी कर्मचारी पहले की तरह नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित होकर ही काम करेंगे। सरकार का यह फैसला मध्य-पूर्व में तनाव कम होने और ईरान-अमेरिका के बीच संघर्ष विराम (सीजफायर) की स्थिति बनने के बाद लिया गया है।
फ्यूल बचाने के लिए लागू हुई थी व्यवस्था
सरकार ने मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और संभावित ईंधन संकट को देखते हुए 90 दिनों के लिए हाइब्रिड वर्किंग व्यवस्था लागू की थी। इसका उद्देश्य पेट्रोल-डीजल की खपत कम करना, ऊर्जा की बचत करना और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना था।
इस दौरान सभी सरकारी कर्मचारियों को बुधवार और शनिवार को घर से ही काम (वर्क फ्रॉम होम) करने की अनुमति दी गई थी। साथ ही सरकारी वाहनों के ईंधन आवंटन में लगभग 20 प्रतिशत की कटौती की गई थी और कई विभागों ने सरकारी वाहनों के काफिले भी सीमित कर दिए थे।
अब पुराने सिस्टम से होगा काम
दिल्ली सरकार के नए आदेश के अनुसार अब सभी सरकारी कर्मचारियों को सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहना होगा। वर्क फ्रॉम होम की सुविधा फिलहाल पूरी तरह से समाप्त कर दी गई है।
हालांकि दिल्ली नगर निगम (MCD) के कर्मचारियों के कार्य समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वे पहले की तरह सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक कार्य करेंगे।
निजी कंपनियों पर भी पड़ा था असर
सरकार की इस पहल का असर निजी क्षेत्र पर भी देखने को मिला था। कई निजी कंपनियों ने भी ईंधन की बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए हाइब्रिड वर्किंग मॉडल अपनाया था। अब सरकार के नए फैसले के बाद, पहले के जैसे सरकारी कार्यालय पूरी तरह सामान्य व्यवस्था के तहत संचालित होंगे।
