दिल्ली दर्पण ब्यूरो रिपोर्ट : नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जल्द ही डीएनडी (DND) से जेवर तक नया एक्सप्रेसवे बनाने की योजना पर काम शुरू हो सकता है। इस परियोजना के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने की प्रक्रिया और भी तेज कर दी गई है।
अब यह नया एक्सप्रेसवे यमुना पुश्ते के भीतर शहर की ओर से होते हुए ग्रेटर नोएडा तक पहुंचेगा। इससे दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच सफर पहले से और भी ज्यादा आसान और तेज होने की उम्मीद होने की आशंका जताई जा रही है।
अधिकारियों ने परियोजना की समीक्षा की
शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने यमुना प्राधिकरण, सिंचाई विभाग, नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन (NHSRCL) और एनएचएआई के अधिकारियों के साथ एक बड़ी बैठक की। बैठक में सेक्टर-96 स्थित कार्यालय में प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की डीपीआर और उसके अलाइनमेंट पर विस्तार से चर्चा भी की गई।
बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित एक्सप्रेसवे को डीएनडी से शुरू कर ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-4 तक जोड़ा जाएगा।
कैसा होगा एक्सप्रेसवे का रूट
अब तक इस एक्सप्रेसवे को सेक्टर-150 के पास यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना थी, लेकिन नए प्रस्ताव के तहत इसका रूट बदल दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यमुना क्षेत्र में 130 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी, जिसे नए एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। अंतिम अलाइनमेंट तीनों प्राधिकरणों की सहमति के बाद तय किया जाएगा।
बुलेट ट्रेन परियोजना से भी होगा तालमेल
बैठक में नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने भी अपने कुछ सुझाव दिए है। बताया गया है कि प्रस्तावित एक्सप्रेसवे का रूट दिल्ली-नोएडा-ग्रेटर नोएडा होते हुए गुजरने वाली बुलेट ट्रेन परियोजना को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में दोनों परियोजनाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाया जा सके।
नोएडा में बनेंगे 4 नए लूप
यात्रियों की सुविधा और ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए इस एक्सप्रेसवे पर चार प्रमुख लूप बनाए जाएंगे।
- पहला लूप – डीएनडी
- दूसरा लूप – महामाया फ्लाईओवर
- तीसरा लूप – सेक्टर-128 (जेपी विश टाउन के पास)
- चौथा लूप – सेक्टर-150
इन लूपों के जरिए शहर के अलग-अलग हिस्सों से एक्सप्रेसवे तक आसान पहुंच मिल सकेगी।
क्या होंगे फायदे?
- दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक सफर होगा तेज।
- नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कनेक्टिविटी होगी मजबूत।
- ट्रैफिक जाम में कमी आने की संभावना।
- औद्योगिक और व्यावसायिक विकास को मिलेगा बढ़ावा।
- भविष्य की बुलेट ट्रेन परियोजना के साथ बेहतर समन्वय संभव होगा।
फिलहाल परियोजना शुरुआती चरण में है। डीपीआर और अंतिम अलाइनमेंट को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
