अल नीनो का खतरा: कम बारिश वाले जिलों के लिए इमरजेंसी प्लान तैयार करने के निर्देश

नई दिल्ली। देश में मानसून को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को कम बारिश की आशंका वाले जिलों में पहले से इमरजेंसी प्लान तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। अल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए सरकार खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों को लेकर सतर्क नजर आ रही है।

भारत मौसम विभाग (IMD) समेत कई अंतरराष्ट्रीय मौसम एजेंसियों ने अल नीनो की संभावना जताई है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने भी चेतावनी दी है कि अल नीनो के कारण भारत का ग्रीष्मकालीन मानसून कमजोर पड़ सकता है। इसका असर खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों, खासकर धान और मक्का की खेती पर पड़ने की आशंका है।

इसी खतरे को देखते हुए मंगलवार को कृषि भवन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खरीफ 2026 की तैयारियों और संभावित मौसमीय चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन जिलों में कम वर्षा या वर्षा के असमान वितरण की संभावना है, वहां पहले से आपातकालीन कार्ययोजना तैयार रखी जाए। साथ ही किसानों को संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जाए।

बैठक के दौरान मंत्री ने कपास और दलहन फसलों के रकबे को बढ़ाने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि बदलते मौसम के बीच फसल विविधीकरण किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

सरकार का मानना है कि समय रहते तैयारी करने से अल नीनो के संभावित प्रभाव को कम किया जा सकता है और किसानों को नुकसान से बचाया जा सकता है।

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