दिल्ली की सड़कों पर लापरवाही का एक और खौफनाक चेहरा सामने आया है। लाल रंग की कार चला रहा एक नाबालिग तेज रफ्तार में आया, राहगीर को टक्कर मारी और रुकने के बजाय उसे करीब 600 मीटर तक घसीटता चला गया। हादसे में शख्स की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया, लेकिन पुलिस की लगातार तलाश और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आखिरकार वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
हादसे की पूरी कहानी
यह हादसा बीती रात का है। चश्मदीदों के मुताबिक, एक लाल कार अचानक तेज रफ्तार में आई और एक व्यक्ति को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पीड़ित कार के नीचे फंस गया। लेकिन ड्राइवर ने कार रोकने के बजाय और तेज कर दी। इस दौरान पीड़ित 600 मीटर तक घसीटता चला गया और दर्दनाक मौत हो गई।
नाबालिग निकला ड्राइवर
पुलिस जांच में सामने आया कि कार किसी वयस्क के नहीं, बल्कि 17 साल के नाबालिग के हाथ में थी। उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। पुलिस ने कहा कि माता-पिता ने उसे गाड़ी चलाने दी और इसी लापरवाही की वजह से एक निर्दोष की जान चली गई।
ऐसे खुला राज
हादसे के बाद आरोपी भाग निकला। पुलिस ने इलाके की सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिसमें लाल रंग की कार कैद हो गई। नंबर प्लेट से कार मालिक तक पहुंचते ही पता चला कि हादसे के वक्त गाड़ी मालिक नहीं, बल्कि उनका नाबालिग बेटा चला रहा था। इसके बाद पुलिस ने लड़के को पकड़ लिया।
परिवार की सफाई
आरोपी के पिता का कहना है कि उन्हें इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि बेटा रात में गाड़ी लेकर निकल जाता है। परिवार ने घटना पर दुख जताते हुए मृतक के परिजनों से माफी मांगी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि केवल माफी काफी नहीं, कानून के तहत कार्रवाई ज़रूरी है।
इलाके में गुस्सा
हादसे के बाद इलाके में आक्रोश है। लोग कह रहे हैं कि यह हादसा नहीं, बल्कि सीधी-सीधी लापरवाही से हुई मौत है। एक चश्मदीद ने कहा, “बच्चों को गाड़ियां थमाकर माता-पिता सोचते हैं कि उन्हें खुशी दे रहे हैं, लेकिन यह खुशी किसी और का घर उजाड़ सकती है।”
पुलिस की कार्रवाई
नाबालिग को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत हिरासत में लिया गया है। साथ ही उसके पिता पर भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि ट्रैफिक नियमों को हल्के में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

