नई दिल्ली:
दिल्ली की हवा एक बार फिर लोगों की सांसों पर भारी पड़ रही है। बढ़ता प्रदूषण सिर्फ आंकड़ों की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह बच्चों, बुजुर्गों और हर आम नागरिक की रोज़मर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर राजधानी की राजनीति भी गरमा गई है। बीजेपी और आम आदमी पार्टी आमने-सामने हैं और दोनों एक-दूसरे पर दिल्ली की जहरीली हवा का ठीकरा फोड़ रही हैं।
इसी सियासी खींचतान के बीच दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुछ अहम फैसलों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 10,000 एयर प्यूरीफायर लगाएगी, ताकि प्रदूषण के सबसे ज्यादा असर से जूझ रहे बच्चों को कुछ राहत मिल सके। सूद ने यह भी बताया कि अगले चरण में हर सरकारी स्कूल के क्लासरूम तक एयर प्यूरीफायर पहुंचाने की योजना है।
प्रदूषण से जुड़े दूसरे बड़े मुद्दों पर बात करते हुए शिक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया कि भलस्वा लैंडफिल साइट को सितंबर 2026 तक पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। उनका कहना था कि प्रदूषण कोई एक दिन में पैदा हुई समस्या नहीं है और न ही इसका समाधान तुरंत हो सकता है। इसके लिए लगातार और ईमानदार कोशिशें जरूरी हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आशीष सूद ने पिछली आम आदमी पार्टी सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार के दौर में प्रदूषण से निपटने के नाम पर सिर्फ दिखावटी कदम उठाए गए। ऑड-ईवन योजना और रेड लाइट पर इंजन ऑफ जैसी योजनाओं को उन्होंने “पीआर स्टंट” बताया और कहा कि इनसे ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस फायदा नहीं हुआ।
सूद ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने ट्रांसपोर्ट व्यवस्था सुधारने, कर्मचारियों को भुगतान करने और आरआरटीएस व मेट्रो जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर आगे बढ़ाने में गंभीरता नहीं दिखाई। ईवी पॉलिसी को लेकर भी उन्होंने कहा कि न तो इसे सही ढंग से लागू किया गया और न ही घोषित सब्सिडी समय पर दी गई।
उन्होंने कहा कि मौजूदा बीजेपी सरकार मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में प्रदूषण से निपटने के लिए ठोस और लंबे समय तक असर दिखाने वाले कदम उठाएगी। शिक्षा मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि नीतिगत विफलताओं का खामियाजा आज दिल्ली के लोग अपनी सेहत से चुका रहे हैं।
दिल्ली की जहरीली हवा पर जारी यह सियासी जंग अपनी जगह है, लेकिन आम लोगों की उम्मीद अब बयानबाजी से आगे बढ़कर ऐसे फैसलों पर टिकी है, जो सच में उन्हें साफ हवा और बेहतर ज़िंदगी दे सकें।

