नई दिल्ली, 2 जनवरी।
दिल्ली में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है। आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने शिक्षकों को कुत्तों की गिनती करने के काम में लगाने का आदेश देकर टीचर्स का अपमान किया है। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के नेता लगातार वीडियो बनाकर दिल्ली सरकार पर व्यंग्य और कटाक्ष कर रहे हैं। जिस तेजी और आक्रामकता के साथ आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को उठाया है, उसके बाद अब भाजपा सरकार भी खुलकर मैदान में उतर आई है।
दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी पर फेक न्यूज और दुष्प्रचार फैलाने का आरोप लगाते हुए कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जानबूझकर झूठी खबरें फैलाई गईं और सरकारी सर्कुलर को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, तो दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसके लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

दिल्ली सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि आम आदमी पार्टी और उसके नेता जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल परिसरों से संबंधित जिस सर्कुलर को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि शिक्षकों को ‘कुत्तों की गिनती’ करने का आदेश दिया गया है, वह पूरी तरह झूठ और भ्रामक है। सर्कुलर में कहीं भी शिक्षकों से कुत्तों की गिनती कराने का कोई निर्देश नहीं है।
शिक्षा मंत्री ने सर्कुलर के प्रमुख बिंदुओं का हवाला देते हुए बताया कि इसमें केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूल परिसरों में आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। सर्कुलर के अनुसार सुरक्षा गार्ड, गेटकीपर और चौकीदार को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही हर स्कूल में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जो यह सुनिश्चित करेगा कि स्कूल परिसर में आवारा कुत्तों का कोई ठिकाना न बने। आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय निकाय को सूचना देने का भी प्रावधान है।

आशीष सूद ने सवाल उठाया कि आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल यह बताएं कि सर्कुलर के किस बिंदु में शिक्षकों को कुत्तों की गिनती करने के लिए कहा गया है। उन्होंने आम आदमी पार्टी की राजनीति को ‘शूट एंड स्कूट’ बताते हुए कहा कि पहले आरोप लगाए जाते हैं और फिर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब इस तरह की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में शिक्षा मंत्री ने आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि आप सरकार दिल्ली में कई स्कूल भवनों के निर्माण कार्य अधूरे छोड़कर चली गई। इसके अलावा विभिन्न पाठ्यक्रमों के नाम पर करोड़ों रुपये केवल प्रचार और विज्ञापनों पर खर्च किए गए। उन्होंने दावा किया कि ‘हैप्पीनेस करिकुलम’, ‘एंटरप्रेन्योर माइंड सेट करिकुलम’ और ‘देशभक्ति करिकुलम’ के नाम पर भारी-भरकम राशि प्रचार पर उड़ाई गई।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में वर्तमान दिल्ली सरकार बिना शोर-शराबे के शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और स्कूल परिसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दोहराया कि दिल्ली सरकार बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी और फर्जी खबरें फैलाकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

