उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में शनिवार सुबह वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव सिंह की सरेआम गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। मिर्जापुर पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, थाना कोतवाली कटरा क्षेत्र में हुई इस सनसनीखेज वारदात के संबंध में नामजद अभियुक्तों के खिलाफ मामला पंजीकृत कर लिया गया है। एसएसपी अपर्णा रजत कौशिक ने घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 5 विशेष टीमें गठित की हैं, जो लगातार विभिन्न ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान स्पष्ट हो चुकी है और उन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
एसएसपी अपर्णा रजत कौशिक ने अपनी बाइट में स्पष्ट किया कि यह पूरी वारदात पुरानी चुनावी रंजिश का नतीजा लग रही है। मृतक राजीव सिंह की पत्नी गांव की प्रधान हैं, जबकि मुख्य आरोपी राजेंद्र सोनकर भी पूर्व में प्रधान का चुनाव लड़ चुका है। इन दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और करीब 7 महीने पहले भी आरोपी ने राजीव सिंह के साथ मारपीट की थी। शनिवार सुबह करीब 7:15 बजे जब राजीव सिंह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, तभी बाइक सवार दो हमलावरों ने उन्हें रास्ते में रोका और सीने पर तमंचा सटाकर गोली मार दी। यह पूरी खौफनाक वारदात पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसे पुलिस ने साक्ष्य के रूप में कब्जे में ले लिया है।
वारदात के बाद का मंजर और भी हैरान करने वाला था क्योंकि हत्या के बाद हमलावरों की बाइक तुरंत स्टार्ट नहीं हुई थी। इस दौरान जब स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की, तो एक आरोपी ने लोगों पर तमंचा तानकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी, जिससे लोग पीछे हट गए। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस हत्याकांड के बाद से जिले के अधिवक्ताओं में भारी रोष है, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन मुस्तैदी बरत रहा है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घेराबंदी तेज कर दी गई है।

