हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा दौरे के दौरान महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने किशाऊ बांध परियोजना को लेकर केंद्र सरकार के हालिया फैसले का स्वागत करते हुए इसे हिमाचल के हित में बड़ा कदम बताया।
गगल एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में उन्होंने किशाऊ बांध परियोजना से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
हिमाचल और उत्तराखंड पर पड़ता है सबसे ज्यादा असर
मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना का प्रभाव सबसे अधिक हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड पर पड़ रहा है, जबकि इसके प्रत्यक्ष लाभ अन्य राज्यों को मिलने थे। प्रारंभिक प्रस्ताव में हरियाणा और दिल्ली को विशेष अनुदान दिए जाने की व्यवस्था थी, लेकिन हिमाचल और उत्तराखंड के हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया था।
प्रदेश सरकार ने जताई थी आपत्ति
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराते हुए स्पष्ट किया था कि हिमाचल प्रदेश के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार ने बैठक में मजबूती से अपना पक्ष रखा और परियोजना से प्रभावित राज्यों को न्यायसंगत लाभ देने की मांग की।
हिमाचल को नहीं करना होगा निवेश
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश सरकार के तर्कों को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि हिमाचल प्रदेश को किशाऊ बांध परियोजना में कोई वित्तीय निवेश नहीं करना होगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य के आर्थिक हितों की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा।
विकास और हितों की सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास परियोजनाओं के समर्थन में है, लेकिन किसी भी योजना में हिमाचल प्रदेश के अधिकारों और हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार राज्य के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर अपनी बात मजबूती से रखती रहेगी।