नई दिल्ली: दिल्ली के जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के खुले गड्ढे में गिरकर हुई युवक की मौत के मामले में सियासत और कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस और भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि इस पूरे मामले में दोषियों को बचाने के लिए बड़े स्तर पर ‘कवर-अप’ (साजिश) की जा रही है। उन्होंने कोर्ट की कार्यवाही का हवाला देते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
CCTV फुटेज पर पुलिस का जवाब: “कैमरे काम नहीं कर रहे थे”
सौरभ भारद्वाज के अनुसार, जब कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस (DCP) से घटनास्थल और संबंधित थाने की सीसीटीवी फुटेज जमा करने को कहा, तो पुलिस ने बेहद चौंकाने वाला जवाब दिया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि उस समय CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे थे (CCTV was not functional)। सौरभ भारद्वाज ने इसे झूठ करार देते हुए कहा कि यह जानबूझकर महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश है ताकि असली सच्चाई सामने न आ सके।
ठेकेदार की गिरफ्तारी का ‘फर्जी’ सर्च ऑपरेशन?
वीडियो में एक और बड़ा खुलासा करते हुए सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि जिस ठेकेदार पर इस मौत की जिम्मेदारी है, वह 6 तारीख से ही पुलिस स्टेशन में मौजूद था। लेकिन पुलिस ने अपनी छवि चमकाने और मामले को घुमाने के लिए कागजों में यह दिखाया कि उन्होंने एक बड़ा ‘सर्च ऑपरेशन’ चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद 7 तारीख को उसे गिरफ्तार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने ठेकेदार को कागजी कानूनी दांव-पेच तैयार करने के लिए एक दिन का अतिरिक्त समय दिया।
भाजपा नेताओं पर ‘क्लीन चिट’ देने का आरोप
सौरभ भारद्वाज ने सीधे तौर पर भाजपा नेता आशीष सूद और प्रवेश वर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये नेता घटना के पहले दिन से ही सरकारी विभागों और ठेकेदार का बचाव कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया, “जब एक मासूम की जान गई है, तो भाजपा नेता उस लापरवाह ठेकेदार को क्लीन चिट क्यों दे रहे हैं? क्या भाजपा दोषियों के साथ खड़ी है?”
पुलिस और LG पर सीधा हमला
मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे केंद्र सरकार और उपराज्यपाल (LG) के अधीन है, इसलिए वह भाजपा नेताओं के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की इस ढिलाई और लापरवाही के कारण ही दिल्ली की सड़कों पर ऐसे खूनी गड्ढे बने हुए हैं। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो और दोषी पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए।

