गाजियाबाद: सीजीएसटी कार्यालय में गिरमिटिया साहित्य पर संगोष्ठी, भाषा और संस्कृति के योगदान पर हुई चर्चा
गाजियाबाद स्थित केंद्रीय जीएसटी कार्यालय में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने गिरमिटिया साहित्य, इतिहास और प्रवासी भारतीयों के संघर्ष पर अपने विचार साझा किए।
गाजियाबाद में हापुड़ चुंगी के समीप रानी झांसी मार्ग स्थित केंद्रीय माल एवं सेवाकर (सीजीएसटी) कार्यालय में मंगलवार शाम गिरमिटिया साहित्य पर एक विशेष हिंदी संगोष्ठी और पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, शिक्षक, सरकारी विभागों के अधिकारी, चिकित्सक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सीजीएसटी आयुक्त विपुल गुप्ता ने कहा कि गिरमिटिया साहित्य और हिंदी भाषा का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि हिंदी की सरल भाषा साहित्य को और अधिक समृद्ध बनाती है। उन्होंने कहा कि आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी इस साहित्य की सराहना हो रही है।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. दीप्ति अग्रवाल ने गिरमिटिया समाज के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और प्रवासी भारतीयों के संघर्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शासनकाल में संसाधनों के अभाव के बीच इस समाज, विशेषकर महिलाओं को भारी जुल्म सहने पड़े थे। उन्होंने रेखांकित किया कि मौजूदा समय में विदेशों में महिलाएं और शिक्षक इस भाषा और साहित्य को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
समारोह के दौरान गिरमिटिया साहित्य से संबंधित पुस्तकों और चित्रों की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें पारंपरिक गिरमिटिया गीतों की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। संयुक्त आयुक्त अभिषेक कुमार, संयुक्त आयुक्त साहिल सेठ और अपर आयुक्त श्रवण बंसल ने उपस्थित अतिथियों को प्रदर्शनी में रखी गई पुस्तकों और चित्रों के संदर्भ में जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन राजभाषा अधिकारी निधि कुमार झा ने किया और मंच से गजल व शायरी की प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा आज देश की सीमाओं से परे विदेशों तक विस्तृत हो चुकी है। बोलचाल और क्षेत्रीय प्रभाव के बावजूद हिंदी की व्यापकता और इसका योगदान निरंतर बना हुआ है।
उल्लेखनीय है कि सीजीएसटी गाजियाबाद आयुक्तालय की हिंदी गृह पत्रिका ‘हिंडन’ को इसी माह केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) की अखिल भारतीय पुरस्कार योजना के ‘क’ क्षेत्र में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। यह पुरस्कार दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सभागार में सीबीआईसी अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी द्वारा आयुक्त विपुल गुप्ता को प्रदान किया गया था।
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