नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के दक्षिणी के आया नगर और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग भीषण पानी के भयंकर संकट से जूझ रहे हैं। कई ब्लॉकों में तो कई-कई दिनों तक पानी पहुंच तक नहीं रहा है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को पूरी तरह पानी के टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। यहा तक की सरकारी टैंकरों की संख्या कम होने से लोग मजबूरी में प्राइवेट टैंकरों से महंगे दामों पर पानी खरीद रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्राइवेट टैंकर संचालक मनमाने दाम वसूल रहे हैं। जो पानी का टैंकर पहले 500-600 रुपए में मिलता था, अब उसके लिए 1000 से 2000 रुपए तक लिए जा रहे हैं।
आया नगर के जेड ब्लॉक की निवासी सीमा द्विवेदी ने बताया,
“नल में पानी आने का कोई निश्चित समय नहीं है। 24 घंटे में सिर्फ एक बार 10 से 15 मिनट के लिए पानी आता है। पानी भरने के लिए रात-रात भर जागना पड़ता है। इतना पानी पर्याप्त नहीं होता, इसलिए हमें प्राइवेट टैंकर मंगवाने पड़ते हैं। पहले जो टैंकर 500-600 रुपए में आता था, अब उसके 1000 रुपए लिए जा रहे हैं, जिसमें लगभग 4000 लीटर पानी होता है।”
वहीं, आया नगर फेस-5 की रहने वाली विनीता ने कहा,
“हमारे इलाके में पानी की भारी किल्लत है। प्राइवेट टैंकर मंगा-मंगाकर लोग परेशान हो चुके हैं। दिल्ली जल बोर्ड का पानी कभी-कभी आता है और उसके लिए भी पैसे मांगे जाते हैं। नलों में बिल्कुल पानी नहीं आता। प्राइवेट टैंकर वालों की मनमानी चल रही है।”
स्थानीय निवासी प्रेम कांति ने बताया कि कुछ जगहों पर एक टैंकर के लिए 2000 रुपए तक वसूले जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “भीषण गर्मी में हालात और खराब हो गए हैं। हम किरायेदार मिलकर पानी खरीदने को मजबूर हैं क्योंकि नलों में बिल्कुल पानी नहीं आता।”
इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है। रोहिणी से बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार की मिलीभगत से टैंकर माफिया फल-फूल रहा है।
उन्होंने कहा,
“दिल्ली सरकार टैंकर माफिया के साथ मिलकर पानी की चोरी करवा रही है। जनता के हिस्से का पानी चोरी करके गरीब लोगों को दो-तीन गुना दामों पर बेचा जा रहा है। एक तरफ लोग पानी की कमी से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है।”
दिल्ली में टैंकर माफिया का मुद्दा अब सत्ता के गलियारों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। बावजूद इसके, राजधानी के कई इलाकों में लोग आज भी पानी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं।

