नई दिल्ली (दिल्ली दर्पण टीवी): दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकार केवल फाइलों से नहीं, बल्कि जनभावनाओं और संवेदनाओं से चलती है। शालीमार बाग के हैदरपुर इलाके में रोड नंबर 320 के चौड़ीकरण मामले में मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप के बाद सैकड़ों परिवारों के सिर से छत छिनने का खतरा टल गया है।
सीएम के हस्तक्षेप से बचा 500 घरों का वजूद
मामला हैदरपुर गांव की उस सड़क का है जहाँ रोड नंबर 320 को 30 मीटर चौड़ा किया जाना था। शुरुआती योजना और 25 मीटर के दायरे में आ रहे कब्जों के हिसाब से यदि डिमोलिशन (तोड़-फोड़) की जाती, तो इलाके के करीब 500 घर पूरी तरह जमींदोज हो जाते। हजारों लोग बेघर होने की कगार पर थे।
लेकिन जब यह मामला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के संज्ञान में आया, तो उन्होंने विकास और मानवता के बीच संतुलन बनाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के कड़े रुख और हस्तक्षेप के बाद राजस्व विभाग ने अपनी योजना में बदलाव किया। अब इस सड़क के लिए 10-10 मीटर के दायरे को आधार बनाया गया है, जिससे 30 मीटर सड़क के लिए जरूरी जगह भी मिल जाएगी और सैकड़ों घर टूटने से भी बच गए।
राजस्व विभाग का मानवीय चेहरा
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, राजस्व विभाग ने तकनीकी और मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नया सर्वे किया। जहाँ पहले भारी तबाही की आशंका थी, वहीं अब विभाग ने ऐसी रणनीति अपनाई है जिससे कम से कम नुकसान हो। स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे ‘गरीबों की सरकार’ का बड़ा कदम बताया है।
सड़क बनने से हजारों लोगों को मिलेगी बड़ी सुविधा
रोड नंबर 320 का निर्माण केवल एक सड़क का चौड़ीकरण नहीं है, बल्कि यह उत्तरी दिल्ली की लाइफलाइन को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस सड़क के बन जाने से:
- जाम से मुक्ति: पीतमपुरा, शालीमार बाग और हैदरपुर के बीच यातायात सुगम होगा और घंटों रहने वाले ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी।
- इमरजेंसी सेवाओं में तेजी: संकरी सड़क के कारण अभी तक एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को निकलने में भारी दिक्कत होती थी, जो अब खत्म हो जाएगी।
- प्रदूषण में कमी: गाड़ियां सुचारू रूप से चलेंगी तो ईंधन की बचत होगी और इलाके में वायु व ध्वनि प्रदूषण का स्तर भी कम होगा।
- व्यापारिक लाभ: बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय मार्केट और व्यापारियों को भी फायदा पहुँचेगा।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि दिल्ली का विकास जरूरी है, लेकिन वह विकास मासूमों के घर उजाड़कर नहीं किया जाएगा। 30 मई तक का समय देकर और मुआवजे पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के निर्देश देकर सरकार ने जनता का भरोसा जीता है।

