“ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कई बड़े सवाल उठे। सबसे ज्यादा चर्चा हुई ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को मिली तुरंत जमानत और उनके कथित रसूख को लेकर।
गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जज हैं, ऐसे में कोर्ट में यह मुद्दा उठा कि क्या प्रभावशाली लोगों की वजह से जांच प्रभावित हो रही है?
दरअसल 12 मई 2026 को मॉडल और एक्टर ट्विशा शर्मा भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। शुरुआत में मामले को आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिवार ने पति समार्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि जांच सिर्फ निष्पक्ष होनी ही नहीं चाहिए… बल्कि निष्पक्ष दिखनी भी चाहिए। कोर्ट ने मीडिया ट्रायल पर भी चिंता जताई और कहा कि ऐसा माहौल बनाया जा रहा है मानो न्यायपालिका आरोपियों को बचा रही हो।
वहीं याचिकाकर्ताओं ने सवाल उठाया कि गिरिबाला सिंह को इतनी जल्दी अग्रिम जमानत कैसे मिल गई? आरोप है कि उनके पूर्व जज होने की वजह से जांच प्रभावित हो सकती है। मध्य प्रदेश सरकार ने भी उनकी जमानत रद्द करने की मांग की है।
इस केस में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब Solicitor General तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अब मामले की जांच CBI को सौंपी जाएगी। कोर्ट ने इसे निष्पक्ष जांच के लिए जरूरी कदम बताया।
इसी बीच AIIMS दिल्ली की टीम से ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम भी कराया गया है, क्योंकि परिवार का कहना था कि पहली रिपोर्ट में कई सवालों के जवाब नहीं मिले।
फिलहाल पति समार्थ सिंह गिरफ्तार हैं, गिरिबाला सिंह की जमानत पर सुनवाई जारी है, और अब पूरे देश की नजर CBI जांच पर टिकी हुई है।”

