दिल्ली दंगा अंकित शर्मा हत्याकांड : में ताहिर हुसैन समेत 5 दोषी करार
दिल्ली दर्पण ब्यूरो | नई दिल्ली | 14 जुलाई 2026
नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 के दंगों के दौरान आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के बहुचर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है। अदालत के इस फैसले के साथ छह साल पुरानी वह दर्दनाक घटना एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
दंगों के दौरान हुई थी निर्मम हत्या
25 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा चरम पर थी। आरोप है कि अंकित शर्मा को भीड़ ने घेर लिया और चांद बाग पुलिया के पास ले जाकर धारदार हथियारों, डंडों और लोहे की सरियों से हमला किया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर 50 से अधिक चोटों के निशान पाए गए थे। हत्या के बाद शव को खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया था, जिसे अगले दिन बरामद किया गया।
अदालत ने पांच आरोपियों को माना दोषी
एडिशनल सेशन जज प्रवीण सिंह की अदालत ने ताहिर हुसैन के अलावा हसीन उर्फ मुल्लाजी उर्फ सलमान, नाजिम, कासिम और समीर खान को दोषी करार दिया है। मामले में कुल 11 आरोपियों पर मुकदमा चल रहा था, जिनमें से पांच के खिलाफ आरोप सिद्ध हुए।
परिवार ने न्याय मिलने की उम्मीद जताई
अंकित शर्मा के परिवार ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि वे शुरू से दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग कर रहे थे। परिवार का कहना है कि न्याय की यह लड़ाई अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और वे दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए आगे भी कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे।
क्राइम ब्रांच की जांच बनी अहम
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के तत्कालीन विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल ने कहा कि इस संवेदनशील मामले में गहन जांच और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत तक मजबूत केस पेश किया गया। पुलिस ने कहा कि विस्तृत न्यायिक आदेश मिलने के बाद आगे की जानकारी साझा की जाएगी।
क्या था मामला?
एफआईआर के अनुसार, 25 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा कार्यालय से घर लौटने के बाद दोबारा बाहर निकले थे। इसके बाद वह लापता हो गए। अगले दिन उनका शव चांद बाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले से बरामद हुआ। इस घटना ने उस समय पूरे देश को झकझोर दिया था और यह मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा।