विभाग बदले, जिम्मेदारियां बदलीं, लेकिन नहीं बदली नजफगढ़ रोड की तस्वीर

नजफगढ़ मेन रोड पर टूटी ग्रिल और बदहाल सेंट्रल वर्ज, सड़क सुरक्षा पर उठ रहे सवाल।

नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली की प्रमुख सड़कों में शामिल नजफगढ़ मेन रोड का सेंट्रल वर्ज (डिवाइडर) वर्षों बाद भी बदहाल स्थिति में है। सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी अलग-अलग विभागों को सौंपे जाने और बड़े-बड़े दावों के बावजूद उत्तम नगर से द्वारका मोड़ तक हालात में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा है।

फरवरी में लिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत मेट्रो लाइन के नीचे आने वाले करीब 87 किलोमीटर क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और रखरखाव की जिम्मेदारी दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को सौंपी गई थी। इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि नजफगढ़ रोड की दशा सुधरेगी, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर बदलाव दिखाई नहीं दे रहा।

उत्तम नगर से द्वारका मोड़ के बीच सेंट्रल वर्ज पर लगे लोहे के सुरक्षा ग्रिल कई स्थानों से गायब हैं। वहीं सीमेंट बैरियर क्षतिग्रस्त पड़े हैं और हरियाली की जगह धूल व झाड़ियां नजर आती हैं। सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने के कारण लोग तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पार करने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि मेट्रो स्टेशनों के नीचे के क्षेत्रों में भी अतिक्रमण और अव्यवस्था की समस्या बनी हुई है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि जब छोटे क्षेत्र की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना चुनौती बना हुआ है, तो इतने बड़े सड़क नेटवर्क का रखरखाव किस तरह किया जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार सेंट्रल वर्ज पर मजबूत ग्रिल और घनी हरियाली सड़क सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं। इससे एक ओर वाहन चालकों को सामने से आने वाली तेज रोशनी से राहत मिलती है, वहीं दूसरी ओर पैदल यात्रियों को असुरक्षित तरीके से सड़क पार करने से रोका जा सकता है।

फिलहाल उत्तम नगर से द्वारका मोड़ तक बदहाल सेंट्रल वर्ज प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को साफ तौर पर उजागर कर रहा है। स्थानीय लोग अब जल्द सुधारात्मक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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