नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के द्वारका और उत्तम नगर क्षेत्र में सड़कों और सर्विस लेन के बीच खड़े बिजली के खंभे तथा ट्रांसफार्मर वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद संबंधित विभाग और सरकारी एजेंसियां इस गंभीर समस्या की अनदेखी कर रही हैं।
सड़क सुरक्षा को लेकर सरकारी दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। योजनाबद्ध तरीके से विकसित की गई द्वारका उपनगरी हो या फिर घनी आबादी वाला उत्तम नगर क्षेत्र, दोनों ही इलाकों में सड़कों के बीच मौजूद बिजली के ढांचे लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं।
द्वारका सेक्टर-3 स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) के सामने बनी सर्विस लेन इसका प्रमुख उदाहरण है। यहां सर्विस लेन के बीचों-बीच कई बिजली के खंभे खड़े हैं, जिन्होंने सड़क के बड़े हिस्से को घेर रखा है। ऐसे में वाहन चालकों को संकरी जगह से गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय और खराब मौसम में यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
उत्तम नगर क्षेत्र में भी कई स्थानों पर बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर सड़क और सर्विस लेन के बीच बने हुए हैं। इससे न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि पैदल यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, संबंधित विभागों को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इन खतरनाक अवरोधों को नहीं हटाया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि सड़कों और सर्विस लेन के बीच बने बिजली के खंभों एवं ट्रांसफार्मरों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस समस्या का समाधान कब तक करता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होती है।
