प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ कार्यक्रम में छोटे और वंचित बस्तियों के विकास पर विशेष जोर देने के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे “भारत के समावेशी विकास के लिए ऐतिहासिक कदम” बताया है। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार कमजोर आर्थिक वर्गों, अनियमित बस्तियों और छोटे आवासीय इलाकों को केंद्रित करते हुए लगभग 700 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान वंचित वर्ग की जिंदगी में वास्तविक बदलाव लाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने बयान में कहा कि छोटे बस्तियों के लिए इतनी बड़ी धनराशि का आवंटन मोदी सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें विकास के केंद्र में केवल बड़े शहर या मुख्य क्षेत्र ही नहीं, बल्कि समाज के सबसे निचले पायदान पर मौजूद परिवार भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं—जैसे साफ-सफाई, जलापूर्ति, सीवर लाइनें, सड़कें और स्ट्रीट लाइटिंग—की गुणवत्ता सुधारने में किया जाएगा, जिससे लाखों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ होगा।
रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि बड़े शहरों की चमक-दमक के बीच अक्सर उन इलाकों को नज़रअंदाज़ किया जाता है जहाँ असल भारत बसता है। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के इस निर्णय ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार छोटे इलाकों को भी उतनी ही प्राथमिकता दे रही है, जितनी विकसित शहरी हिस्सों को दी जाती है। उन्होंने कहा कि जब तक देश के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ नहीं पहुँचता, तब तक विकास अधूरा रहता है—और यह घोषणा उसी लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली की कई बस्तियों में आज भी मूलभूत सुविधाएँ एक चुनौती बनी हुई हैं। पानी की अनियमित आपूर्ति, संकरी सड़कों पर बढ़ता दबाव, गंदगी, बिजली के पुराने ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएं अब भी बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र द्वारा प्रदान की गई अतिरिक्त राशि से इन चुनौतियों को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
इसके अलावा, रेखा गुप्ता ने कहा कि आने वाले समय में राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर ऐसे प्रोजेक्ट लागू करेंगी, जिनका सीधा लाभ स्थानीय निवासियों तक पहुँचे। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि दिल्ली प्रशासन इस राशि का पारदर्शी और प्रभावी उपयोग करेगा, ताकि ये संसाधन केवल कागज़ों में ही नहीं, बल्कि जमीन पर भी दिखाई दें।
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने छोटे बस्तियों और झुग्गी इलाकों में रहने वाले परिवारों द्वारा झेली जा रही समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास का असली उद्देश्य उन्हीं की जिंदगी को आसान और सुरक्षित बनाना है। उनके वक्तव्य के बाद देशभर के राज्यों में उम्मीद जगी है कि आने वाले वर्षों में छोटे बस्तियों की तस्वीर बदल सकती है।
अंत में, CM रेखा गुप्ता ने कहा कि यह 700 करोड़ रुपये सिर्फ एक आर्थिक पैकेज नहीं, बल्कि एक संदेश है—कि देश का हर नागरिक, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति या रहने का क्षेत्र कैसा भी क्यों न हो, विकास का समान हकदार है। यह फैसला छोटे बस्तियों के लाखों परिवारों के लिए नए अवसर और बेहतर जीवन की राह खोलने वाला साबित होगा।
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