Tuesday, March 3, 2026
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दिल्ली में साहित्य और विचारों का महोत्सव, तीन दिवसीय दिल्ली शब्दोत्सव 2026 का आगाज़

Delhi Word Festival 2026: नए साल की शुरुआत साहित्य, संस्कृति और विचारों के महोत्सव से, दिल्ली शब्दोत्सव 2026 का आगाज़

नई दिल्ली:
नए वर्ष के स्वागत के साथ ही राजधानी दिल्ली में साहित्य, संस्कृति और विचारों का भव्य संगम देखने को मिल रहा है। दिल्ली सरकार द्वारा 2 जनवरी से तीन दिवसीय ‘दिल्ली शब्दोत्सव 2026’ की शुरुआत हो गई है। यह महोत्सव लेखकों, विचारकों, कलाकारों और पाठकों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास है, जहां शब्दों के जरिए संवाद, विमर्श और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को नई दिशा मिलेगी।

मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित यह उत्सव 2 से 4 जनवरी तक रोजाना सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक चलेगा। तीन दिनों तक साहित्यिक चर्चाओं, समकालीन मुद्दों पर संवाद और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला जारी रहेगा। दिल्ली के कला, संस्कृति और भाषा मंत्री कपिल मिश्रा के अनुसार, यह पहली बार है जब दिल्ली सरकार इस स्तर पर विचार, साहित्य और संस्कृति को एक मंच पर ला रही है, जिससे दिल्ली को एक स्थायी सांस्कृतिक पहचान मिलेगी।

100 से अधिक वक्ता, पुस्तकों का विमोचन और कवि सम्मेलन
शब्दोत्सव के दौरान देशभर से आए 100 से अधिक प्रतिष्ठित वक्ता अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम में 40 से ज्यादा नई पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा। इसके अलावा छह सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और दो विशेष कवि सम्मेलन भी आयोजित होंगे। दिल्ली-एनसीआर की 40 से अधिक यूनिवर्सिटीज के छात्र इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी करेंगे, जिससे यह उत्सव युवाओं से सीधे तौर पर जुड़ सके।

उद्घाटन समारोह में शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी
महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन 2 जनवरी को दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री कपिल मिश्रा की मौजूदगी भी इस अवसर को खास बनाएगी।

राजनीति, सुरक्षा और संस्कृति के दिग्गज होंगे शामिल
कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित कई राष्ट्रीय स्तर के वक्ता भाग लेंगे। सुनील आंबेकर, मनमोहन वैद्य, डॉ. सच्चिदानंद जोशी, सेवानिवृत्त एयर चीफ मार्शल राकेश भदौरिया, फिल्म निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी, सांसद सुधांशु त्रिवेदी, माधवी लता, विक्रमजीत बनर्जी और विष्णु शंकर जैन जैसे नाम इस उत्सव की वैचारिक गरिमा को और ऊंचाई देंगे।

संगीत, नृत्य और लोक परंपराओं से सजी शामें
हर दिन शाम को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का विशेष आयोजन होगा। हर्षदीप कौर, हंसराज रघुवंशी और प्रहलाद सिंह टिपनिया की संगीतमय प्रस्तुतियां दर्शकों को आकर्षित करेंगी। भरतनाट्यम, कथक, भजन संध्या, कवि सम्मेलन और सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन जैसे कार्यक्रम उत्सव को और खास बनाएंगे। इसके साथ ही दिल्ली के पारंपरिक और लोकप्रिय व्यंजनों का स्वाद भी दर्शक ले सकेंगे।

Gen-Z से संवाद और डीयू एंबैसडर प्रोग्राम
युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए Gen-Z डायलॉग पर विशेष सत्र रखा गया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के विभिन्न कॉलेजों में ‘डीयू एंबैसडर प्रोग्राम’ शुरू किया गया है, जिसके तहत छात्र अपने-अपने कैंपस में शब्दोत्सव का प्रचार करेंगे और युवाओं को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे।

इंटरएक्टिव स्पेस और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
महोत्सव में माइक-अप सेशन, सेल्फी कॉर्नर और इंटरैक्टिव जोन बनाए गए हैं। आम लोग ‘दिल्ली शब्दोत्सव’ की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। आयोजन को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोकप्रिय बनाने के लिए सोशल मीडिया पर विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।

सरकारी आयोजन नहीं, जन-भागीदारी का मंच
दिल्ली के कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग और सुरुचि प्रकाशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह महोत्सव केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-भागीदारी से सजा सांस्कृतिक उत्सव है। मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि ‘दिल्ली शब्दोत्सव 2026’ को हर साल आयोजित किया जाएगा। वहीं, सुरुचि प्रकाशन के राजीव तुली का मानना है कि यह महोत्सव भारतीय ज्ञान परंपरा और वैचारिक विरासत को समझने और आगे बढ़ाने का एक सशक्त मंच बनेगा।

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