Cockroach Janta Party (CJP) : सोशलमीडिया मीम से जंतर-मंतर लाइव आंदोलन तक CJPशुरुआत 16 मई 2026 को डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजिस्ट अभिजीत दीपके ने एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया अभियान के रूप में की. यह सोशलमीडिया अभियान युवाओ में इतना फ़ैलगया की आज युवा संग पार्टी के स्पोकपर्सन जंतर-मंतर तक पहुंच गई.
कैसे शुरुवात हुई CJP की ?
इसकी शुरुआत उस समय हुई जब सर्वोच्च न्यायालय की एक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की “कॉकरोच” संबंधी टिप्पणी सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बन गई. मुख्य न्यायधीश ने कॉकरोच शब्द देश के युवाओ को कहा”समाज में कुछ परजीवी (Parasites) हैं, जो व्यवस्था पर हमला करते रहते हैं। उन्हें रोजगार नहीं मिलता, पेशे में कोई स्थान नहीं मिलता, इसलिए वे कभी मीडिया, कभी सोशल मीडिया और कभी आरटीआई कार्यकर्ता बनकर हर संस्था पर सवाल उठाने लगते है”
कौन है अभिजीत दीपके और CJP के स्पोकपर्सन ?अभिजीत दीपके CJP के संस्थापक (Founder) और राष्ट्रीय संयोजक है. की शुरुआत की थी.अभिजीत दीपके पेशे से राजनीतिक संचार रणनीतिकार (Political Communication Strategist) हैं. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अभिजीत उन्होंने आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया और आईटी टीम का काम कियाऔर करते थे साथ ही उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान डिजिटल व मेम-आधारित चुनावी अभियानों पर काम किया था. CJP के सौरव दास (Saurav Das) मुख्य प्रवक्ता (Chief स्पोकेसपर्सन) है . सौरव एक खोजी पत्रकार (Investigative Journalist) हैं.विजेता दहिया (और आशुतोष रांका जों की एक अधिकरत प्रवक्ता (Official स्पोकेसपर्सन) के रूप में सामने आये है.
युवाओं में क्यों बढ़ रही है आंदोलन की आग ?
अभिजीत दीपके का डिजिटल अभियान मुख्य रूप से युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहा है.जो की युवाओ के लिए बहुत जरुरी मुद्दा है . इसलिए युवाओ में सरकार को लेकर गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है.
क्या मांग कर रहे है अभिजीत दीपके के साथ लाखो युवा?
1) केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जवाबदेही तय की जा सके. 2) पेपर लीक और परीक्षा घोटालों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. 3) बढ़ती बेरोजगारी को दूर करने के लिए ठोस रोजगार नीति बनाई जाए और रिक्त सरकारी पदों पर समयबद्ध भर्ती की जाए. 4) भर्ती परीक्षाओं और चयन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि युवाओं का विश्वास बहाल हो सके. 5)महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकार ठोस कदम उठाए. 6) शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार कर छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं.
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