दिल्ली में अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई: आखिर क्यों टूट रहे हैं लोगो के आशियाने ?
दिल्ली दर्पण ब्यूरो | नई दिल्ली | 15 जुलाई 2026
नई दिल्ली: हाल के समय में, दिल्ली में अवैध निर्माण और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई को और तेज किया गया है। नगर निगम (MCD) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) विभिन्न क्षेत्रों में बुलडोजर अभियान चला रहे हैं। कई आवासीय, व्यावसायिक इमारतों और अवैध रूप से बने हिस्सों को तोड़ा या सील किया जा रहा है।
हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सहित कई शहरों में अवैध और असुरक्षित इमारतों के मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्थानीय निकायों को विशेष सर्वेक्षण करने और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के खिलाफ समयसीमा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसी इमारतें नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती हैं।
बाकी, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी भी कार्रवाई से पहले व्यक्ति को नोटिस देना, सुनवाई का मौका देना और अपील का समय देना जरूरी है।विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में बढ़ती आबादी, अनधिकृत कॉलोनियों का विस्तार, कमजोर निगरानी और नियमों की अनदेखी ने समस्या को गंभीर बना दिया है। प्रशासन की चुनौती सिर्फ अवैध निर्माण हटाना नहीं, बल्कि नियमों के पालन को भी सुनिश्चित करना है।अब सवाल यह है कि क्या बुलडोजर कार्रवाई से समस्या का समाधान होगा, या फिर समय पर निगरानी, पारदर्शी निर्माण स्वीकृति और सख्त जवाबदेही भी जरूरी है?