- अंशु ठाकुर, दिल्ली दर्पण टीवी
दिल्ली में सड़कों पर बेसहारा गौवंश की समस्या को खत्म करने के लिए दिल्ली सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता कपिल मिश्रा ने ठोस कदम उठाए हैं। 27 मई 2025 तक, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने विभिन्न क्षेत्रों से 50 से अधिक बेसहारा गायों और सांडों को पकड़कर गौशालाओं में स्थानांतरित किया है। कपिल मिश्रा, जो दिल्ली सरकार में विकास मंत्री हैं, ने इस अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी ली है। उनका कहना है कि गौमाता को सड़कों पर नहीं, बल्कि सुरक्षित और स्वच्छ गौशालाओं में स्थान मिलना चाहिए।
यह पहल सड़क सुरक्षा और पशु कल्याण दोनों को बढ़ावा देती है। दिल्ली में बेसहारा गौवंश यातायात बाधा और दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण रहे हैं। उदाहरण के लिए, अगस्त 2024 में रोहिणी और बुरारी में गायों से टकराने के कारण दो लोगों की मृत्यु हो गई थी। इन हादसों ने प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के लिए प्रेरित किया। कपिल मिश्रा ने 26 मई 2025 को एक उच्चस्तरीय बैठक में गौशालाओं के विस्तार और नई गौशालाओं के निर्माण का रोडमैप पेश किया। घुमनहेड़ा में 40 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक मॉडल गौशाला स्थापित की जा रही है, जिसमें चारा, पानी, और पशु चिकित्सा जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

दिल्ली में 11 डेयरी कॉलोनियाँ हैं, जिनमें से कई अवैध रूप से संचालित हो रही हैं, जिससे बेसहारा गौवंश की संख्या बढ़ती है। मिश्रा ने इन अवैध डेयरियों पर नकेल कसने का निर्देश दिया है। MCD ने 122 कर्मचारियों की विशेष टीम बनाई है, जो बेसहारा पशुओं को पकड़ने और गौशालाओं में ले जाने का काम कर रही है। इसके अलावा, जनता से बेसहारा गौवंश की शिकायत के लिए एक हेल्पलाइन शुरू करने की योजना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की लापरवाही के कारण यह समस्या बढ़ी। कपिल मिश्रा ने इसे गंभीरता से लिया और गौवंश के साथ-साथ दिल्लीवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। यह अभियान न केवल सड़कों को सुरक्षित और स्वच्छ बनाएगा, बल्कि गौवंश को सम्मानजनक जीवन प्रदान करेगा। दिल्लीवासियों से अपील है कि वे इस पहल का समर्थन करें और बेसहारा गौवंश की सूचना प्रशासन को दें, ताकि दिल्ली को स्वच्छ और सुरक्षित बनाया जा सके।

