Monday, May 11, 2026
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दिल्ली में ‘नशीली दवाओं’ के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़: साढ़े 4 करोड़ की ड्रग्स जब्त; मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा था काला खेल

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने राजधानी में सक्रिय एक संगठित ड्रग नेटवर्क को नेस्तनाबूद कर दिया है। पुलिस ने इस बड़े ऑपरेशन में साढ़े 4 करोड़ रुपये मूल्य की नशीली दवाएं (Psychotropic Substances) बरामद की हैं। इस मामले में एक मेडिकल स्टोर मालिक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है।

शिव विहार तिराहे से शुरू हुआ ‘ऑपरेशन ड्रग्स’

क्राइम ब्रांच को 17 मार्च 2026 को सूचना मिली थी कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नशीली दवाओं की एक बड़ी खेप पहुंचने वाली है। पुलिस ने जोहरीपुर रोड स्थित शिव विहार तिराहे पर जाल बिछाया और बाइक सवार नितिन पाठक को एक किशोर के साथ दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से भारी मात्रा में अल्प्राजोलम (Alprazolam) और ट्रामाडोल (Tramadol) की गोलियां बरामद हुईं।

भोपुरा के मेडिकल स्टोर पर छापा, मालिक गिरफ्तार

पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के भोपुरा पहुंची। यहाँ प्रेम सिंह यादव नामक व्यक्ति के मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की गई, जहाँ से भारी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद हुए। जांच में सामने आया कि आरोपी मेडिकल स्टोर की आड़ में इन प्रतिबंधित दवाओं को ऊंचे दामों पर नशेड़ियों और छोटे तस्करों को सप्लाई कर रहा था।

लक्ष्मी नगर से जुड़ा गिरोह का जाल

जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने 21 मार्च को लक्ष्मी नगर से शालू कुमार को गिरफ्तार किया, जिसके घर से 11,955 अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद हुईं। इसके बाद 23 मार्च को गिरोह के एक और सदस्य संजय सिंह को भी दबोच लिया गया। पुलिस के मुताबिक बरामद की गई ड्रग्स का विवरण इस प्रकार है:

  • अल्प्राजोलम (3.539 kg): अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 3.5 करोड़ रुपये
  • ट्रामाडोल (1.709 kg): अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये

बिना प्रिस्क्रिप्शन के मोटा मुनाफा

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं (शेड्यूल H ड्रग्स) को अवैध तरीके से हासिल कर युवाओं को नशे के लिए बेचता था। आरोपियों के तार दिल्ली-एनसीआर के अलावा अन्य राज्यों से भी जुड़े होने की आशंका है। क्राइम ब्रांच अब इस सिंडिकेट के ‘मास्टरमाइंड’ और दवाओं की सप्लाई करने वाली बड़ी कड़ियों की तलाश कर रही है।

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