Wednesday, December 17, 2025
spot_img
HomeDELHI POLICEदिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कुछ ख़ास मांगो के साथ लिखा...

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कुछ ख़ास मांगो के साथ लिखा योगी आदित्यनाथ को पत्र

  • अंशु ठाकुर, दिल्ली दर्पण टीवी

बीते दिन सोमवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा. जिसमे सीएम रेखा गुप्ता ने यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र में हो रहे अवैध रेत खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. सीएम रेखा गुप्ता ने सीएम योगी को जानकारी देते हुए कहा कि इस अवैध खनन की वजह से यमुना नदी के तटबंध कमजोर होते जा रहे है जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है. और इस खनन की वजह से पर्यावरण को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है.

दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने CM योगी आदित्यनाथ के साथ इस मुद्दे पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT)की चिंताओं को भी शेयर किया है.उन्होंने कहा कि एनजीटी ने अंतरराज्यीय समन्वय के ज़रिए सख्त नियामक कदम उठाकर अवैध रेत खनन पर रोक लगाने की आवश्यकता जताई है. यमुना नदी के बाढ़ इलाके में हो रहे अवैध खनन की जानकारी देते करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इसे एक गम्भीर समस्या बताया है. उन्होंने कहा, यह न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि नदी के किनारे बसे लोगों के जीवन और उनकी सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकता है.

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अवैध रेत खनन को एक अंतरराज्यायी समस्या करार देते हुए कहा है कि इस पर प्रभावी रोक लगाने के लिए उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच एक संयुक्त और समन्वित प्रवर्तन तंत्र की आवश्यकता है. मुख्यमंत्री ने यह भी उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के सहयोग से इस गंभीर समस्या का स्थायी और ठोस समाधान निकल सकेगा.

एक आधिकारिक बयान में कहा, “मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया है कि वे संबंधित अधिकारियों को दोनों राज्यों की सीमाओं का संयुक्त रूप से सीमांकन करने का निर्देश दें. जिससे कि पारिस्थितिक संतुलन की प्रभावी सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके. दिल्ली सरकार के सीनीयर अधिकारी उत्तर प्रदेश समकक्षों से संपर्क बनाए हुए हैं, और दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर अवैध रेत खनन समेत अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां शेयर कर रहे हैं”.

अधिकारियों ने कहा, “अवैध रेत खनन की वजह से यमुना नदी का प्रवाह मार्ग बिगड़ रहा है और नदी तल में भी गंभीर बदलाव हो रहे हैं. यह स्थिति पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर और अपूरणीय क्षति पहुंचा रही है. इसके साथ ही,नदी के किनारे रहने वाले लोगों की जिंदगी और उनकी संपत्तियों पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है. दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर स्पष्टता की कमी है, जिससे प्रशासनिक भ्रम की स्थिति बनी हुई है.”

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments