नई दिल्ली: साउथ दिल्ली के पॉश इलाके सीआर पार्क (CR Park) में शुक्रवार को हुए दोहरे हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा ली है। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी असद सिद्दीकी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साउथ-वेस्ट दिल्ली की एडिशनल डीसीपी ऐश्वर्या सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या की वजह पैसों का पुराना लेन-देन था।
क्या था मामला और कैसे हुई गिरफ्तारी?
एडिशनल डीसीपी ऐश्वर्या सिंह ने जानकारी दी कि शुक्रवार रात करीब 9:20 बजे सीआर पार्क पुलिस स्टेशन को मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, साकेत से सूचना मिली थी कि दो पीड़ितों (राकेश सूद और उनके बेटे करण सूद) को मृत घोषित कर दिया गया है। वहीं, एक अन्य घायल रिश्तेदार का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
जांच में सामने आया कि आरोपी असद सिद्दीकी ने शुक्रवार शाम करीब 6 बजे ही तीनों पीड़ितों पर चाकू से जानलेवा हमला किया था। पुलिस ने तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance), डिजिटल फुटप्रिंट्स और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पैसे का लेन-देन बना मौत का कारण
पुलिस पूछताछ में हत्या के पीछे का मुख्य मकसद पैसों का लेन-देन निकलकर सामने आया है। आरोपी असद सिद्दीकी और मृतक बाप-बेटे के बीच किसी पुराने आर्थिक विवाद को लेकर रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने दोनों की हत्या कर दी। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई आरोपी की गाड़ी को भी जब्त कर लिया है और असद के खिलाफ सीआर पार्क थाने में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।
पहले भी दर्ज हो चुका है मामला
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी असद सिद्दीकी कोई पहली बार अपराध नहीं कर रहा है। उसके खिलाफ साल 2005 में संगम विहार पुलिस थाने में भी एक आपराधिक मामला दर्ज किया जा चुका है। आरोपी का पूर्व में अपराधी रिकॉर्ड होना उसकी आपराधिक प्रवृत्ति को दर्शाता है।
पुलिस की तत्परता पर उठे सवाल और फिर जवाब
सीआर पार्क जैसे पॉश इलाके में हुई इस वारदात ने लोगों को हिलाकर रख दिया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस की टीम ने जिस तत्परता से 24 घंटे के भीतर वैज्ञानिक साक्ष्यों और डिजिटल इंटेलिजेंस का उपयोग करके आरोपी को पकड़ा है, उसने इलाके में कानून-व्यवस्था पर फिर से भरोसा बहाल करने का काम किया है। पुलिस फिलहाल मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस हमले में कोई और व्यक्ति भी शामिल था।

