Saturday, May 16, 2026
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उपचुनाव के मैदान में उतरी सुरभि जाजू

शिवानी मोरवाल, संवाददाता

दिल्ली। 28 फरवरी को दिल्ली की 5 सीटों पर उपचुनाव होने जा रहें है। जिसमें सभी पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम की भी घोषणा कर दी है। आपको बता दें कि वार्ड नंबर 62 के लिए भाजपा की तरफ से उम्मीदवार के रुप में सुरभि जाजू को चुना गया है, जो पूर्व निगम पार्षद रेणु जाजू की पुत्रवधु है।

बता दें कि 8 फरवरी को सुरभि जाजू की नमांकन प्रक्रिया को पूरा कराने और लोगों को सम्बोधित करने के लिए शालीमार गांव में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रुप से भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता, जिला अध्यक्ष राजकुमार भाटिया सहित तमाम भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

आदेश गुप्ता ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहां कि हमने इस उपचुनाव के लिए शालीमार गांव की एक साधारण सी कार्यकर्ता को चुना है। जो पूर्व निगम पार्षद की पुत्रवधु है और साथ ही कहां कि मुझे उम्मीद है कि शालीमार गांव की जनता ने जिस तरह से पूर्ण बहुमत के साथ स्वागीय निगम पार्षद रेणु जाजू को जिताया था। उसी तरह से सुरभि जाजू को भी बहुमत दिलायेगी।

कार्यक्रम में प्रत्याशी सुरभि जाजू का हौसला बढ़ते हुए जिला अध्यक्ष राजकुमार भाटिया ने कहा कि हमे पूरी उम्मीद है कि सुरभि जाजू पूर्ण रुप से बहुमत पाकर ये सीट भी भाजपा की झोली में डाल देंगी और साथ ही साथ हमारी उम्मीदों पर भी खरी उतरेंगी।

बता दें कि सुरभि जाजू पूर्व निगम पार्षद रेणु जाजू की पुत्रवधु और साथ ही कई सालों से भाजपा की कार्यकर्ता भी रही हैं। जब सुरभि जाजू के पुछा गया की शालामार गांव में किन मुद्दों के साथ वो मैदान में उतरने वाली है तो उनका कहना था कि सबसे पहले सफाई का मुद्दा है और इसी के साथ चुनाव जीतने के बाद मैं अपनी मम्मी (पूर्व निगम पार्षद) का डिस्पेंसरी बनाने के अधुरे सपने को पूरा करुंगी। 

किसान आंदोलन की आंच तेज कर रहे हैं नौजवान

खुशबू काबरा, संवाददाता

नई दिल्ली। राजधानी के सभी बोर्डर पर किसान आंदेलन के मशाल की लपटें तेजी से उठ रही है। उसकी आंच को तेज करने में नौजवानों की भूमिका अहम् हो गई है। किसानों की आवाज़ को बुलंद करे और आंदालन को आगे बढ़ाते हुए नौजवान बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। उनमें अनूप सिंह चानौत और चरखी दादरी के अंकुर सांगवान मंदौला कल तक किसान आंदोलन के मात्र समर्थन में सबसे खड़े थे, वे अब टीकरी बार्डर पर हो रहे किसान आंदोलन के कार्यकर्ताओं के प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल हो गए हैं।

हिसार के गांव में रहने वाले अनूप सिंह मेडिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। जिस दिन उन्हें किसान आंदोलन का पंजाब से दिल्ली आने का पता चला, तो वे उसी समय बिना किसी की अनुमति के जंतर–मंतर पहुंच गए और किसानों के साथ समर्थन में खड़े हो गए। वहां से उनको पुलिस ने हिरासत में ले लिया। शाम को छूटने के बाद वे सिंघु बार्डर पहुंच गए ओर फिर 30 दिसम्बर को टीकरी बार्डर निकल गए।  बाद में उन्होंने संयुक्त किसान मोर्चा से मिलकर वालंटियरों की टीम बनाई और किसानों का नंबर जोड़ना शुरु कर दिया।

अनूप सिंह का कहना हैं कि किसान का बेटा होने के नाते वे किसान आंदोलन में जरुर अपना सहयोग देंगे। हम उनके साथ उनकी लड़ाई में खड़े रहेंगे। अब तक 72 हजार किसानों के नंबर वह जोड़ चुके हैं। जिसमें देश के नौजवान भी जुड़े हुए हैं। किसानों से जुड़े कोई भी जानकारी उनके द्वारा वाट्सएप ग्रुप पर साझा की जाती है।

ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि वैशाखी से पहले सरकार उनकी बात मान जाएगी और उनका काम हो जाएगा। उन्होंने 25 दिसम्बर से लेकर 30 दिसम्बर के बीच चरखी दादरी से लेकर दिल्ली के किसान घाट तक 150 किलोमीटर की पैदल यात्रा निकाली थी। तभी उन्हें नांगलोई में पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। बाद में पुलिस ने छोड़ा तो वह पूरी तरह टीकरी बॉर्डर पर किसानों की सेवा में लग गए। 

एमसीडी उपचुनाव के लिए हम है तैयार- ममता

शिवानी मोरवाल, संवाददाता

दिल्ली। 28 फरवरी को दिल्ली की 5 सीटों पर उपचुनाव होने जा रहें है। जिसको लेकर सभी पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के भी नाम की घोषणा कर दी है। आपको बता दें कि  वार्ड नंबर 62 के लिए काग्रेंस की तरफ से बनाई गई उम्मदीवार ममता योगेश आर्य ने  8 फरवरी को अपनी नमांकन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सहीपुर के स्थानीय मंदिर में पूजाअर्चना के बाद से तमाम कार्यकर्ताओं के साथ निकली। साथ ही उन्होंने वार्ड में एक पदयात्रा भी निकाली।

पदयात्रा के दौरान प्रत्याशी ममता से जब पूछा गया कि एमसीडी के इस सेमिफाइनल के लिए वे और उनकी पार्टी कितनी तैयार है, तो उनका कहना था कि हम इस सेमिफाइनल के लिए पूरी तरह से तैयार है। साथ ही हम सभी को बता देंगे कि कांग्रेस पार्टी कमजोर नहीं है। हम इस बार पूरे जोश और उत्साह के साथ शालीमार गांव के लोगों के लिए काम करेंगे।

जब हमारी टीम ने सेमिफाइनल के मुद्दा के बारे में जनना चाहा तो प्रत्याशी ममता का कहना था कि हमारा सबसे अहम मुद्दा इस बार सफाई को लेकर होगा। क्योंकि वार्ड नंबर 62 को सबसे ज्यादा सफाई की जरुरत है। आपको बता दे की निगम पार्षद ना होने की वजह से शालीमार गांव में गंदगी का अंबार लगा रहता है। पर अब देखने वाली बात ये होगी की इस बार जनता किसकी झोली में अपना फैसला डालती है।

लाल किला हिंसा का आरोपी सुखदेव चंडीगढ़ से गिरफ्तार

काव्या बजाज, संवाददाता

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले पर हुई हिंसा के आरोपी सुखदेव सिंघ को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया है। दरअसल स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम को सूचना मिली थी कि हिंसा का आरोपी चंडीगढ़ में छुपा हुआ है। जिसके बाद एक्शन में आते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। उसे लेकर पुलिस दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी है और आगे की कार्यवाही करते हुए उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार पुलिस के आने की सूचना मिलने के बाद 50 हज़ार रुपए के ईनामी बदमाश ने वहां से भागने की कोशिश भी करी। वह चंडीगढ़ से रवाना होने की कोशिश कर रहा था, जिसमें उसे कामयाबी भी मिली लेकिन पुलिस की जद्दोजहद की वजह से तीसरी कोशिश में सफलता उनके हाथ लगी।

आपको बता दें कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान काफी समय से बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसकी वजह से उन्होंने ऐलान किया था कि 26 जनवरी को शांतिपूर्वक ट्रैक्टर रैली निकालेंगे। लेकिन उस दिन दिल्ली दंगों की शिकार हो गई जिसमें कई लोगों पर आरोप लगे और तब से पुलिस उनकी तलाश कर रही है। जिसमें सुखदेव सिंघ का नाम भी शुमार है। हिंसा के मामले में अब तक करीब 126 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

प्रधानमंत्री का बड़ा ऐलान, स्थानीय भाषा में मेडिकल व तकनीकी कॉलेज

काव्या बजाज, संवाददाता

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 फरवरी को एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य में एक ऐसा मेडिकल और तकनीकी कॉलेज खोले जाएंगे, जहां पर स्थानीय भाषा में पढ़ाई करवाई जाएगी। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्वनाथ और चरईदेव में दो कॉलेज के शिलान्यास के दौरान कही। उन्होंने कहा कि इस तरह के कालेज खोलना  उनका सपना है।

शिलान्यास के समय अपने सपने के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि असम में चुनावों के बाद इसपर कार्य की शुरुआत की जाएगी। जिसके बाद उन्होंने बताया कि पहले असम में स्वास्थ्य की सुविधाएँ काफी पिछड़ी थी, लेकिन 2016 के बाद से ही इसपर कार्य किया गया है। और कई नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं, ताकि असम किसी भी तरह से पिछड़ा ना लगे।

इसके बाद महामारी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश को कोरोना के रुप में हर दिन एक नई चुनौती देखने को मिली है। जिसका सामना देश ने बहुत अच्छे तरीके से किया है। देश में टीकीकरण अभियान को इतनी सफलता मिल चुकी है कि WHO ने भी इसकी तारीफ की है। उन्होंने बताया कि बजट में स्वास्थ्य की सुविधाओं पर खासा ध्यान दिया गया है, ताकि किसी भी क्षेत्र में लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्याएं नहीं झेलनी पड़े और आगे चल कर इसी तरह भारत हर मुश्किल का सामना करता रहे।