Saturday, May 16, 2026
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“आप” की प्रत्याशी सुनीता मिश्रा उतरी उपचुनाव के मैदान में

शिवानी मोरवाल, दिल्ली दर्पण टीवी

दिल्ली। दिल्ली में उपचुनावों की तैयारी जोरो शोरो पर है आपको बता दें कि वार्ड न. 62 से आम आदमी पार्टी की तरफ से सुनीता मिश्रा को उम्मीदवार के रुप में चुना गया है। 8 फरवरी को उपचुनावों के नमांकन प्रक्रिया के लिए विधायक बंदना कुमारी सहित तमाम पार्टी कार्यकर्ता सुनीता मिश्रा का हौसला बढानें पहुंचे।

बता दें कि सुनीता मिश्रा शालीमार गांव की स्थानीय निवासी है और कई सालों से आप की कार्यकर्ता भी है। सुनीता मिश्रा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने बहुत ही विश्वास के साथ इस उपचुनाव की जिम्मेदारी मुझे दी है और मैं पूरी कोशिश करुंगी की पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं की विश्वास को पूरा करते हुए इस सीट को आप की झोली में डालू।

जब सुनीता मिश्रा से पूछा गया की इस चुनाव में वो किस पार्टी को अपने सामने दीवार के रुप में देखती है तो उन्होंने कहा कि मैं किसी को अपने सामने दिवार के रुप में नहीं देख रही। आम आदमी पार्टी सबसे अलग है और सबसे आनोखी है, जो हमेशा लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरेगी।

Timar Pur- एमसीडी की टिकट के लिए परिक्रमा नहीं पराक्रम दिखायें कार्यकर्त्ता : -दलीप पांडेय, विधायक 

-तिमर पुर विधायक दलीप पांडेय ने मासिक मीटिंग में टिकटार्थियों को चेताया

 -विधान सभा कार्यालय पर हर माह होती है समीक्षा बैठक

 -स्थानीय संगठन के हाथ में है सत्ता की शक्ति 

-दिल्ली दर्पण ब्यूरो 

दिल्ली। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दलीप पांडेय  अपनी विधान सभा तिमार पुर में हर माह की समस्याओं और विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट लेने के लिए मीटिंग करते है। पार्टी के जिन कार्यकर्ताओं को जो जिम्मेदारियां दी गयी है उनकी समीक्षा करते है। लेकिन आजकल वे एक काम और कर रहे है। वो काम है एक साल बाद होने वाले निगम चुनावों में टिकट का सपना देखने वालों को टारगेट दिखा रहे है। उन्हें समझा रहे है की टिकट के लिए मेरे या वरिष्ठ नेताओं के चक्कर ने लाएं चक्र चलाएं। आगामी नगर निगम चुनाव में टिकट चाहने वालों को चेता रहे है की वे परिक्रमा न लगाएं बल्कि पराक्रम दिखायें। दिल्ली सरकार के खूबियों और बीजेपी शाषित नगर निगम की खामियों को जनता के सामने रखे। पार्टी का विस्तार देशभर में हो रहा है ,इसमें अपनी भूमिका निभायें। इसी से उनकी दावेदारी मजबूत होगी और वे पार्टी के योग्य और अच्छे दावेदारों के नाम पार्टी के समक्ष रखेंगे। केजरीवाल जी की  नजर सब पर है उनकी नजर में जो अच्छा साबित होगा पार्टी उसे मौक़ा देगी। भले ही वह आर्थिक रूप से मजबूत न हो।

समस्याओं और विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट लेने के लिए मीटिंग

 दिल्ली दर्पण प्रतिनिधि ने एक ऐसी ही मीटिंग में उनके काम करने की स्टाइल और कार्यकर्ताओं की जोश को करीब से देखा। मौक़ा था मुखर्जी नगर इलाके में विधायक कार्यालय पर हो रही मासिक समीक्षा बैठक का। इस बैठक में करीब दो सौ कार्यकर्ता मौजूद थे। इस मीटिंग में हर वह कार्यकर्ता मौजूद था जिसे जिम्मेदारी दी गयी है वह कार्य प्रगति की रिपोर्ट को बयान कर रहा था। इस मीटिंग में कई कार्यकर्ता और आरडब्लूए सदस्य ऐसे भी थे जिनके हाथ में शिकायती पत्र भी था। इस शिकायती पत्र को वे के बॉक्स में डाल रहे थे।

विधान सभा की समस्याओं और सुविधाओं पर संवाद हो रहा था। सचमुच यह एक आदर्श नेता की आदर्श व्यवस्था का एक आदर्श उदाहरण नजर आ रहा था। आप नेता दलीप पांडेय पार्टी में बड़ी बड़ी जिम्मेदारियां बखूबी निभाते आ रहे है। उनके लहजे में न कभी नाराजगी झलकती है और स्वभाव में सख्ती। हर परिस्तिथित में वे प्रसन्न नजर आतें है और हर कार्यकर्ता को पूरा अटेंशन देते नजर आतें है। यही वजह है की जो उनसे मिलता है प्रभावित नजर आता है। इलाके में बड़ी संख्या में अलग अलग विचारधाराओं के लोग आम आदमी पार्टी से लगातार जुड़ रहे है तो इसकी वजह भी यही है। इस मीटिंग में भी दलीप पांडेय ने इलाके के प्रमुख लोगों को आम आदमी पार्टी की टोपी पहनकर आम आदमी पार्टी परिवार का हिस्सा बनाया।

पार्टी से नए जुड़े लोगों का स्वागत करते हुए दलीप पांडेय 

दलीप पांडेय का स्वभाव बेशक स्पष्टवादी है लेकिन लहज़ा सहज होने से वह अखरता नहीं है। किसी को झांसा देना उनका स्वभाव नहीं। यही वजह है की विधान सभा में टिकट चाहने वालों को भी वे साफ़ चेतावनी देते है की वे टिकट की सिफारिश ही कर सकतें है लेकिन आखरी फैसला पार्टी का ही होता है। बहरहाल दलीप पांडेय बेशक कुछ भी कहतें है ,लेकिन आम कार्यकर्ताओं का मानना है की पार्टी में उनकी मंशा का सभी मान करते है। जितना काम करके अपनी इमेज बनाना जरूरी है उतनी ही इमेज दलीप भाई के दिल में बनाना जरूरी है।  

700 स्कूल, तीन लाख बच्चे लेकिन एक को भी नहीं मिलीं कॉपी-किताबें

डिम्पल भारद्वाज, संवाददाता

नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम का एक और बड़ा कारनामा सामने आया है। बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई का दावा किया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष का शिक्षा सत्र खत्म होने जा रहा है। लेकिन निगम के 700 प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 3 लाख बच्चों में से एक को भी अभी तक किताबें, कॉपी या स्टेशनरी नहीं दी जा सकी है। यह खुलासा उत्तरी दिल्ली नगर निगम में कांग्रेस दल के नेता और वरिष्ठ निगम पार्षद मुकेश गोयल ने सोमवार को बजट पर चर्चा के दौरान किया।

निगम की खस्ता हालत के लिए दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी एवं भारतीय जनता पार्टी को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में शिक्षा, सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में उत्तरी दिल्ली नगर निगम का प्रदर्शन शून्य रहा है। निगम विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को किताबों-कॉपियों, स्टशेनरी, बस्ता, वर्दी, जूते और दूसरे मदों में पूरा शिक्षा सत्र बीत जाने के बावजूद एक पैसा जारी नहीं किया गया। आयुष और एलोपैथिक अस्पतालों में मरीजों के इलाज के लिए दवाईयां तक नहीं खरीदी गईं। दूसरी ओर सफाई कर्मचारियों के वेतन व ऐरियर के साथ ही झाड़ू व अन्य सामान की कमी की वजह से पूरे साल जगह जगह कूड़े के ढेर लगे रहे, जो अब भी लगे हुए हैं।

निगम विद्यार्थियों को नहीं मिलीं किताबें, कापियां व स्टेशनरी

श्री मुकेश गोयल ने अपने बजट वक्तव्य में आंकड़े पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2020-21 के लिए संशोधित बजट बढ़ाकर 1042 करोड़, 55 लाख, 80 हजार रूपये कर दिया है। इसके बावजूद इस साल छात्र-छात्राओं को वर्दी (यूनीफार्म) के लिए दी जाने वाले 1100 रूपये, स्कूल बैग के लिए दिये जाने वाले 120 रूपये, स्टेशनरी खरीदने के लिए दिये जाने वाले 150 रूपये, प्री-प्राइमरी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को खिलौने खरीदने के लिए 130 रूपये, प्री-प्राइमरी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं की वर्दी के 1100 रूपये, निगम प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति/जन जाति/ अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं को स्टेशनरी खरीदने के लिए दिये जाने वाले 1 हजार रूपये की राशि में से एक रूपये का भी भुगतान नहीं दिया गया है।

छह माह का मिड डे मील लैप्स

मुकेश गोयल ने कहा कि निगम विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का वर्ष 2020-21 का जुलाई 2020 से दिसंबर 2020 तक का छह महीने का कच्चा मिड डे मील लैप्स हो गया। एफसीआई के गोदामों से कच्चा राशन उठाने के लिए दिल्ली सरकार ने निगम को 16 अक्टूबर, 2020 और 9 दिसंबर, 2020 को दो पत्र लिखे थे। जुलाई 2020 से बच्चों को हर महीने मिड डे मील के रूप में कच्चे राशन की किट उपलब्ध करायी जानी थी। निगम की ओर से दावा किया गया है कि मार्च से जून 2020 तक के मिड-डे मील का अलाउंस बच्चों के खातों में जारी किया गया है। लकिन सच्चाई यह है कि नगर निगम मई और जून महीनों के मिड-डे मील का नकद भुगतान भी अभी तक नहीं कर पाया है।

चुनावी जुमला हैं ‘आहार वैन’ व ‘क्योस्क’ योजना

श्री मुकेश गोयल ने कहा कि स्थायी समिति अध्यक्ष द्वारा ‘आहार वैन योजना’ और ‘पार्कों में क्योस्क’ योजना की घोषणा केवल चुनावी जुमला हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित वार्ड के 25 हजार रूपये सालाना आय वाले बेरोजगार युवाओं को ‘आहार वैन’ और पार्कों में क्योस्क का आबंटन किया जायेगा। लेकिन क्या पार्षदों द्वारा जारी किये गए 25 हजार रूपये की वार्षिक आय के प्रमाण पत्र मान्य होंगे? क्योंकि आय प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार केवल राज्य सरकार के एसडीएम के पास होता है।

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार यदि मनमानी नहीं करती तो नगर निगमों की हालत खस्ता नहीं होती। उन्होंने कहा कि आसानी से समझा जा सकता है कि इसमें से औसतन हर वार्ड के हिस्से में सालाना करीब एक करोड़ रूपये से ज्यादा की राशि आती है। इस राशि से हर वार्ड में बड़े स्तर पर विकास कार्य कराये जा सकते थे, जो कि फंड रोके जाने की वजह से नहीं कराये जा सके।

कांग्रेस के कार्यकाल में निगम को मिला ज्यादा फंड

मुकेश गोयल ने तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए कहा कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार नगर निगमों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने ने 6 वर्षां में उत्तरी दिल्ली नगर निगम को मिलने वाले फंड में 4563.10 करोड़ रुपये की कटौती कर दी।

North MCD-बजट चर्चा में कांग्रेसी दल के नेता मुकेश गोयल ने दिया भाजपा का साथ – विकास गोयल

डिम्पल भारद्वाज, संवाददाता

दिल्ली।। आज निगम की बजट बैठक में कांग्रेसी दल के मुकेश गोयल नेता अपनी बजट चर्चा में विपक्षी पार्टी होते हुए भी सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी का साथ देते नजर आए। वे जहां एक तरफ कांग्रेस की दिल्ली में श्रीमती शीला दीक्षित की सरकार की तुलना आम आदमी पार्टी की सरकार से करते हुए वर्तमान दिल्ली सरकार पर निगमों का कम राशि देने के आरोप लगाते नजर आए वहीं दूसरी तरफ उन्होंने अपने बजट भाषण में माना की जहां वर्ष 2012-13 में कांग्रेस की दिल्ली सरकार ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम को 783 करोड़ रुपए दिए वहीं वर्ष 2019-20 में आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने इसे बढ़ाकर 1561 करोड़ रुपए कर दिया जो कि कांग्रेसी सरकार के मुकाबले अब दुगनी राशि हो गई है।

नेता विपक्ष विकास गोयल ने कहा कि आम आदमी पार्टी शुरू से ही कहती आ रही है कि दिल्ली में कांग्रेस पार्टी भाजपा की बी पार्टी है और अंदर खाते दोनों पार्टी एक है। उन्होंने आगे कहा कि श्री मुकेश गोयल ने अपने बजट भाषण में निगम में सत्तारूढ़ भाजपा की कमियां बताने की बजाय वे आम आदमी पार्टी के नेता विपक्ष के बजट भाषण की कमियां निकालने में लगे रहे।

नेता विपक्ष ने बताया कि कांग्रेस दल के नेता श्री मुकेश गोयल अपने बजट भाषण में आंकड़ों के मकड़जाल में उलझे हुए दिखाई दिए और उन्होंने निगम में हो रहे भ्रष्टाचार की अनदेखी करते हुए पक्ष रूप से भाजपा की कमियों को ढकने का काम किया। विकास गोयल ने कहा कि कांग्रेस दल के नेता,  मुकेश गोयल को नेता विपक्ष के द्वारा सत्तारूढ़ भाजपा के भ्रष्टाचार को और जोर शोर से उजागर करना चाहिए था परंतु उन्होंने भी भ्रष्टाचारी अधिकारियों को परोक्ष रूप से संरक्षण देने का काम किया।

दिल्ली -कर्मचारियों के लिए वेतन नहीं पर एमसीडी के खर्चे पर पतंग उड़ने , देश विदेश की यात्रा कर मौज उड़ाते है बीजेपी नेता : दुर्गेश पाठक 

-दिल्ली दर्पण 

दिल्ली। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने आरोप लगाया है कि दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष, पार्षद, महापौर, नेता समेत अन्य सभी अधिकारी एमसीडी का पैसा देश-विदेश घूमने में बर्बाद कर रहे हैं। एक तरफ उनके पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने के पैसे नहीं है तो वहीँ दूसरी तरफ वे एमसीडी का पैसा देश विदेश की यात्रा पर बर्बाद कर रहे है।आप नेता दुर्गेश पाठक ने पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता में एमसीडी के पेपर दिखते हुए बीजेपी से अगले 48 घंटों में इसकी पूरी जानकारी जनता के सामने लाने की मांग की है। 

दुर्गेश पाठक ने कहा की एमसीडी के कर्मचारी कोरोना काल में भी काम करते रहे लेकिन उन्हें अपने वेतन के लिए कभी सडकों पर प्रदर्शन किया तो कभी रामलीला मैदान में , कभी एलजी हाउस के घर के सामने तो कभी प्रधान मंत्री और ग्रह मंत्री के घर के समाने। एमसीडी कर्मचारियों को वेतन तो नहीं मिला लेकिन लाठियों की मार जरूर मिली। एमसीडी के हज़ारों पूर्व कर्मचारी पेंशन के लिए परेशान है। लेकिन बीजेपी शासित एमसीडी के पास इनके लिए पैसे नहीं है लेकिन एमसीडी के पैसों से मौज मस्ती के लिए पैसा खर्च करने में इन्हे शर्म नहीं आती।  

दुर्गेश पाठक ने बताया कि, प्रीति अग्रवाल जी, जो कि महापौर रहीं हैं, उन्होंने एमसीडी के खर्च पर यात्रा की। आदेश गुप्ता जी पतंग उड़ाने के लिए एमसीडी के पैसों पर महाराष्ट्र के बेलगांव गए। अवतार जी, जो कि महापौर रहे हैं, एमसीडी के पैसों पर काठमांडू गए। पार्षद रह चुकी गरिमा गुप्ता जी औरंगाबाद गई, जिसके लिए एमसीडी के पैसे खर्च किए। आदेश गुप्ता जी फिर से एमसीडी के पैसों पर मुंबई गए। छैल बिहारी गोस्वामी जी, जो कि वार्ड समिति के अध्यक्ष हैं, वह एमसीडी के पैसों पर मुंबई गए और उनके साथ उनका पूरा लाव लश्कर गया। अवतार जी एक बार फिर एमसीडी के पैसों से गुजरात गए और एक बार कल्चरल फेस्टिवल मनाने के लिए काठमांडू पहुंचे।  

दुर्गेश पाठक ने कहा, आम आदमी पार्टी की मांग है कि अगले 48 घंटों के अंदर भारतीय जनता पार्टी की एमसीडी विस्तार में प्रस्तुत करे कि इनके पार्षद, महापौर, नेता व अधिकारी, सभी एमसीडी के खर्चे पर कहां-कहां घूमने जाते हैं। जब यह जनता के सामने प्रस्तुत किया जाएगा तो जनता को पता चल जाएगा कि एमसीडी का पैसा जो कि कर्मचारियों को नहीं दिया जा रहा है लेकिन यह पैसा अपने घूमने फिरने के शौक को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। देश विदेश की यात्राओं में खर्च हो रहा है। इसकी पूरी जांच होनी चाहिए और जनता को पता होना चाहिए कि किस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से अनैतिक काम कर रही है, एमसीडी को खोखला कर रही है और एमसीडी को पूरी तरह से खत्म कर रही है।