Friday, May 15, 2026
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मुद्दे से भटका विपक्ष, भाजपा पर लगा किसानों के एंकाउंटर का आरोप

काव्या बजाज, संवाददाता

नई दिल्ली।। संसद में बजट सत्र के दौरान किसान कानून और आंदोलन को लेकर बहस पर तकरार 5 फरवरी को चरम पर तब पहुंच गया जब कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने नए कृषि कानूनों पर बात करते हुए विपक्ष से पूछा कि वे उसमें खामियां बताएं। तोमर ने  कानून के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि इस कानून से किसान टैक्स देनें से बचेंगे, जबकी राज्य के कानूनों में ऐसा नहीं है। विपक्षी पार्टियाँ हमेशा से ही आरोप लगाती आई हैं कि यह काले कानून है। तो सभी पार्टियां बताएं कि कानूनों में कहा कमी हैं।

कृषि मंत्री के सभी से सवाल करने के बाद विपक्ष इस मुद्दे को कही और ही लेकर चला गया। उन्होंने सरकार और कानूनों पर कई तरह के आरोप लगाए। कभी इसमें रिहाना का जिक्र हुआ, तो कभी ग्रेटा का। यहां तक कि शिव सेना के संजय राउत ने तो भाजपा पर आरोप भी लगा दिया।

शिव सेना के राज्य सभा सांसद संजय राउत ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि 26 जनवरी के बाद से कुछ किसानों का पता नहीं चल पा रहा है, क्या उनका एंकाउंटर कर दिया गया है?  साथ ही उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कहती है कि वह तीनों कृषि कानून किसानों के हित में ले कर आए हैं और यह उनके भले के लिए है, लेकिन जब किसानों को ही यह कानून नहीं चाहिए तो सरकार कानून वापस क्यो नहीं ले लेती।

दीप सिद्धू पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिस इंसान ने लाल किले पर झंडा लगाया वह किसका आदमी है। जब किसानों को दिल्ली की सीमा में जाने की अनुमति ही नहीं थी तो वह कड़ी सुरक्षा होने के बावजूद लाल किले के अंदर कैसे घुस आए? यह बात किसी की भी समझ में नहीं आ रही है।

मोदी सरकार शुरुआत से ही कहती आई है कि किसान आंदोलन हाईजैक हो चुका है और कई बार किसानों पर इसी तरह के झूठे आरोप भी लगाए जा चुके हैं। जिससे देश के सामने उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि किसानों को रोकने के लिए जो इंतज़ाम किए जा रहे हैं वो अगर बॉर्डर पर किए जाते तो चीन कभी भारत की सीमां के अंदर प्रवेश ही नहीं कर पाता। सरकार को लगता है कि वह यह सब कर के जनता को भटका सकते है लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा। दो महीने से चल रहे आंदोलन में कई बार सरकार एक दूसरे पर आरोप लगाती आई है जो अभी भी जारी है।

फरीदाबाद में पुलिस ने किया नाले में मिले शव का खुलासा

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता

नई दिल्ली।। फरीदाबाद में एक कलयुगी पत्नी ने अपनी हवस मिटाने के लिए अपने प्रेमियों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या करने का मामला सामने आया है। हत्यारिन पत्नी पड़ोसी और रिश्तेदारों को झूठ बोलती रही कि उसका पति बेंगलुरू गया है। गौरतलब है कि दोनो ने बीते वर्ष 2010 में लवमैरिज की थी। बता दें कि बीते 28 जनवरी को डबुआ इलाके में नाले में एक शव मिला था। जिसका खुलासा करते हुए पुलिस ने कलयुगी पत्नी को पति की हत्या करने के जुर्म में गिरफ्तार करते हुए हत्या में शामिल उसके प्रेमी ,प्रेमी के दोस्त और मुँहबोले चाचा को  गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

तस्वीरों में दिखाई दे रही इस महिला की भोली शक्ल पर मत जाइये इसने अपनी शक्ल पर मासूमियत का लिवाज पहन रखा है। जी हां इस भोली भाली शक्ल के पीछे की जब आप हकीकत जानेंगे तो आपकी रूह कांप जाएगी। दरअसल में तस्वीरों में दिखाई दे रही इस महिला ने पति- पत्नी के पवित्र रिश्ते को शर्मसार किया है।  पुलिस के मुताबिक उन्हें बीते 28 फरवरी को डबुआ इलाके में नाले में शव मिला था। जिसे कब्जे में लेकर उन्होंने पोस्टमार्टम और पहचान के लिए फरीदाबाद के सिविल अस्पताल बादशाह खान में रखवा दिया था। जिसे मृतक के दोस्तों ने पहचान लिया था मृतक की पहचान सैनिक कॉलोनी के रहने वाले दिनेश धवन के रूप में हुई जब दिनेश धवन की पत्नी से  इसके बारे में पूछा गया तो उसने शव को पहचानने से ही इनकार कर दिया जबकि मृतक के दोस्त दिनेश को पहचान रहे थे । बस फिर क्या था पुलिस को समझने में देर नहीं लगी कि इसके पीछे हो ना हो इसी का हाँथ है।

जब पुलिस ने आरोपी महिला से कड़ाई से पूछा तो आरोपी महिला ने सारी हकीकत पुलिस के सामने उगल दी। पुलिस के मुताबिक महिला के अपने पति के दोस्त के साथ व अन्य कईयों से अवैध संबंध थे और उन्हीं के साथ मिलकर इस ने अपने पति को बीते 11 /12 जनवरी को ही सिर में डंडा मारकर और गला घोट कर हत्या कर दी थी और कई दिन तक शव को बेड में छुपा के रखा जब शव से बदबू आने लगी तो इसने हत्या में शामिल अपने प्रेमियों से कहां की लाश को ठिकाने लगा दो जिसके बाद 18 जनवरी को शव को बेड सहित ले जाकर डबुआ इलाके में स्थित नाले में फिकवा दिया था ।

इसमे गौर करने वाली बात है कि महिला और मृतिक दिनेश ने वर्ष 2010 में लव मैरिज की थी। लेकिन इसने प्यार में धोखा तो किया ही साथ साथ आरोपी महिला ने पति पत्नी के पवित्र रिश्ते के साथ विश्वासघात किया और अपनी हवस पूरी करने के लिए अपने ही पति को प्रेमियों के साथ मिलकर मोत के घाट उतारा। फिलहाल इस मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी पत्नी सहित आरोपी महिला के अपने मुंह बोले चाचा हरजीत, मुख्य आरोपी महिला के प्रेमी नितिन और नितिन के दोस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

बेटियों के सशक्तिकरण के लिए किया गया कबड्डी खेल का आयोजन।

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता

दिल्ली एनसीआर।। बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ मुहिम के तहत पृथला विधानसभा के गांव जवा में आज कबड्डी खेल का आयोजन किया गया। जिसमें आसपास के क्षेत्र के अलावा पूरे प्रदेश की खिलाड़ियों ने भाग लिया।

कबड्डी का यह नजारा पृथला विधानसभा के अंतर्गत आने वाले गांव जवा का है। जहां पर 5 फरवरी को कबड्डी का आयोजन किया गया। जिसमें छोटे-छोटे बच्चों सहित महिला खिलाड़ियों ने भी बढ़ चढ़कर भाग लिया। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर जिला पार्षद उम्मीदवार राजेंद्र भल्ला ने शिरकत की उन्होंने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा जो सरकार ने दिया है उसको आगे तक बढ़ाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।

आज हर वर्ष की तरह जवा गांव में कबड्डी खेल का आयोजन किया गया है। जिसमें लड़कों के अलावा लड़कियों ने भी बढ़ चढ़कर भाग लिया है। लड़को के साथ – साथ लड़कियों का इसमें भाग लेना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे को सशक्त करने के साथ – साथ साफ तौर पर इस बात की गवाही दे रहा है कि हरियाणा की बेटी किसी से कम नहीं है।

अब 9वीं और 11वीं स्टुडेंट्स के लिए खुले स्कूल


काव्या बजाज, संवाददाता

नई दिल्ली।। राजधानी दिल्ली में 5 फरवरी से 9वीं और 11वीं कक्षा के लिए स्कूल खोल दिए गए हैं। इससे पहले दसवीं और 12वीं की कक्षाओं के स्कूल खोले जा चुके हैं। आपको बता दें कि देशभर में कोरोना के चलते सभी स्कूलों पर ताला लगा दिया गया था। कोरोना काल में ऑनलाइन क्लास ही एक मात्र सहारा था, जिससे बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। हालांकि पढ़ाई के इस माध्यम से टीचर्स और बच्चों को काफी दिक्कतें हो रही थी।

पढ़ाई में हो रहे नुकसान को देखते हुए दिल्ली सरकार ने 18 जनवरी से 10वीं और 12वीं के लिए स्कूल खोल दिए थे। जिसके बाद अब 9वीं और 11वीं के बच्चों को बुलाने की भी अनुमति दी गई है। दिल्ली सरकार ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए कि वे कोरोना से बचने के सभी इंतेज़ाम करें।

प्रोजेक्ट और वार्षिक कार्यों के लिए खोले गए स्कूलों में नियमों के साथ मास्क और दो गज दूरी का पालन करते हुए सभी बच्चों को स्कूल बुलाया गया। उनका रिकार्ड रखा जा रहा है। उनके माता—पिता से अनुमति ली जा रही है। यदि पैरेंट्स नहीं चाहेंगे तब उनके बच्चे स्कूल नहीं भी जा सकते हैं। नियमों के आधार पर एक कक्षा में सिर्फ 12 के 14 छात्रों को अनुमति दी गई है। जिसके साथ – साथ सभी स्कूलों से कहा गया है कि अगर किसी भी टीचर और छात्र में बुखार या कोरोना का कोई भी लक्षण पाया जाता है तो उसे स्कूल में नहीं आने का आदेश दिया जाए।

राजधानी दिल्ली में लिया गया गंदगी का जायज़ा

काव्या बजाज, संवाददाता

नई दिल्ली।। दिल्ली दर्पण की टीम लगातार एक मुहिम चला रही है। साथ ही अपने दर्शकों से एक सवाल भी कर रही है कि अगर उनके क्षेत्र में कूड़ा है, तो वह हमें बताएं। उसकी जानकारी दें। इस मूहिम के ज़रिए काफी मात्रा में लोग हमसे जुड़े और उन्होंने बताया कि उनके आसपास कौन से इलाके में गंदगी है।

हमारे दर्शकों के कहने पर और उनके द्वारा बताई गई जगहों पर हम वहां का जाएज़ा लेने गए। इस दौरान हमने देखा कि दिल्ली में कई जगहों पर कूड़ा और गंदगी फैली हुई है। जिससे आम जनता काफी परेशान है। नॉर्थ दिल्ली के मेयर जयप्रकाश ने कहा था कि दिल्ली में एमसीडी के कर्मचारियों की हड़ताल अब खत्म हो चुकी है और दो दिनों के भीतर ही सभी कूड़ा हटा लिया जाएगा, लेकिन लिखे जाने के दिन एक हप्ता हो गया था, फिर भी प्रताप बाग के संगम पार्क में पड़े कूड़े को देखकर शायद ही किसी को एसा लगे कि हड़ताल वाकई में खत्म हो चुकी है।

गंदगी को देखकर जब हमने स्थानीय लोगों से बात करने की कोशिश की तो उनका कहना था कि गंदगी ने उनका जीना दुभर हो गया है। गंदगी से लोगों की सेहत बिगड़ने लगी है। कई समस्याएं भी झेलनी पड़ रही है।

जाएज़े के दौरान यह भी देखा गया कि जहां दिल्ली के कई ईलाकों में गंदगी है वहीं कुछ ईलाके ऐसे भी है जहां कर्मचारी साफ सफाई करते हुए भी देखे गए। जिसको देख कर लगता है कि शायद एमसीडी के कुछ कर्मचारियों ने हड़ताल ख्त्म कर दी है।

एक तरफ एमसीडी के कर्मचारी अपना वेतन नहीं मिलने से परेशान हैं, तो दूसरी तरफ दिल्ली की जनता गंदगी से। अब आगे देखना यह है कि कि कब तक कर्मचारियों की सभी मांगे पूरी होती है और उत्तरी दिल्ली के इलाके गंदगी से मुक्त हो पाएंगे।