Thursday, May 7, 2026
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ट्रैक्टर परेड- निर्धारित रुट मानने से किया इनकार, उग्र और बागी हो गए किसान

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

टिकरी बॉर्डर।। आंदोलनकारी किसान अपनी ट्रैक्टर रैली के लिए पुलिस द्वारा निर्धारित रुट और समय को मानने से इनकार कर दिया और 12 बजे से पहले ही दिल्ली में दाखिल हो गए। इन किसानों के लिए खाने-पीने का इंतजाम भी दिल्ली के लोगों ने कर रखा था।

रोहतक रोड से अंदर दाखिल हुए हज़ारों ट्रेक्टरों के साथ किसानों ने ऐलान किया कि वे दिल्ली से बाहर नहीं जाएंगे।


दिल्ली पुलिस की तरफ से उन्हें 12 बजे से परेड की अनुमति मिली थी, लेकिन किसानों ने उससे पहले ही सुबह-सुबह पुलिस के बैरीकेट तोड़कर अंदर दाखिल हो गए। दिल्ली पुलिस ने 150 ट्रेक्टर्स को परेड में शामिल होने की अनुमति दी थी, लेकिन उन्होंने इसे मानाने से इनकार कर दिया और 3 हज़ार से ज्यादा ट्रैक्टर दिल्ली में रोहतक रोड से दाखिल हो गए। इन किसानों का कहना है कि वे अब दिल्ली से बहार नहीं जायेंगे। किसानों की संख्या और उनके तेवर ऐसे थे की दिल्ली पुलिस के इंतजाम धरे के धरे रह गए। किसानों का कहना है कि मोदी सरकार को उनकी बात माननी ही होगी।  

टिकरी बोर्डर पर किसानो में जोश था। उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग रोहतक रोड पर जमा थे और उन्हें खाने की वस्तुएं दे रहे थे। उन लिए खाने और पानी का इंतजाम स्थानीय लोग कर रहे थे। गणतंत्र दिवस पर किसानों की ऐसी परेड उनके लिए भी अलग ही अहसास था। उन्होंने अपने जीवन में ऐसी किसान रैली नहीं देखीं।


देश 72 वां गणतंत्र मना रहा था। लोग राजपथ पर जवानों की ताकत देख रहा थे तो दूसरी तरफ किसानों का आंदोलन उन्हें उद्वेलित कर रहा था। किसानों का कहना है कि उनका असली आंदोलन तो अब शुरू हुआ है। गौरतलब है कि किसानों ने एक फरवरी को संसद कूच का आह्वान कर रखा है। अब किसान जब दिल्ली में दाखिल हो ही गए हैं तो यह सरकार के लिए चिंता की बात है।
 

फरीदाबाद में साइबर क्राइम की टीम ने पकड़े चार अपराधी

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता

दिल्ली एनसीआर।। दिल्ली NCR में लोगों को मैजिक पैन के जरिये ठगी का शिकार बनाने वाले मैजिक पैन गैंग के चार सदस्यों को फरीदाबाद की साइबर क्राइम की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। और साथ ही आरोपियों के कब्जे से साढ़े तीन लाख रुपये और कुछ मोबाईल फोन सहित मैजिक पैन बरामद किया है।

आरोपियों ने पूरे एनसीआर में अबतक लगभग 40 लोगों को अपना शिकार बना कर एक करोड़ की ठगी की है। फिलहाल पुलिस चारो आरोपियों को रिमांड पर लेकर और खुलासे के लिए पूछताछ कर रही है।


पुलिस की गिरफ्त में दिखाई दे रहे यह वही शातिर ठग है जो लोगों को मैजिक पैन के जरिये अपनी ठगी का शिकार बनाते थे।डीसीपी हेडक्वार्टर डॉक्टर अर्पित जैन की माने तो आरोपी लोगों को फोन पर सर्विस सेंटर का कर्मचारी बन कर लोगों को सस्ती सर्विस देने की बात कह कर अपने झांसे में लेते थे और जब वह उनसे चैक लेने जाते थे तो एक मैजिक पैन का इस्तेमाल करते थे और ग्राहक के सामने उसी मैजिक पैन से निर्धारित अमाउंट भरते थे। लेकिन फिर उस लिखे अमाउंट को मिटा कर अधिक अमाउंट भर कर उनके अकाउंट से अधिक रुपये उड़ा लेते थे।

डॉक्टर अर्पित जैन ने बताया कि ये शातिर आरोपी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रहने वाले है और चारो दोस्त है आरोपियों ने अबतक एनसीआर में अबतक 40 लोगों को अपना शिकार बना कर एक करोड़ रुपये की ठगी की है।

गिरफ्तार आरोपियों से साढ़े तीन लाख रुपये , कुछ मोबाईल फोन और मैजिक पैन बरामद किया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने फरीदाबाद में भी 3 लोगों इसी प्रकार से अपना शिकार बनाया था जिनकी शिरकत पर कार्यवाही करते हुए साइबर सैल ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए चारो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

रामविलास पासवान को पद्म भूषण सम्मान लोजपा के लिए गर्व की बात

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद नागर ने वर्ष 2021 के लिए स्व. रामविलास पासवान को प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान मिलने पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि यह लोक जनशक्ति पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत लोजपा सांसदों, विधायकों और समस्त कार्यकर्ताओं के लिए बेहद हर्ष और गौरव की बात है। इस गौरवान्वित करने वाले भारत के सम्मान के मिलने पर विनोद नागर ने लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को बधाई दी।

स्व. रामविलास पासवान भारतीय राजनीति में एक बेदाग व्यक्तित्व के राजनेता थे। बतौर केंद्रीय मंत्री उन्होंने जनहित के लिए कई कार्य किए और जीवन के अंतिम समय तक कोरोना काल में देशभर के जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज उपलब्घ करवाते रहे। उन्होंने बीस साल पहले लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना कर सामाजिक न्याय की जो मशाल कार्यकर्ताओं को सौंप थी, उसकी लौ और तेज हो गई है।


नागर ने कहा कि रामविलास पासवान के राजनीतिक जीवन और उनकी कार्यशैली से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। उनके व्यक्तित्व से काफी प्रेरणा ली जा सकती है। उन्होंने चार दशक पहले गैर राजनीतिक संगठन दलित सेना की भी स्थापना की थी। गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए काफी कार्य किए। उन्होंने केंद्र सरकार में श्रम कल्याण, रेल, संचार, कोल, इस्पात एवं फर्टिलाइजरउ पभोक्ता, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण के विभागों में कार्य किया। 
 

वीर चक्र विजेता राजेंद्र सिंह के नाम पर रखा सरकारी स्कूल का नाम

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता

दिल्ली एनसीआर।। पाकिस्तानियों के दांत खट्टे करने और अपने पराक्रम का लोहा मनवाने वाले वीर चक्र विजेता अमर शहीद राजेंद्र सिंह की शहादत को नमन करते हुए गांव मच करके सरकारी स्कूल का नाम उनके नाम पर रखा गया।

विधायक नयनपाल रावत ने मुख्य अतिथि के तौर पर वीर चक्र विजेता शहीद राजेंद्र सिंह के नाम का अनावरण कर उन्हें नमन किया। साथ ही उन्होंने कहा कि आज वीर शहीदों और सैनिकों की बदौलत ही हम आजादी की सांस ले रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल की बदौलत ही आज शहीदों को सही सम्मान दिया जा रहा है।

इस मौके पर उनके वीर चक्र विजेता राजेंद्र सिंह की माताजी भी और गांव के सरपंच नरेश धनकड़ व अन्य ग्रामीण भी मुख्य रूप से मौजूद रहे। विधायक नयनपाल रावत ने कहा कि जल्द ही स्कूल परिसर में वीर शहीद के नाम पर एक लाइब्रेरी भी बच्चों के लिए बनाई जाएगी।

कई किसान सगंठनों को नहीं मिली इजाजत

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता

दिल्ली एनसीआर।। कृषि कानूनों के खिलाफ दो महीनों से प्रदर्शन कर रहे किसान गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में किसान ट्रैक्टर रैली निकाल रहे हैं। लेकिन हरियाणा के पलवल में बैठे हुए किसानों को पुलिस ने दिल्ली जाने की इजाजत को नहीं दी। बता दे कि पिछले 3 दिनों से किसानों और पुलिस के बीच  बैठक चल रही थी। पुलिस कमिश्नर के साथ किसान नेताओं की बैठक बेनतीजा रही है। पुलिस कमिश्नर ने किसानों को दिल्ली में जाने की इजाजत नहीं दी है।

 
जिसके बाद किसानों ने आश्रम से होते हुए दिल्ली तक जाने का फैसला लिया है। हालांकि पुलिस की ओर से मथुरा हाईवे से दिल्ली जाने के इज़ाजत नहीं दी गई है। वही किसान नेताओं का कहना है कि वे सभी शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली पहुंचना चाहते हैं। 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकालना चाहते हैं। 


बैरहाल पुलिस की इज़ाज़त के बगैर किसान नेताओं ने ट्रैक्टरों पर झंडा लगाकर दिल्ली के आश्रम से इंडिया गेट की परेड तक जाने का फैसला कर लिया है। अब देखना ये होगा कि किसानों की रैली कहां तक कामयाब हो पाती है।