Monday, May 4, 2026
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महापौर जयप्रकाश पहुंचे हड़ताली निगम कर्मचारियों से मिलने, कर्मियों ने कहा वेतन नहीं तो काम नहीं

डिम्पल भारद्वाज, संवाददाता

दिल्ली।। आजादपुर फल मंडी में आज शनिवार को वेतन समेत अन्य मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी हड़ताल और प्रदर्शन करते दिखे। हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत करने के लिए उत्तरी दिल्ली के महापौर जय प्रकाश बात करने के लिए फल मंड़ी पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों की शिकायत और नाराज़गी को जायज़ बताया। 

महापौर ने कहा कि बीजेपी सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि निगम के कर्मचारियों का वेतन जल्द से जल्द मिले लेकिन दिल्ली की सत्ता पर काबिज़ केजरीवाल सरकार निगम कर्मचारियों को वेतन देने के मूड में नहीं है। इससे कर्मचारियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।जय प्रकाश के इतना कहने और समझाने पर भी कर्मचारी शांत नहीं हुए और उनके सामने ही मेयर वापस जाओ के नारे लगाने लगे। लेकिन काफी देर तक चले इस वार्तालाप के बाद अंतत निगम कर्मचारियों ने मेयर का साथ देने की बात कही और कहा कि भाजपा सरकार दिल्ली सरकार के खिलाफ जो भी कदम उठाएगी, हम उसके साथ हैं लेकिन हमारी मांग केवल एक ही है कि जल्द से जल्द सफाई कर्मचारियों का रुका हुआ वेतन, एरियर तो मिले ही, साथ ही जो कर्मी लंबे वक्त से पक्का होने का इंतज़ार कर रहे हैं उन्हें पक्का किया जाए।अगर यह सभी मांग पूरी नहीं होतीं तो दिल्ली में अब काम नहीं होगा।

मालूम हो कि आजादपुर फल,सब्जी मंडी में पिछले 7 जनवरी से निगम कर्मचारी काम बंद हड़ताल पर हैं। हड़ताल के शुरुआती दिन सिविल लाइन ज़ोन पर हंगामा देखने को मिला। इस दौरान कर्मचारी यूनियन, शिक्षक यूनियन, डेम्पस यूनियन और पेंशन यूनियन के लोग बड़ी तादात में सिविल लाइन ज़ोन पर पहुंचे और दिल्ली सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते दिखे।कुछ लोगों ने अपने हाथ में कुछ तख्तियां ले रखी थीं जिन पर जब.तक वेतन नहीं, तब.तक काम नहीं, ना आटा है ना दाल है, घर पर बुरा हाल है, हमारा हक हमारा वेतन, पांच महीने से बिना वेतन काम हमारा हक हमारी पेंशन, 1 2 3 4 बंद करो अत्याचार जैसे कई नारे लिखे, जिन्हें देख निगम कर्मचारियों का दर्द साफ दिखाई दे रहा था।

सभी ने एक सुर में कहा कि हमारे साथ दिल्ली सरकार और नगर निगम मिल कर खेल खेल रही है। कभी हमारे नाम की बा़ॅल दिल्ली सरकार के पाले में फेंकी जाती है तो कभी दिल्ली सरकार मामले को दिल्ली नगर निगम की गलती बता देती है। यही वजह है कि आज हम काम बंद हड़ताल कर रहे हैं।इस हड़ताल से दिल्ली एक बार फिर गंदगी के ढेर में तब्दील होती दिख रही है। जहां एक ओर दिल्ली की जनता गंदगी और अव्यवस्था से परेशान हैं तो वहीं दूसरी ओर निगम कर्मचारी जब.तक वेतन नहीं, तब.तक काम नहीं की, ज़िद पर अड़े हैं। 

बल्लभगढ़ में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता

दिल्ली एनसीआर।। बल्लभगढ़ बाईपास रोड पर अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार मृतक की हत्या चाकुओं से गोदकर की गई है।

दिखाई दे रहा है यह नजारा है बाईपास रोड का जहां पर पुलिस एक गाड़ी की जांच कर रही है जिसमें खून पड़ा हुआ है। और साथ ही एक चाकू भी मौके पर मिला है पुलिस की मानें तो देर रात उनको सूचना मिली कि एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है।

जब उन्होंने मौके पर जाकर देखा तो उसकी गर्दन पर चाकू के निशान बने हुए थे और जैसे ही उन्होंने जांच की तो कुछ ही दूरी पर गाड़ी भी खड़ी हुई मिली है जिसमें खून लगा हुआ है मृतक की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। सीआईए व अन्य टीमें इस पर काम कर रही हैं।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने किया केंद्र के फैसले का विरोध

काव्या बजाज, संवाददाता

नई दिल्ली।। कोरोना महामारी ने लोगों पर बहुत गहरा प्रभाव डाला है। जिसने दुनियाभर में तबाही भी मचा दी थी। लेकिन देश और दुनिया में तहलका तब मचा जब ब्रिटेन में कोरोना का नया रुप पाया गया। संक्रमण से लोग पहले ही परेशान थे और स्ट्रेन ने उन्हें और ज्यादा स्ट्रेस दे दिया था। जिसके बाद सभी देशों ने ब्रिटेन से दूरी बनाते हुए ब्रिटेन की उड़ानों पर रोक लगा दी थी।

लेकिन केंद्र सरकार ने ब्रिटेन की उड़ानों पर जो प्रतिबंध लगाया था सरकार ने उसे अब हठाने का फैसला लिया है। जिसपर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसका विरोध करते हुए एक ट्वीट किया और केंद्र सरकार से अपील की है कि कोरोना की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें ब्रिटेन की उड़ानों पर 31 जनवरी तक प्रतिबंध लगाना चाहिए। क्योंकि देश अभी इस स्थिति में नहीं है कि वह और कोई बीमारी का बोझ उठा सके।

एक तरफ जहां लोग कोरोना की वैक्सीन आने की खुशी मना रहे है वहीं दूसरी तरफ स्ट्रेन ने लोगों को दुविधा में डाल दिया है। लेकिन इससे बचने के लिए सभी इंतज़ाम किए जा रहे हैं। आपको बता दें कि ब्रिटेन से भारत लौट रहे लोगों को पहले एयरपोर्ट पर ही क्वारनटीन किया जाता है। जिससे यह बीमारी भारत में और ना फैल सके। 

दिल्ली वासियों को पास जारी करने का विचार, बाहर वाले नहीं होंगे आमंत्रित।

खुशबू काबरा, संवाददाता

दिल्ली।। दिल्ली वालों को गणतंत्र दिवस पर पास जारी करने का विचार, इस बार बाहर वाले गणतंत्र दिवस परेड का नहीं उठा पाएंगे लाभ। ऐसा बोला जा रहा हैं कि किसान आंदोलन के चलते बाहर वालों को पास ना देने की बात की जा रही हैं उनका ये कहना हैं कि किसान आंदोलन के चलते कोई किसान पास लेकर वहां पर नारेबाजी और हंगामा ना चालू करदे। इसके लिए आज बैठक भी बुलाई गई हैं बैठक के दौरान मुद्दा उठ बैठा किसान आंदोलन का जिसके चलते ध्यान रखते हुए किसानों को नई दिल्ली इलाके में आने से रोकने के लिए अभी से रणनीति बनानी शुरू कर दी गई है। 

ऐसे में एक पुलिस अफसर ने बताया की गणतंत्र दिवस के नज़दीक आने पर कार्यक्रमों की राजपथ पर आज पहली बैठक हुई। इसमें दिल्ली पुलिस, एनडीएससी, पीडब्ल्यूडी व रक्षा मंत्रालय समेत तमाम एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए। ऐसे में एक पुलिस अधिकारी ने बोला की पास सिर्फ दिल्ली के लोगो के लिए होगा या फिर पूरे देश वासियों के लिए मैदान खुला होगा।

उन्होंने ये सुझाव दिया की पास बेचते समय परिचय पत्र देखा जाए ताकि 26 जनवरी को परेड के बीच में कोई हंगामा ना हो जाए क्योंकि ऐसा कुछ होते ही ये अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन सकता है। ऐसा में ये बोला जा रहा हैं कि अगर दिल्ली वालों को ही पास बेचे जाएं तो ऐसा होने की कम संभावना हैं कोरोना महामारी के चलते इस बार केवल 25000 हज़ार पास ही बेचे जाएंगे। किसान आंदोलन को लेकर दिल्ली पुलिस ने चिंता जाहिर करते हुए रक्षा मंत्रालय से पूछा तो उन्होंने बोला की अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर ही आगे की रणनीति तय होगी।

भाजपा के आरोपों में घिरी आम आदमी पार्टी

काव्या बजाज, संवाददाता

नई दिल्ली।। आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने योगी सरकार को चुनौती दी थी। और कहा था कि वह दिल्ली और यूपी के स्कूलों की दशा पर उनसे खुली बहस कर सकते है। जिसके बाद सिसोदिया ने यूपी का दौरा भी किया था। लखनऊ के सरकारी स्कूल के निरीक्षण के समय पुलिस ने उनके काफिले को रोका था। जिस पर उन्होंने ट्वीट कर के कहा कि योगी सरकार डर रही है कि कही यूपी के स्कूलों की पोल दुनिया के सामने ना खुल जाए।

जिसका जवाब देते हुए भाजपा के प्रवक्ता हरीश खुराना और पूजा सूरी ने कड़े शब्दों में कहा है कि यूपी के स्कूलों से पहले उन्हें दिल्ली पर नजर डालनी चाहिए क्योंकि यहाँ की शिक्षा में कमी साफ तौर पर नजर आने लगी है।

उनका कहना है कि दिल्ली के 1030 स्कूलों में से सिर्फ 330 स्कूल ऐसे है जिनमें विज्ञान की पढ़ाई करवाई जाती है। जिसपर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह से वह दिल्ली के बच्चों को डॉक्टर और इंजीनियर बनाना चाहते है। भाजपा प्रवक्ता तो यह तक कहने से नहीं चूकें कि मनीष सिसोदिया चार – पाँच स्कूलों को सही करवा कर हर जगह उसी की तस्वीर इस्तेमाल करते रहते हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर निशाना साधते हुए हरीश खुराना ने कहा कि आप के सत्ता में आने से पहले 10वीं और 12वीं का परिणाम 98.81 था जो अब 82.61 हो चुका है। तो इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि दिल्ली के स्कूलों में हालात कैसे है। फिलहाल आप और भाजपा में यह सिलसिला जारी है। दोनों ही पार्टियां एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रही है और विपक्षी दल को मात देने का रास्ता ढूंढ रही है।