योगेश आत्रे का दिल्ली राजनीति में बढ़ता कद,मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
Bhaiaji Superhit Review | Sunny Deol | Preity Zinta | Arshad Warsi & Shreyas
सनी देओल की फिल्म ‘भैय्याजी सुपरहिट’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है. इसमें भी सनी देओल कॉमेडी के एक्शन करते नजर आएंगे. फिल्म में सनी देओल की दो हिरोइन हैं, एक प्रीति जिंटा दूसरी अमीषा पटेल.. प्रीति जिंटा और अमीशा पटेल काफी समय बाद बड़े पर्दे पर नजर आने वाली हैं. फिल्म कॉमेडी की फुल डोज देने के लिए अरशद वारसी और श्रेयस तलपड़े भी नजर आएंगे. इसमें सनी देओल यूपी के डॉन हैं और उनका नाम भैय्या जी हैं. उनकी पत्नी के रोल में प्रीति जिंटा हैं. सनी देओल को एक फिल्म के लिए कास्ट किया जाता है जहां वो हिरोइन अमीशा पटेल से रोमांस भी करते दिखते हैं. इस वजह से पति-पत्नी के रिश्तों में दरार भी आ जाती है. लेकिन फिर विलेन की एंट्री होती है, जिनका नाम है हैलीकॉप्टर भईया. कहानी में एक बड़ी ट्विस्ट भी है, सनी देओल फिल्म में डबल रोल में नजर आ रहे हैं. इस फिल्म का निर्देशन नीरज पाठक ने किया है. फिल्म सिनेमाघरों में 23 नवंबर को रिलीज होगी.
Kaashi – Movie Review | Sharman Joshi | Aishwarya Devan
अभिनेता शरमन जोशी चुनिंदा फिल्में करते हैं। इस बार उन्होंने काशी फिल्म का चयन किया है। पिछले दिनों पूरे देश के अलग-अलग शहरों में एक लड़की के गायब होने के पोस्टर्स ने कई सवालिया निशान उठा दिए थे कि आखिररकार वो लड़की कौन है। हालांकि, वो इस फिल्म का कैंपेन था।फिल्म रिलीज हो चुकी है। आइए जानते हैं आखिरकार कैसी बनी है यह फिल्म। शरमन जोशी की फिल्म काशी- इन सर्च ऑफ गंगा एक थ्रिलर फिल्म है। फिल्म में शरमन जोशी एक गांव में रहने वाले शख्स काशी की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म की कहानी शरमन जोशी के आस पास घूमती है। फिल्म काशी में शरमन जोशी अपनी बहन की तलाश करते हैं, जिसका नाम गंगा है। इतना ही नहीं शरमन को अपनी बहन गंगा की तलाश करते-करते कई बार कोर्ट कचहरी तक के चक्कर काटने पड़ जाते हैं।फिल्म की कहानी काशी नगरी वाराणसी की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म में शरमन जोशी एक गंभीर किरदार में नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि फिल्म में शरमन जोशी काशी नाम के डोम का किरदार निभा रहे है।काशी अपना घर चलाने के लिए मणिकर्णिका घाट पर शवों का दाह संस्कार करवाने का काम करते हैं। लखनऊ से जर्नलिस्ट देविना (ऐश्वर्या दिवान) वाराणसी अपने रिसर्च के लिए आती हैं और उनकी मुलाकात काशी से होती है।कहानी में ट्विस्ट तब आता है, जब काशी की बहन गंगा अचानक लापता हो जाती है। उसकी तलाश में काशी को अलग अलग शहरों में भटकना पड़ता है।फिल्म की कमजोर कड़ी इसकी कहानी, डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले हैष। बहुत ही उबड़-खाबड़ कहानी है। कोई भी किरदार आपको प्रभावित नहीं कर पाता है. मुद्दा अच्छा था, लेकिन एक अच्छी फिल्म बनते बनते रह गई. पूरी फिल्म में हर दसवें मिनट पर एक गाना आ जाता है, जो इसकी कहानी को और गड़बड़ करता है। आखिरकार गंगा कैसे गुमशुदा हो गई है। उसके साथ क्या-क्या होता है। इन सभी बातों का पता आपको फिल्म देखकर ही चल पाएगा।

