इस बार रामलीला के साथ लें मेले का लुत्फ
शानदार खाना-पानी और जबरदस्त झूले करेंगे मनोरंजन
अशोक विहार फेज-1 की रामलीला कमेटी का शानदार आयोजन
मेले में में लजीज़ खाने के साथ जबरदस्त झूलों का लुत्फ
हर दिन सैकड़ों लोगों का दिल जीत रही है ये रामलीला
इस बार रामलीला के साथ लें मेले का लुत्फ
शानदार खाना-पानी और जबरदस्त झूले करेंगे मनोरंजन
अशोक विहार फेज-1 की रामलीला कमेटी का शानदार आयोजन
मेले में में लजीज़ खाने के साथ जबरदस्त झूलों का लुत्फ
हर दिन सैकड़ों लोगों का दिल जीत रही है ये रामलीला
दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में दिल्ली ओलिंपिक गेम्स का आगाज हुआ तो उसकी धमक और धूम बवाना में भी दिखी –बाहरी दिल्ली के बवाना स्टेडियम में बॉक्सिंग , स्केटिंग , टाईकोंडो और थ्रोबाल कॉम्पिटिशन हो रहे है —यहाँ खिलाड़ियों के साथ साथ बाहरी दिल्ली के बड़े बड़े नेता भी मंच पर दिखाई दिए —इनमें पूर्व संसद सज्जन कुमार भी शामिल थे—सज्जन ने इस आयोजन पर खिलाड़ियों के साथ साथ दिल्ली ओलिंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप वत्स की भी तारीफ करते हुए इनका सम्मान खुद किया —इस मौके पर कुलदीप वत्स ने इस इस आयोजन के लिए मदद करने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया तो किसी भी तरह की मदद नहीं देने पर वहीँ दिल्ली सरकार के खिलाफ गुस्से का इजहार भी किया —
दिल्ली ओलिंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप वत्स ऐलान कर रहे है की वे आगे भविष्य में होने वाले खेलों के लिए दिल्ली सरकार से कोइ मदद नहीं लेंगे —कुलदीप वत्स यदि ऐसा कह रहे है तो इसके पीछे वे लोग है जो इस बार हो रहे ” दिल्ली ओलिंपिक गेम्स ” में तन मन और धन से सहयोग कर रहे है —इनमें कराला के निवासी और दलबीर माथुर भी एक नाम है। दलबीर सिंह इस बार दिल्ली ओलिंपिक एसोसिएशन को हर तरह से सहयोग कर रहे है —एसोसिएशन ने दलबीर सिंह का सम्मान किया तो दलबीर ने भी यह मौक़ा दिए जाने पर एसोसिएशन का आभार व्यक्त किया —
बाहरी दिल्ली का यह स्टेडियम दिल्ली ओलिंपिक गेम्स के लिए ही नहीं बल्कि खेलों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रहा है –बाहरी दिल्ली के छात्र -छात्राएं बड़ी संख्या में इस बार इन गेम्स में बाग़ ले रही है –लेकिन इस बार विजेताओं को मैडल के अलावा प्रोत्साहन नगद राशि क्या मिलती यह देखना अभी बाकी है —
बताओं तो जानें…..
आंखों को घुमाइये और बताइये कि इस फोटो में हाथी के अलावा और एक जानवर है वो कौनसा है ?
बूझो तो जानें, इस पहेली को सुलझाओं फिर अपने को मास्टर बताओ ।
2 अक्टूबर यानी मोहन दास करमचंद गांधी का जन्मदिन, आप सबी लोगों के करीब गांधी जी हमेशा रहते हैं और वो कैसे, जी हां भारतीय करेंसी के जरिए। क्या आप जानते हैं कब से गांधी की फोटो नोट पर छपने लगी और नोट पर छपने वाली फोटो का क्या राज क्या है?अगर नहीं जानते तो चलिए आज आपको बताते हैं।
नोट पर पहली बार गांधी की तस्वीर साल 1969 में छापी गई थी।ये साल उनकी जन्म शताब्दी का साल था और नोटों पर उनकी तस्वीर के पीछे सेवाग्राम आश्रम भी था. अक्टूबर 1987 में पहली बार 500 रुपये का नोट आया और उस पर गांधी छपे थे।
बाहरी दिल्ली के कराला माजरी गावं के निवासी और प्रमुख समाज सेवी दलबीर कराला के घर लगा शहीद भगत सिंह , चंद्र शेखर आज़ाद और सुखदेव के बड़े और भव्य चित्र का अनावरण गावं के प्रमुखों की मौजूदगी में कारगिल वार के हीरों सतबीर राणा , शहीद चंद्र शेखर आज़ाद के भतीजे सुजीत सिंह और समाज सेवी हरपाल राणा ने किया। इस मौके पर बॉबी कटारिया। हरियाणवी सिंगर विक्की काजड़ा भी मौजूद थे।