अशोक विहार फेज 1 “डी” ब्लॉक में तमाम नियम कानूनो को ताक पर रखकर बन रहे प्राइवेट स्कूल की बिल्डिंग को देखकर ब्लॉक के लोग डरें हुए ही नहीं है बल्कि हैरान भी है की तमाम नियम कानूनो को टाक पर रखकर यह बिल्डिंग बन कैसे रही है –करीब एक साल पहले इस बिल्डिंग का काम शुरू हुआ तो RWA ने इसका विरोध शुरू किया और यह विरोध आज तक जारी है —
दिल्ली के मेयरों ने लगाई गुहार
दिल्ली नगर निगम के तीनो मेयर के की अगुस्वाई में आज बीजेपी के निगम पार्षद दिल्ली सरकार से फंड की मांग को लेकर सडकों पफर उतरे –इनके मांग थी की दिल्ली सरकार चौथे वित्त आयोग की सफरिशों को लागू करे और दिल्ली नगरफ निगम के कर्मचारियों के वेतन और अन्य खर्चों के लिए जल्द से जल्द फंड जारी काफ्रे –
प्रोपर्टी करोबार के जरिये जनसेवा करते है महेश पाठक
यदि कोई शख्स प्रोपर्टी करोबार को भी जनसेवा का जरिया बना ले तो उसे करोबार में तो कामयाबी मिलती ही है साथ ही जनता में भी लोकप्रियता मिलती है। बाहरी दिल्ली के किराड़ी निवासी एवं भाजपा नेता महेश पाठक भी ऐसा ही नाम है। देवभूमि उत्तराखंड मूल के निवासी सेना से सेवानिवृत पफौजी के पुत्रा महेश पाठक लोगों को आशियाना दिलाने में ही मदद नहीं करते बल्कि पूरी ईमानदारी के साथ उन्हें सही जगह पर प्रोपर्टी निवेश की सलाह भी देते है। यही वजह है कि उन पर लोगों का विश्वास ऐसा बन गया है कि उनके दपफ्तर पर लोगों का आना जाना लगा रहता है।
अशोक विहार ट्रेडर्स एशोसियेशन की चुनावी जंग
नार्थ दिल्ली के अशोक विहार सेंट्रल मार्किट के चुनाव में भी इस वर्ष जंग की तरह लड़े जा रहे है –इस बार सभी पूर्व प्रधान राकेश गुप्ता की अगुवाई में अपना पैनल बनाकर भरष्टाचार के मुद्दे पर चुनाव मैदान में है तो मनोज मलयान की अगुवाई में परिवर्तन की बात कर रहे है –वहीँ आम दुकानदार का दर्द है की 400 से भी काम वोटों वाली अशोक विहार ट्रेडर्स एसो में आम सहमति क्यों नहीं बन सकती –पेश है दिल्ली दर्पण टीवी की रिपोर्ट —
अशोक विहार की लगभग हर संस्था की तरह अशोक विहार ट्रेडर्स एसोशिएशन में भी पद पाने को होड़ लगी है –नार्थ दिल्ली के सबसे बड़े मार्किट में शुमार अशोक विहार सेंट्रल मार्किट की एशोशिएशन के 12 दिसम्बर को होने वाले चुनाव में इस बार सीनियर और ज्युनियर के बीच जंग मची है –एक में में राकेश गुप्ता सहित पांच प्रधान की प्रतिष्ठा दाव पर है तो दूसरी और पूर्व महसचिव मनोज मलयान भी पूरी मेहनत कर रहे है –प्रधान पद के प्रत्याशी राकेश गुप्ता के पैनल में सुरेन्द्र कुमार , बसंत मेहता , सतीश अग्रवाल, संजीव नैयर , हितेश कालरा और प्रकाश बम्बानी है –इनका कहना है की मार्किट में पिछले सालों में अवैध पटरी , आरटीआई का चलन और दुकानदारों के चालान बढ़ गए थे –ये लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है –सब दुकानदारों को लड़ाई है —राकेश गुप्ता, सुरेन्द्र कुमार , बसंत मेहता , सतीश अग्रवाल, मार्किट के प्रधान रहे है–राकेश गुप्ता पैनल के चुनाव की कमान संभाल रहे भरत वातवानी सभी प्रधान एक हो गए लेकिन ये नहीं –सबने पहले बार राजनीति छोड़कर एक हुए है —
चित्रकला प्रदर्शनी का शुभारम्भ हुआ


