Saturday, May 2, 2026
spot_img
Home Blog Page 24

‘पिक्चर अभी बाकी है’: राघव चड्ढा ने ‘ट्रेलर’ जारी कर AAP नेताओं को दिया करारा जवाब; पंजाब के मुद्दों पर सबूतों के साथ तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली/चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (AAP) और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच जारी खींचतान अब आर-पार की जंग में तब्दील हो गई है। पार्टी द्वारा ‘निष्क्रियता’ और पंजाब के मुद्दे न उठाने के आरोपों पर पलटवार करते हुए राघव चड्ढा ने रविवार (5 अप्रैल 2026) को एक ज़ोरदार वीडियो जारी किया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस वीडियो के साथ उन्होंने संदेश दिया— “पिक्चर अभी बाकी है।”

“पंजाब मेरी आत्मा है, केवल चर्चा का विषय नहीं”

राघव चड्ढा ने उन ‘आप’ सहयोगियों को निशाने पर लिया जिन्हें उनके खिलाफ वीडियो जारी करने के लिए कथित तौर पर ‘मजबूर’ किया गया था। चड्ढा ने भावुक होते हुए लिखा:

पंजाब मेरे लिए सिर्फ चर्चा का विषय नहीं है। यह मेरा घर है, मेरा कर्तव्य है, मेरी मिट्टी है, मेरी आत्मा है। मेरे उन साथियों के लिए, जिन्हें यह कहने पर मजबूर किया गया कि मैं संसद में पंजाब की आवाज़ उठाने में विफल रहा, यहाँ एक छोटा सा ट्रेलर है… पिक्चर अभी बाकी है।

वीडियो में गिनाए संसद के ‘बड़े प्रहार’

आरोपों का जवाब देते हुए राघव ने अपने वीडियो में उन तमाम मुद्दों की क्लिप्स और रिकॉर्ड साझा किए जो उन्होंने राज्यसभा में उठाए हैं:

  • धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दे: करतारपुर साहिब और ननकाना साहिब के लिए कॉरिडोर, महाराजा रणजीत सिंह का शाही सिंहासन वापस लाने की मांग और श्री आनंदपुर साहिब को ‘हेरिटेज सिटी’ बनाने का मुद्दा।
  • किसान और कृषि: MSP की कानूनी गारंटी, किसानों की विभिन्न मांगें और शहीद भगत सिंह के लिए ‘भारत रत्न’ की मांग।
  • पंजाब के संसाधन: लुप्त होता भूजल, नदियों का पुनरुद्धार और जल अधिकारों की लड़ाई।
  • स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर: पंजाब के लिए ‘कैंसर ट्रेन’, अमृतसर और मोहाली से इंटरनेशनल उड़ानें और केंद्र से लंबित फंड जारी करने की अपील।

पार्टी ने क्यों की आलोचना?

इससे पहले शनिवार को पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा और कुलदीप सिंह धालीवाल जैसे दिग्गज नेताओं ने राघव चड्ढा को ‘विश्वासघाती’ करार दिया था। पार्टी का आरोप है कि चड्ढा ने संसद में पंजाब के ₹8,500 करोड़ के RDF फंड, ₹60,000 करोड़ के GST नुकसान और बाढ़ राहत जैसे गंभीर वित्तीय मुद्दों पर चुप्पी साधे रखी।

‘घायल हूँ, इसलिए घातक हूँ’

राघव चड्ढा ने इस पूरे घटनाक्रम को एक ‘स्क्रिप्टेड’ और ‘प्रायोजित अभियान’ बताया है। पिछले वीडियो में उन्होंने फिल्म ‘धुरंधर’ का डायलॉग इस्तेमाल करते हुए कहा था— “घायल हूँ, इसलिए घातक हूँ।” राज्यसभा में ‘डिप्टी लीडर’ के पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का यह तेवर साफ कर रहा है कि वह झुकने के मूड में नहीं हैं।

यह भी पढ़ें: https://delhidarpantv.com/raghav-chadha-first-reaction-aap-action-rajya-sabha-deputy-leader-row/

राघव चड्ढा की पहली प्रतिक्रिया: “मैं चुप रहता तो झूठ भी सच लगने लगता”—AAP के ‘एक्शन’ पर तोड़ी चुप्पी; भावुक होकर दिया ये बड़ा बयान

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा राज्यसभा में ‘डिप्टी लीडर’ के पद से हटाए जाने और बोलने के समय पर पाबंदी लगाने के आदेश के बाद, सांसद राघव चड्ढा ने अपनी पहली और बड़ी प्रतिक्रिया दी है। अपने सोशल मीडिया हैंडल पर जारी एक वीडियो संदेश में राघव ने बेहद सधे हुए लेकिन भावुक शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि वह बोलना नहीं चाहते थे, लेकिन जब उनकी निष्ठा पर सवाल उठाए गए, तो चुप रहना नामुमकिन हो गया।

“पद बड़ा नहीं, अरविंद केजरीवाल का सिपाही होना बड़ी बात”

वीडियो की शुरुआत में राघव चड्ढा ने कहा, “मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए कोई ‘डिप्टी लीडर’ जैसा पद मायने नहीं रखता। उनके लिए सबसे बड़ा गौरव अरविंद केजरीवाल का एक निष्ठावान सिपाही होना है। उन्होंने डॉ. अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए कहा कि पार्टी में पद और जिम्मेदारियां आती-जाती रहती हैं।

बोलने पर रोक लगाने के आदेश पर जताई हैरानी

राघव चड्ढा ने सबसे ज्यादा दुख इस बात पर जताया कि पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर उनके बोलने के समय पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा:

एक सांसद का सबसे बड़ा अधिकार और कर्तव्य सदन में जनता की आवाज उठाना होता है। यदि मुझे मेरे ही दल के कोटे से बोलने से रोका जा रहा है, तो यह केवल राघव चड्ढा की आवाज दबाना नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की आवाज को रोकना है जिन्होंने मुझे चुनकर भेजा है।

अनुशासनहीनता और ‘खामोशी’ पर दी सफाई

पार्टी के भीतर लग रहे अनुशासनहीनता के आरोपों पर राघव ने कहा कि उन्होंने कभी पार्टी लाइन के खिलाफ काम नहीं किया। जब उनसे पूछा गया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की रिहाई पर वह ‘गायब’ क्यों थे, तो उन्होंने बताया कि वह उस समय स्वास्थ्य कारणों से अस्वस्थ थे, लेकिन उन्होंने डिजिटल माध्यमों से अपनी खुशी साझा की थी। उन्होंने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया कि वह किसी और राजनीतिक दल में शामिल होने जा रहे हैं।

“सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं”

राघव चड्ढा ने अपने समर्थकों को आश्वस्त किया कि वह सदन में एक साधारण सांसद के रूप में पंजाब और देश के मुद्दों को उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि समय कठिन जरूर है, लेकिन उनकी निष्ठा पार्टी और उसके सिद्धांतों के प्रति अटल है। इस बयान के बाद अब सबकी निगाहें आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर हैं कि क्या राघव चड्ढा की इस सफाई के बाद पार्टी अपना कड़ा रुख नरम करेगी?

यह भी पढ़ें:https://delhidarpantv.com/2-men-arrested-in-bangladesh-by-being-a-middle-in-dal-2-men-arrested-in-shalmar-bag-mobile-found-banned-apps-and-foreign-id/

दिल्ली में ‘मेड’ बनकर रह रही थीं बांग्लादेशी घुसपैठिए: शालीमार बाग में 2 महिलाएं गिरफ्तार; मोबाइल में मिला प्रतिबंधित ऐप और विदेशी ID

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस के नॉर्थ-वेस्ट जिला सेल ने शालीमार बाग इलाके में ‘मेड’ (Gharelu Kamwali) बनकर रह रही दो बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। ये महिलाएं बिना किसी वैध दस्तावेज के अवैध रूप से भारत में रह रही थीं और अपनी पहचान छिपाकर घरों में काम कर रही थीं। इनके मोबाइल से प्रतिबंधित IMO ऐप और बांग्लादेशी पहचान पत्र बरामद हुए हैं।

गुप्त सूचना पर ‘फॉरेनर्स सेल’ की बड़ी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 को फॉरेनर्स सेल को एक गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ विदेशी नागरिक अवैध रूप से शालीमार बाग और आसपास के इलाकों में घरेलू कामकाज कर रहे हैं। इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया और इलाके में वेरिफिकेशन अभियान चलाया गया। इसी दौरान हैदरपुर की ओर जा रही दो संदिग्ध महिलाओं को रोका गया।

पूछताछ में भारतीय होने का किया नाटक

जब पुलिस ने महिलाओं को रोका, तो उन्होंने खुद को भारतीय नागरिक बताते हुए गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि वे आसपास के घरों में ही काम करती हैं। हालांकि, बार-बार पूछे जाने पर उनके जवाबों में विरोधाभास नजर आया, जिससे पुलिस का शक गहरा गया। गहन जांच और डिजिटल फुटप्रिंट खंगालने पर उनकी असली पहचान उजागर हो गई।

मोबाइल गैलरी में मिले ‘बैन ऐप’ और बांग्लादेशी ID

पुलिस ने जब दोनों महिलाओं के स्मार्टफोन की जांच की, तो उसमें भारत में प्रतिबंधित IMO ऐप इंस्टॉल मिला। इतना ही नहीं, फोन की गैलरी से बांग्लादेश के मूल पहचान पत्र की तस्वीरें भी बरामद हुईं। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान अफरोजा खातून (47 वर्ष) और लुकी बेगम (36 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि इनमें से एक महिला ग्रेजुएट है, जो बेहतर कमाई के लालच में अवैध रूप से सीमा पार कर दिल्ली आई थी।

डिपोर्टेशन (देश निकाला) की प्रक्रिया शुरू

दिल्ली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें FRRO (फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस) के समक्ष पेश किया गया है, जहाँ से उन्हें उनके देश (बांग्लादेश) वापस भेजने यानी डिपोर्ट करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

दिल्ली पुलिस की चेतावनी: वेरिफिकेशन है जरूरी

इस घटना ने एक बार फिर घरेलू सहायकों के पुलिस वेरिफिकेशन की अहमियत को रेखांकित किया है। दिल्ली पुलिस ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को काम पर रखने से पहले उसकी पहचान की पूरी जांच करें और पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं, ताकि सुरक्षा में कोई सेंध न लग सके।

यह भी पढ़ें:https://delhidarpantv.com/cm-holds-a-major-protest-on-the-issue-of-water-supply-in-dalalpur-from-november-1-on-the-action-plan-of-the-people-on-the-banks-of-the-river/

दिल्ली में ‘नो पीयूसी-नो फ्यूल’ लागू: प्रदूषण पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा प्रहार; 1 नवंबर से पुराने ट्रकों की एंट्री बैन, जानें पूरा एक्शन प्लान

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को ज़हरीली हवा और स्मॉग से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद “एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन एक्शन प्लान-2026” लॉन्च किया गया। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बार योजना सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि ज़मीन पर सख्ती से लागू होगी। इस प्लान का सबसे बड़ा असर वाहन मालिकों और पड़ोसी राज्यों से आने वाले ट्रकों पर पड़ेगा।

‘नो पीयूसी-नो फ्यूल’: बिना सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

सरकार ने वाहनों से होने वाले धुएं को रोकने के लिए “नो पीयूसी-नो फ्यूल” नियम को अनिवार्य कर दिया है। अब दिल्ली के किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाने के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) दिखाना होगा। इसे लागू करने के लिए पंपों पर स्मार्ट कैमरे और ऑनलाइन चेकिंग सिस्टम लगाए जाएंगे।

1 नवंबर से भारी वाहनों पर पाबंदी

दिल्ली की सीमाओं पर प्रदूषण रोकने के लिए सरकार ने समय सीमा तय कर दी है। 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में केवल वही भारी वाहन (ट्रक और मालवाहक) प्रवेश कर सकेंगे जो:

  • BS-6 मानक के होंगे।
  • CNG से संचालित होंगे।
  • या इलेक्ट्रिक (EV) वाहन होंगे। पुराने और धुआं छोड़ने वाले वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

62 हॉटस्पॉट चिन्हित, धूल और जाम पर वार

प्रदूषण की मुख्य वजह माने जाने वाले 62 बड़े जाम वाले इलाकों की पहचान की गई है। यहाँ ट्रैफिक सिग्नल और पार्किंग व्यवस्था में बदलाव कर स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लगाया जाएगा। इसके अलावा:

  • सड़क की धूल: 3,500 किलोमीटर सड़क का नवीनीकरण होगा और एंटी-स्मॉग गन व मिस्ट स्प्रे मशीनों से धूल को दबाया जाएगा।
  • इलेक्ट्रिक बसें: सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए बसों की संख्या बढ़ाकर 13,760 की जाएगी और 32,000 नए ईवी चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे।

कचरे के पहाड़ों का ‘डेथ वारंट’ जारी

मुख्यमंत्री ने दिल्ली के लैंडफिल साइट्स (कूड़े के पहाड़) को खत्म करने की समय सीमा भी तय कर दी है:

  • ओखला लैंडफिल: जुलाई 2026 तक खत्म होगा।
  • भलस्वा लैंडफिल: दिसंबर 2026 तक सफाई।
  • गाजीपुर लैंडफिल: दिसंबर 2027 तक पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य। बायोमास और कचरा जलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी और नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

70 लाख पौधे और ‘वायु रक्षक’ टीम

पर्यावरण को बचाने के लिए अगले एक साल में दिल्ली में 70 लाख पेड़, पौधे और बांस लगाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, हर वार्ड में एक “वायु रक्षक” टीम तैनात की जाएगी। नागरिक प्रदूषण से जुड़ी कोई भी शिकायत 311 ऐप या हेल्पलाइन पर दर्ज करा सकेंगे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्वास जताया कि यदि इस एक्शन प्लान को जनता के सहयोग से ठीक से लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानियों की सूची से बाहर निकल सकेगी।

यह भी पढ़ें: https://delhidarpantv.com/how-to-make-your-suicide-tip-contains-poison-brokers-plus-copy-post-making-factors-a-huge-mess-in-the-middle-of-the-counter/

सावधान! आपके ‘सेंसोडाइन’ टूथपेस्ट में हो सकता है ज़हर: दिल्ली पुलिस ने नकली पेस्ट बनाने वाली फैक्ट्री का किया भंडाफोड़; भारी मात्रा में माल बरामद

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए मशहूर ब्रांड ‘सेंसोडाइन’ (Sensodyne) के नाम पर नकली टूथपेस्ट बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री को पकड़ा है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने न केवल भारी मात्रा में तैयार नकली पेस्ट जब्त किया, बल्कि पैकिंग मशीनें और कच्चा माल भी बरामद किया है।

ब्रांडेड पैकिंग में भरा जा रहा था ‘खतरनाक’ केमिकल

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था। ये लोग हुबहू असली दिखने वाली पैकिंग में घटिया और हानिकारक रसायनों से बना टूथपेस्ट भरकर बाजार में सप्लाई कर रहे थे। आरोपी इस नकली उत्पाद को असली बताकर थोक बाजारों में कम दाम पर बेचते थे और मोटा मुनाफा कमा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, इस तरह के नकली उत्पादों का इस्तेमाल दांतों और मसूड़ों के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है।

फैक्ट्री से मिलीं पैकिंग मशीनें और कच्चा माल

छापेमारी के दौरान पुलिस को फैक्ट्री से बड़ी संख्या में नामी ब्रांड के खाली ट्यूब, रैपर और कार्टन मिले हैं। इसके अलावा, पेस्ट बनाने वाली मशीनें और मिक्सिंग प्लांट भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह नकली माल दिल्ली के किन-किन इलाकों और किन दुकानदारों को सप्लाई किया गया था। इस नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन को खंगाला जा रहा है ताकि इस काले कारोबार की जड़ तक पहुंचा जा सके।

उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी

इस घटना ने बाजार में बिक रहे ब्रांडेड उत्पादों की विश्वसनीयता और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि:

  • सामान हमेशा अधिकृत (Authorized) स्टोर या भरोसेमंद दुकानों से ही खरीदें।
  • पैकेजिंग पर छपे होलोग्राम, स्पेलिंग और बारकोड की बारीकी से जांच करें।
  • यदि दाम बाजार रेट से बहुत कम हैं, तो वह उत्पाद नकली हो सकता है।

पुलिस की कार्रवाई जारी

दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फैक्ट्री मालिक सहित गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों में मिलावट या नकली सामान बनाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (IPC/BNS और कॉपीराइट एक्ट के तहत) की जाएगी।

यह भी पढ़ें: https://delhidarpantv.com/the-heart-of-the-doctor-of-rml-was-beating-towards-the-world-under-the-very-complex-surgery-of-cutting-the-roof-ayushman-bharat-got-a-new-life/