Saturday, May 2, 2026
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राघव चड्ढा पर AAP का ‘हंटर’: राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए गए; बोलने के समय पर भी रोक, जानें अंदरूनी कलह की 3 बड़ी वजहें

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उच्च सदन में ‘डिप्टी लीडर’ के पद से हटा दिया गया है। पार्टी ने उनकी जगह अब अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी है। केवल पद ही नहीं, पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर यहाँ तक कह दिया है कि राघव चड्ढा को पार्टी के कोटे से बोलने का समय भी आवंटित न किया जाए। इस कड़े एक्शन के बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या राघव और पार्टी के बीच दूरियां अब खत्म होने की कगार पर हैं?

एक्शन के पीछे की 3 मुख्य वजहें

सूत्रों और राजनीतिक गलियारों में राघव चड्ढा के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के पीछे तीन बड़े कारण बताए जा रहे हैं:

  1. पार्टी के संकट काल में ‘चुप्पी’: जब दिल्ली आबकारी नीति मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य वरिष्ठ नेताओं को जमानत मिली, तब राघव चड्ढा की ओर से कोई खास सक्रियता या बयानबाजी नहीं देखी गई। पार्टी के संकट और फिर राहत के समय उनकी यह ‘खामोशी’ शीर्ष नेतृत्व को रास नहीं आई।
  2. बोलने के समय पर एकाधिकार: दावा किया जा रहा है कि राघव चड्ढा राज्यसभा में पार्टी के कोटे का अधिकांश समय खुद ले लेते थे। इस वजह से आम आदमी पार्टी के अन्य सांसदों को अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल पाता था, जिससे सांसदों के बीच असंतोष बढ़ रहा था।
  3. संगठनात्मक कार्यों से दूरी: यह भी चर्चा है कि बीते कुछ समय से राघव चड्ढा पार्टी के सांगठनिक कामों और महत्वपूर्ण बैठकों में दिलचस्पी नहीं ले रहे थे। उनकी अनुपस्थिति और उदासीनता को अनुशासनहीनता के तौर पर देखा जा रहा है।

संजय सिंह का बयान और बदलती हवा

हाल ही में जब सांसद संजय सिंह से राघव चड्ढा के किसी अन्य दल में शामिल होने की अटकलों पर सवाल किया गया था, तो उन्होंने दो-टूक कहा था, यह आप उनसे पूछिए, लेकिन अगर वह ऐसा करते हैं तो उनके खिलाफ खड़ा होने वाला पहला आदमी मैं रहूंगा। हालांकि उन्होंने तब इन अटकलों को खारिज किया था, लेकिन पार्टी के ताजा एक्शन ने आग में घी डालने का काम किया है।

अब क्या होगा राघव चड्ढा का अगला कदम?

राघव चड्ढा, जो कभी अरविंद केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते थे और दिल्ली के राजिंदर नगर से विधायक रहने के बाद 2022 में पंजाब कोटे से राज्यसभा भेजे गए थे, अब हाशिए पर नजर आ रहे हैं। राज्यसभा सचिवालय को भेजा गया पत्र उनके संसदीय करियर के लिए बड़ा झटका है। सवाल यह है कि क्या राघव चड्ढा पार्टी में अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश करेंगे या किसी नई राह की तलाश करेंगे?

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लक्ष्मी नगर में कलयुगी बेटे की करतूत: ऐशो-आराम के लिए पिता पर तानी पिस्तौल, 10 लाख की लूट का खौफनाक प्लान; दिल्ली पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ एक 21 वर्षीय युवक ने अपने ही पिता से 10 लाख रुपये लूटने के लिए खौफनाक साजिश रची। आरोपी बेटे ने न केवल अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की, बल्कि विरोध करने पर अपने पिता पर पिस्तौल तानकर हवाई फायरिंग भी की। दिल्ली पुलिस की ईस्ट जिला टीम ने तत्परता दिखाते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर इस पूरी साजिश का भंडाफोड़ कर दिया है।

वारदात: घर के ‘भेदी’ ने ही ढाया लंका

पूर्वी दिल्ली के डीसीपी राजीव कुमार के अनुसार, मंगलवार को पुलिस को लूट और फायरिंग की सूचना मिली। जांच के दौरान जब पुलिस ने भागने वाले रास्तों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, तो आनंद विहार के पास एक आरोपी ने अपना मास्क उतारा। जब यह फुटेज पीड़ित पिता को दिखाई गई, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई; वह आरोपी उनका अपना बेटा तवलीन (21) था।

शौक और लालच ने बनाया अपराधी

पूछताछ में खुलासा हुआ कि तवलीन अपने पिता के साथ उनकी फैक्ट्री में हाथ बंटाता था। उसे जानकारी थी कि उसके पिता किसी को 10 लाख रुपये की बड़ी रकम देने जाने वाले हैं। ऐशो-आराम की जिंदगी जीने और महंगे शौक पूरे करने के लालच में उसने फैक्ट्री में ही काम करने वाले बिहार निवासी अपने दो साथियों के साथ मिलकर लूट की पूरी प्लानिंग की।

मुखर्जी नगर से लखनऊ तक चला सर्च ऑपरेशन

पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से मुख्य आरोपी तवलीन को दिल्ली के मुखर्जी नगर से दबोच लिया। वहीं, उसके दो साथी लूट की रकम लेकर लखनऊ भाग गए थे। दिल्ली पुलिस ने पीछा करते हुए उन्हें लखनऊ टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस ने लूटी गई पूरी 10 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली है।

रिश्तों में बढ़ता विश्वासघात

पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह घटना समाज में युवाओं के बीच बढ़ते लालच और परिवार के भीतर खत्म होते भरोसे की ओर इशारा करती है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।

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“गुजरात में भाजपा की तानाशाही”: ईशुदान गढ़वी की गिरफ्तारी पर संजय सिंह का बड़ा हमला; बोले— “केजरीवाल की रैलियों से डरे मोदी-शाह”

दिल्ली दर्पण ब्यूरो

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक प्रेस वार्ता के माध्यम से गुजरात सरकार और भाजपा पर तीखा प्रहार किया है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि गुजरात में ‘आप’ नेताओं और कार्यकर्ताओं का बड़े पैमाने पर उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 3 महीनों में 45 FIR दर्ज की गई हैं और लगभग 160 नेताओं-कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया है।

1. ईशुदान गढ़वी की गिरफ्तारी को बताया “गुंडागर्दी”

संजय सिंह ने गुजरात ‘आप’ अध्यक्ष ईशुदान गढ़वी की गिरफ्तारी पर गुस्सा जताते हुए कहा कि उन्हें तब पकड़ा गया जब वह अपने एक साथी की पैरवी करने थाने गए थे। उन्होंने कहा:

  • दीपक कुमार का मामला: “हमारे कार्यकर्ता दीपक कुमार को गुंडों ने पीटा, और जब वह इंसाफ मांगने गया तो पुलिस ने उसी पर धारा 307 लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।”
  • बौखलाहट में भाजपा: “ईशुदान गढ़वी एक प्रतिष्ठित पत्रकार और नेता हैं। उन्हें पकड़ना यह दिखाता है कि मोदी जी और अमित शाह जी के गढ़ में भाजपा का सिंहासन हिल रहा है।”

2. जेल भेजे गए नेताओं की लंबी फेहरिस्त

संजय सिंह ने उन नेताओं के नाम पढ़े जिन्हें गुजरात में जेल भेजा गया है:

  • चैतर वसावा (विधायक): इन्हें परिवार सहित 3 महीने तक वडोदरा जेल में रखा गया।
  • प्रवीण राम: किसान नेता, जिन्हें फसलों के उचित दाम की लड़ाई लड़ने के कारण जेल हुई।
  • डॉ. कायनात अंसारी: शराबबंदी का मुद्दा उठाने पर इन्हें गिरफ्तार किया गया।
  • अन्य नाम: नवीन काकरान, मुन्ना कुमार, आलोक सिंह और कई अन्य नेताओं को भी लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।

3. दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला

दिल्ली में बढ़ती ‘चाइल्ड ट्रैफिकिंग’ (बच्चों की तस्करी) और अन्य अपराधों पर हाई कोर्ट की चिंता का जिक्र करते हुए संजय सिंह ने कहा:

  • खटारा इंजन: “दिल्ली में गैंगवार, अपहरण और गैंगरेप आम हो गए हैं। कोर्ट के अंदर तक हत्या हो रही है। भाजपा के पास चाहे 4 इंजन हों या 40, लेकिन इनका इंजन अब खटारा हो चुका है।”
  • जवाबदेही: उन्होंने कहा कि दिल्ली की कानून-व्यवस्था सीधे पीएम और अमित शाह के अधीन है, इसलिए उन्हें इस पर जवाब देना चाहिए।

4. ‘आप’ की अगली रणनीति

संजय सिंह ने मांग की है कि ईशुदान गढ़वी और दीपक कुमार को तुरंत रिहा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो ‘आप’ राष्ट्रीय स्तर पर एक व्यापक आंदोलन की योजना बनाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा, गुजरात में भाजपा का सफाया आम आदमी पार्टी ही करेगी।”

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महंगाई का ‘बम’: “चुनाव खत्म होते ही फटेगा घरेलू गैस का गुब्बारा”—अनुराग ढांडा का भाजपा पर तीखा हमला; ईशुदान गढ़वी की गिरफ्तारी पर भड़का गुस्सा

दिल्ली दर्पण ब्यूरो

नई दिल्ली: देश में बढ़ती महंगाई और ईंधन (Fuel) की किल्लत को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आप नेता अनुराग ढांडा ने एक विशेष प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि सरकार ने केवल चुनावों के कारण घरेलू गैस के दाम रोक रखे हैं, जबकि कमर्शियल गैस और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम आम आदमी की कमर तोड़ रहे हैं। साथ ही, उन्होंने गुजरात में आप अध्यक्ष ईशुदान गढ़वी की गिरफ्तारी को भाजपा की ‘बौखलाहट’ करार दिया।

1. गैस और पेट्रोल: “चुनाव के बाद बड़ी लूट की तैयारी”

अनुराग ढांडा ने बताया कि पिछले दो महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 5 बार बढ़ाए गए हैं, जिससे यह ₹525 महंगा हो चुका है। उन्होंने कहा:

  • घरेलू गैस: “सरकार ने घरेलू सिलेंडर के दाम सिर्फ इसलिए रोक रखे हैं क्योंकि कुछ राज्यों में चुनाव हैं। जैसे ही चुनाव निपटेंगे, यह सारी वसूली आम जनता की जेब से की जाएगी।”
  • प्रीमियम पेट्रोल: पिछले एक महीने में प्रीमियम पेट्रोल के दाम ₹15 तक बढ़ चुके हैं, जिसका असर अब हर चीज़ पर दिखने लगा है।

2. चौतरफा महंगाई: ब्रेड से लेकर हवाई सफर तक सब महंगा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ढांडा ने रोजमर्रा की चीजों के बढ़ते दाम गिनाए:

  • खाने-पीने की चीजें: ब्रेड का पैकेट जो ₹30 का था, वह अचानक ₹35 का हो गया है।
  • निर्माण और पहनावा: सीमेंट के बैग ₹50-100 महंगे हो गए हैं और जूते-चप्पलों की कीमतों में 25% का इजाफा हुआ है।
  • हवाई टिकट: जेट फ्यूल (ATF) के दाम बढ़ने से घरेलू उड़ानें ₹500 और इंटरनेशनल फ्लाइट की टिकट $200 तक महंगी होने वाली है।
  • टोल टैक्स: इस आग में घी डालने का काम सरकार ने 5% टोल टैक्स बढ़ाकर किया है।

3. “पीएम मोदी चुनाव प्रचार में व्यस्त, जनता लाइनों में”

ढांडा ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब देश महंगाई के खौफ में है और लोग गैस-पेट्रोल के लिए लंबी लाइनों में लगे हैं, तब पीएम असम और गुजरात में रैली और रोड शो कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसा, “पीएम जहाँ हाथ लगा रहे हैं, वहां महंगाई बढ़ रही है—चाहे वह असम की चाय हो या गुजरात का म्यूजियम।”

4. गुजरात में ईशुदान गढ़वी की गिरफ्तारी पर हंगामा

गुजरात की राजनीति का जिक्र करते हुए अनुराग ढांडा ने बताया कि पिछले 3 महीनों में ‘आप’ के 160 से ज्यादा कार्यकर्ताओं पर झूठी FIR दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष ईशुदान गढ़वी को बिना किसी ठोस कारण के तब गिरफ्तार किया गया जब वह अपने साथियों से मिलने थाने गए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा, अरविंद केजरीवाल और ‘आप’ के बढ़ते प्रभाव से डर गई है।

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‘AAP’ छोड़ भाजपा के हुए एच.एस. फुल्का: बोले— “पंजाब में गुंडागर्दी और नशे का राज, सुधारने के लिए राजनीति में वापसी जरूरी”

नई दिल्ली: 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को इंसाफ दिलाने की लंबी लड़ाई लड़ने वाले प्रख्यात मानवाधिकार वकील एच.एस. फुल्का (H.S. Phoolka) ने एक बार फिर सक्रिय राजनीति में कदम रखा है। फुल्का आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं। भाजपा मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता लेने के बाद फुल्का ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोला और पंजाब की वर्तमान स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

“भाजपा के साथ 40 साल का पुराना नाता”

मीडिया से बात करते हुए फुल्का ने स्पष्ट किया कि भले ही वह बीच में कुछ समय के लिए ‘आप’ के साथ रहे हों, लेकिन वैचारिक रूप से वह हमेशा भाजपा के करीब रहे हैं। उन्होंने कहा:

मैं पिछले 40 सालों से 1984 के दंगों के पीड़ितों के लिए लड़ाई लड़ रहा हूँ और शुरू से ही भाजपा ने मेरा साथ दिया है। मैंने उनके साथ मिलकर अपनी लड़ाई लड़ी है और भाजपा के लिए बहुत सारा कानूनी काम भी किया है।

फुल्का ने बताया कि वह 2014 से 2017 तक ‘आप’ के साथ रहे, लेकिन उनका भाजपा के साथ जुड़ाव दशकों पुराना और गहरा है।

पंजाब की बदहाली पर उठाए सवाल: “रंगदारी और नशे ने बर्बाद किया राज्य”

राजनीति में अपनी वापसी का मुख्य कारण पंजाब के बिगड़ते हालात बताते हुए फुल्का ने ‘आप’ सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया:

  • कानून-व्यवस्था: पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह बिगड़ चुकी है। वहां व्यापारियों और आम लोगों को खुलेआम रंगदारी (Extortion) के लिए फोन आ रहे हैं।
  • नशे की समस्या: नशे की समस्या पंजाब को खोखला कर रही है और सरकार इस पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल रही है।
  • बंजर होती ज़मीन: फुल्का ने पर्यावरण और कृषि पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो अगले 13-14 सालों में पंजाब की उपजाऊ ज़मीन बंजर हो जाएगी।

“राजनीति में वापसी के लिए भाजपा ही सर्वश्रेष्ठ विकल्प”

फुल्का ने कहा कि वह पंजाब की इन समस्याओं का समाधान करने और राज्य को बचाने के लिए राजनीति में लौट रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब के भविष्य को संवारने के लिए भाजपा से बेहतर कोई दूसरी पार्टी नहीं हो सकती।

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