Sunday, May 3, 2026
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दिल्ली बजट 2026: रेखा गुप्ता सरकार का ₹1.03 लाख करोड़ का ‘हरित बजट’; होली-दीपावली पर फ्री LPG और धूल-मुक्त सड़कों का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज दिल्ली विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,03,700 करोड़ का भारी-भरकम बजट पेश किया। ‘विकसित दिल्ली’ के संकल्प के साथ पेश किए गए इस बजट में सरकार ने मध्यम वर्ग और गरीबों के लिए ‘फ्री LPG सिलेंडर’ की सौगात दी है, वहीं बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने के लिए खजाना खोल दिया है। मुख्यमंत्री ने इसे ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार की प्रगति का प्रतीक बताया है।

होली और दीपावली पर मिलेगा फ्री गैस सिलेंडर

बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक फ्री LPG सिलेंडर योजना है। सरकार ने दिल्ली की जनता को होली और दीपावली के शुभ अवसर पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने के लिए ₹260 करोड़ का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक ठोस प्रयास है।

MCD और बुनियादी ढांचे पर जोर

मुख्यमंत्री ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के विकास के लिए ₹11,666 करोड़ आवंटित किए हैं। इसके अलावा:

  • PWD (लोक निर्माण विभाग): ₹5,921 करोड़ बुनियादी ढांचे के लिए।
  • धूल-मुक्त सड़कें: ₹1,352 करोड़ के बजट से 750 किमी सड़कों की ‘एंड-टू-एंड रिकार्पेटिंग’ की जाएगी।
  • बिजली विभाग: ₹3,942 करोड़ का प्रावधान, जिसमें से ₹200 करोड़ ओवरहेड तारों को हटाने के लिए अलग से रखे गए हैं।

‘हरित बजट’ और यमुना पार का विकास

मुख्यमंत्री ने इसे ‘ग्रीन बजट’ करार देते हुए कहा कि दिल्ली बदलाव के दौर से गुजर रही है। सुरक्षित सड़कें और जलवायु गलियारे सरकार की प्राथमिकता हैं। यमुना पार क्षेत्र के विकास के लिए ₹300 करोड़ और दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के लिए ₹787 करोड़ की घोषणा की गई है।

राजस्व और आर्थिक स्थिति

रेखा गुप्ता ने सदन को बताया कि दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय देश में तीसरे स्थान पर है। बजट में ₹74,000 करोड़ का कर राजस्व (Tax Revenue) मिलने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, उन्होंने पुरानी सरकारों की ‘मुफ्त सुविधाओं की संस्कृति’ पर निशाना साधते हुए कहा कि इससे 2018-2020 के बीच राजस्व में गिरावट आई थी, जिसे अब उनकी सरकार संभाल रही है।

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₹1 लाख करोड़ का बजट और दमकल के पास एक सीढ़ी भी नहीं? पालम अग्निकांड पर आतिशी का प्रचंड विरोध; बीजेपी सरकार को घेरा

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज उस वक्त भारी बवाल मच गया जब आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने विपक्ष की नेता (LoP) आतिशी के नेतृत्व में भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। हाल ही में पालम इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड को लेकर ‘आप’ ने सरकार के ₹1 लाख करोड़ के बजट दावों को ‘जुमलेबाजी’ और ‘फर्जीवाड़ा’ करार दिया है।

“9 लोगों की जान का जिम्मेदार कौन?”

सदन के बाहर और भीतर प्रदर्शन करते हुए ‘आप’ विधायकों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने ₹1 लाख करोड़ के भारी-भरकम बजट का डंका तो खूब पीटा, लेकिन जब पालम में आग लगी, तो सरकारी तंत्र पूरी तरह विफल साबित हुआ। आतिशी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “जिस सरकार के पास ₹1 लाख करोड़ का बजट है, उसके दमकल विभाग के पास एक सीढ़ी तक नहीं थी जो समय पर खुल सके। इस निकम्मेपन ने हंसते-खेलते परिवार के 9 लोगों की जान ले ली।”

बजट के दावों पर ‘आप’ का वार

प्रदर्शन के दौरान ‘आप’ नेताओं ने भाजपा सरकार के विकास के दावों की पोल खोलते हुए कहा कि यह बजट केवल कागजों और जुमलों तक सीमित है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर दिल्ली की सुरक्षा के लिए बुनियादी सुविधाएं जैसे दमकल की आधुनिक सीढ़ियां और उपकरण ही उपलब्ध नहीं हैं, तो फिर इस विशाल बजट का पैसा आखिर जा कहाँ रहा है? ‘आप’ ने इसे सीधे तौर पर सरकारी लापरवाही से हुई ‘हत्या’ करार दिया।

आतिशी के नेतृत्व में घेराबंदी

विपक्ष की नेता आतिशी के नेतृत्व में विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। उन्होंने मांग की कि पालम अग्निकांड के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और दमकल विभाग की इस बड़ी चूक की उच्च स्तरीय जांच की जाए। ‘आप’ ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार अपनी जवाबदेही तय नहीं करती और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, उनका विरोध जारी रहेगा।

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पालम अग्निकांड पर संजय सिंह का दिल दहला देने वाला खुलासा: “मां-बेटी के शव अलग नहीं हो सके, यह मौत नहीं ‘सरकारी हत्या’ है”

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के पालम इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरी दिल्ली को झकझोर कर रख दिया है। इस त्रासदी पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए बेहद सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। संजय सिंह ने इस घटना को सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे ‘सरकारी हत्या’ करार दिया है और दिल्ली सरकार के एक मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

एक ही चिता पर मां-बेटी: रूह कंपा देने वाला मंजर

संजय सिंह ने बताया कि इस अग्निकांड में एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “शव 9 थे, लेकिन चिताएं 8 जलीं, क्योंकि आग की लपटों में एक मां और उसकी मासूम बेटी के मृत शरीर इस कदर चिपक गए थे कि उन्हें अलग करना भी मुमकिन नहीं था। यह मंजर देख श्मशान घाट पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं।

दमकल विभाग की लापरवाही पर उठाए सवाल

सांसद संजय सिंह ने राहत कार्य में लगी दमकल विभाग की टीम पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों की सीढ़ियां तक नहीं खुल रही थीं। सिंह ने कहा, “आसपास के लोग मदद करना चाहते थे, वे अपनी जान जोखिम में डालकर परिवार को बचाना चाहते थे, लेकिन उन्हें मदद करने से रोक दिया गया। दमकल की नाकामी ने हंसते-खेलते परिवार को राख में बदल दिया।”

“पीड़ित परिवार को दोषी बताना शर्मनाक, मंत्री दें इस्तीफा”

संजय सिंह ने दिल्ली सरकार के उस मंत्री पर भी तीखा हमला बोला जिन्होंने कथित तौर पर पीड़ित परिवार को ही इस आग का जिम्मेदार ठहराया था। सिंह ने कहा, “एक तरफ पूरा परिवार खत्म हो गया और दूसरी तरफ सरकार के मंत्री उन्हें ही दोषी बता रहे हैं। यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। मेरी मांग है कि उस मंत्री के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो और उन्हें पद से इस्तीफा देना चाहिए।”

न्यायिक जांच और दोषियों को सजा की मांग

आम आदमी पार्टी के सांसद ने केंद्र और दिल्ली प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे अग्निकांड की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दमकल विभाग की चूक और मंत्री के बयान की जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।

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सावधान! अब AI से आवाज बदलकर ठग रहे जालसाज: वित्त मंत्री की आवाज की नकल कर बुजुर्ग से ठगे 22 लाख, 10 गिरफ्तार

नई दिल्ली (दिल्ली दर्पण टीवी): दिल्ली पुलिस की साउथ-वेस्ट जिला साइबर थाना टीम ने एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दिल्ली, मुंबई और राजस्थान में छापेमारी कर इस गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बड़े नेताओं के फर्जी विज्ञापनों का सहारा लेकर लोगों को निवेश के नाम पर करोड़ों का चूना लगा रहा था।

AI और वित्त मंत्री के नाम पर बिछाया जाल

ठगी का शिकार हुए 60 वर्षीय बुजुर्ग ए. श्रीनिवासन ने पुलिस को बताया कि उन्होंने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा था। इस विज्ञापन में वित्त मंत्री के भाषण का AI तकनीक से दुरुपयोग कर यह दावा किया गया था कि उनके प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से भारी मुनाफा होगा। झांसे में आकर बुजुर्ग ने दिए गए लिंक पर रजिस्ट्रेशन किया, जिसके बाद ठगों ने ‘इन्वेस्टमेंट एडवाइजर’ बनकर उनसे संपर्क किया। ठगों ने उन्हें मुद्रोन एप (Mudron App) और 9Pro प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर कराकर ₹22.67 लाख निवेश करवा लिए और फिर गायब हो गए।

NSP और रोहिणी में चल रहा था ‘फर्जी ऑफिस’

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डिजिटल डेटा और मनी ट्रेल (पैसों के लेनदेन) की जांच की। जांच में पता चला कि दिल्ली के नेताजी सुभाष प्लेस (NSP) और रोहिणी में इस गैंग ने बाकायदा ऑफिस खोल रखा था। पुलिस ने छापेमारी कर तजिंदर सिंह उर्फ लकी, आशीष सैनी समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया। ये लोग फर्जी ऑफिस की आड़ में नकली बैंक खाते खोलकर साइबर ठगों को सप्लाई करते थे।

कंबोडिया और मुंबई से जुड़े हैं तार

पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह केवल भारत तक सीमित नहीं है। इनके तार कंबोडिया में बैठे मास्टरमाइंड्स से जुड़े हैं। दिल्ली और राजस्थान (ब्यावर) से गिरफ्तार आरोपी फर्जी बैंक खाते जुटाकर मुंबई में बैठे ‘PK’ नाम के व्यक्ति को भेजते थे, जहाँ से ठगी की रकम को विदेशों में ट्रांसफर किया जाता था।

बरामदगी देख पुलिस भी रह गई दंग

पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से साइबर ठगी का भारी सामान बरामद किया है, जो इनके बड़े नेटवर्क की गवाही देता है:

  • 92 फर्जी सिम कार्ड और 40 मोबाइल फोन
  • 39 पासबुक/चेकबुक और 27 एटीएम कार्ड
  • 2 POS मशीनें और 6 UPI स्कैनर
  • लैपटॉप, डेस्कटॉप और प्रिंटर समेत कई फर्जी दस्तावेज।

दिल्ली पुलिस की चेतावनी

साउथ-वेस्ट जिला पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले ‘अत्यधिक मुनाफे’ वाले विज्ञापनों से बचें। पुलिस को शक है कि इस गिरोह ने देशभर में सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

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मिडिल ईस्ट वॉर: पीएम मोदी ने मांगी ‘कोरोना जैसी एकजुटता’, तो केजरीवाल बोले— सरकार की नाकामी का हर्जाना जनता क्यों भरे?

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी संघर्ष और उसके भारत पर पड़ते आर्थिक प्रभावों को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकसभा में दिए गए बयान पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कड़ा ऐतराज जताया है। केजरीवाल ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर सरकार की नाकामियों की कीमत हर बार आम आदमी को ही क्यों चुकानी पड़ती है?

प्रधानमंत्री मोदी का लोकसभा में संबोधन

सोमवार को लोकसभा में पश्चिम एशिया के संकट पर वक्तव्य देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस अप्रत्याशित संघर्ष का प्रभाव लंबा रहने वाला है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि इस संकट से निपटने के लिए हमें उसी एकजुटता की जरूरत है, जैसी हमने कोरोना महामारी के दौरान दिखाई थी। पीएम ने विश्वास दिलाया कि सरकार हालात से निपटने के लिए तत्पर है और पिछले एक दशक में ऊर्जा क्षेत्र में की गई तैयारियों से आज मदद मिल रही है।

केजरीवाल का पलटवार: “बिना तैयारी के क्यों पकड़ी गई सरकार?”

प्रधानमंत्री के इस बयान के तुरंत बाद अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर मोर्चा खोल दिया। केजरीवाल ने सरकार को घेरते हुए लिखा, “पूरी दुनिया को पता था कि युद्ध कभी भी छिड़ सकता है, फिर मोदी सरकार बिना तैयारी के क्यों पकड़ी गई? पहले से वैकल्पिक आपूर्ति (Alternative Supply) सुनिश्चित क्यों नहीं की गई?”

केजरीवाल ने गिनाए संकट के प्रभाव:

  • शेयर बाजार: बाजार में जारी भारी गिरावट से निवेशकों का पैसा डूब रहा है।
  • LPG संकट: एलपीजी की कमी के कारण छोटे कारोबार बंद हो रहे हैं और लोग भीषण गर्मी में सिलेंडरों के लिए कतारों में खड़े हैं।
  • रुपये की गिरावट: भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर को छू रहा है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा है।
  • रोजगार पर चोट: प्रवासी मजदूरों की रोजी-रोटी छिन रही है।

“आम आदमी ही क्यों चुकाए कीमत?”

केजरीवाल ने भावुक और तीखा सवाल करते हुए कहा कि जब भी कोई अंतरराष्ट्रीय संकट आता है, उसका सीधा बोझ गरीब और मध्यम वर्ग पर डाल दिया जाता है। उन्होंने सरकार से पूछा कि कूटनीति और लंबी-चौड़ी बातों के बीच आम आदमी के घर का बजट क्यों बिगड़ रहा है? ‘आप’ नेता ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को आपदा आने से पहले ठोस व्यवस्था करनी चाहिए थी, न कि संकट आने पर लोगों से त्याग की उम्मीद करनी चाहिए।

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