Sunday, May 3, 2026
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खौफनाक: उस्मानपुर थाने के ठीक सामने 18 साल के युवक की चाकू मारकर हत्या; DDA पार्क में खून से लथपथ मिला ज़ैद का शव

नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली का उस्मानपुर इलाका एक बार फिर दहल उठा है। थाने से चंद कदमों की दूरी पर स्थित डीडीए (DDA) पार्क में अज्ञात बदमाशों ने 18 वर्षीय युवक ज़ैद की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि यह वारदात उस्मानपुर थाने के ठीक सामने अंजाम दी गई, जिससे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस के इकबाल पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला, मौके पर तोड़ा दम

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने ज़ैद पर चाकुओं से कई वार किए। युवक के शरीर पर गहरे जख्मों के निशान पाए गए हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हमला बेहद आक्रामक था। अत्यधिक खून बह जाने और गंभीर चोटों के कारण ज़ैद की मौके पर ही मौत हो गई। आशंका है कि इस खूनी खेल को देर रात अंजाम दिया गया जब पार्क में सन्नाटा था।

सुबह सैर पर निकले लोगों ने देखा शव

बुधवार सुबह जब स्थानीय लोग सैर के लिए पार्क पहुंचे, तो वहां का मंजर देख उनके होश उड़ गए। पार्क के भीतर ज़ैद का खून से सना शव पड़ा था। खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ भारी गुस्सा है क्योंकि थाना पास होने के बावजूद अपराधी बेखौफ होकर हत्या जैसी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।

थाने के सामने वारदात: बुलंद हैं अपराधियों के हौसले

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह डीडीए पार्क लंबे समय से असामाजिक तत्वों का अड्डा बना हुआ है। पहले भी यहाँ लूट, झपटमारी और मारपीट की घटनाएं होती रही हैं। लोगों का सवाल है कि अगर थाने के ठीक सामने ही नागरिक सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर दिल्ली में सुरक्षित जगह कहाँ है?

CCTV खंगाल रही पुलिस, जांच शुरू

सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पार्क और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही ज़ैद के परिजनों और दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या की वजह और आरोपियों का सुराग लग सके।

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दिल्ली के करोल बाग में भीषण सड़क हादसा: झंडेवालान मंदिर के पास पलटी डबल डेकर बस, 2 की मौत, कई घायल

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के करोल बाग इलाके में मंगलवार-बुधवार (24-25 मार्च) की दरमियानी रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। झंडेवालान मंदिर के पास राजस्थान से आ रही एक तेज रफ्तार डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस में सवार लगभग 25 यात्री घायल हुए हैं, जिनका इलाज नजदीकी अस्पताल में चल रहा है।

देर रात 1:10 बजे चीख-पुकार से गूंजा इलाका

दमकल विभाग के अनुसार, उन्हें हादसे की सूचना रात करीब 1 बजकर 10 मिनट पर मिली। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस की रफ्तार काफी तेज थी और गोल चक्कर के पास अचानक संतुलन बिगड़ने से बस सड़क पर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। बस की खिड़कियां चकनाचूर हो गईं और यात्रियों का सामान व खून से सने कपड़े सड़क पर बिखर गए।

JCB और रस्सियों के सहारे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे के वक्त मौके पर मौजूद ऑटो चालकों ने जांबाजी दिखाते हुए पुलिस के आने से पहले ही बचाव कार्य शुरू कर दिया था। ऑटो चालक दीपक ने बताया, “हादसे के बाद एक बच्चा और एक महिला बस के नीचे फंसे हुए थे। वहां खड़ी एक जेसीबी की मदद ली गई और रस्सियां डालकर लोगों को बाहर निकाला गया।” यात्रियों ने खुद को बचाने के लिए टूटी हुई खिड़कियों से कूदने की कोशिश की, जिससे कई लोग गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए।

तेज रफ्तार या ड्राइवर की नींद?

शुरुआती जांच और चश्मदीदों के दावों के अनुसार, बस 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी। खाली सड़क होने के बावजूद बस का पलटना इस ओर इशारा कर रहा है कि या तो ड्राइवर को नींद की झपकी आ गई थी या फिर तेज रफ्तार के कारण मोड़ पर संतुलन बिगड़ गया। दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के सटीक कारणों की जांच कर रही है।

घायलों का अस्पताल में इलाज जारी

हादसे में घायल हुए सभी यात्रियों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मृतकों की शिनाख्त करने की कोशिश कर रही है और उनके परिजनों को सूचित किया जा रहा है। दमकल विभाग और पुलिस की टीमें देर रात तक क्रेन की मदद से बस को सड़क से हटाने के काम में जुटी रहीं।

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आनंद योग साधना शिविर 2026: रामनवमी पर फरीदाबाद की धरा पर उमड़ेगा आध्यात्मिकता का सैलाब

फरीदाबाद (हरियाणा): रामनवमी के पावन अवसर पर अंतर्मन की ज्योति को प्रज्वलित करने और आत्मिक शांति की खोज करने वाले साधकों के लिए एक सुनहरा अवसर आ रहा है। अखिल भारतीय संतमत सत्संग, दिल्ली द्वारा आगामी 26 मार्च से 29 मार्च 2026 तक ‘आनंद योग साधना शिविर’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। ग्राम अनंगपुर स्थित ‘संत यशरूप तपोभूमि परिसर आश्रम’ की पवित्र भूमि इस चार दिवसीय आध्यात्मिक उत्सव की साक्षी बनेगी। संत सुरेश भैयाजी के पावन सानिध्य में आयोजित होने वाला यह शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामूहिक ध्यान और साधना के माध्यम से भीतर सोई हुई चैतन्य शक्ति को जगाने का एक जीवंत प्रयास है।

इस आध्यात्मिक समागम का मुख्य केंद्र ‘इति मार्ग साधना’ है, जिसकी स्थापना 1969 में परम संत महात्मा श्री यशपाल जी महाराज द्वारा की गई थी। यह साधना पद्धति गृहस्थ जीवन की व्यस्तताओं के बीच रहते हुए भी ईश्वर से जुड़ने का एक सरल और अंतरंग मार्ग प्रशस्त करती है। शिविर के दौरान साधक नाम-जप, आत्मस्मरण और गुरु-कृपा के अनूठे संगम का अनुभव करेंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा में प्रातःकालीन गुरु-स्मरण, रामनाम की लहरें और गहन ध्यान सत्र शामिल हैं। विशेष सत्रों में विद्वानों द्वारा आंतरिक मौन, चित्त की शुद्धि और संस्कार-विनाश जैसे गूढ़ विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया जाएगा, जो साधकों को मानसिक अशांति से मुक्त कर आत्मिक आनंद की ओर ले जाएगा।

शिविर का सबसे विशेष आकर्षण 72 घंटे का अखंड शांति पाठ होगा, जो 26 मार्च से शुरू होकर 29 मार्च तक निरंतर चलेगा। इस दौरान साधक कमलगट्टे की माला के साथ ‘ओम शांति’ या अपने इष्ट मंत्र का मानसिक जाप करते हुए सामूहिक चेतना को जागृत करेंगे। यह अखंड साधना न केवल व्यक्तिगत आत्म-उन्नति के लिए है, बल्कि विश्व-कल्याण और वैश्विक शांति के संकल्प को भी समर्पित है। इसके साथ ही, रविवार 29 मार्च को ‘नामदान’ और दीक्षा का कार्यक्रम आयोजित होगा, जहाँ नए जिज्ञासुओं को संत श्री सुरेश भैयाजी द्वारा साधना के पथ पर दीक्षित किया जाएगा।

आश्रम की इस पावन धरा पर नई पीढ़ी के लिए ‘बाल तरंग’ नामक विशेष सत्र का आयोजन भी किया गया है, जिसमें खेल और प्रार्थना के माध्यम से बच्चों में नैतिक मूल्यों और एकाग्रता के बीज बोए जाएंगे। आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ मानव सेवा को ध्यान में रखते हुए यहाँ एक निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया जाएगा। आयोजक मंडल ने सभी धर्मप्रेमियों और आध्यात्मिक जिज्ञासुओं को सपरिवार आमंत्रित किया है कि वे इस ‘सूफी सिलसिले’ का हिस्सा बनें, जहाँ एक चिराग से दूसरा चिराग रोशन होता है और अंतर्मन की शांति बाहरी कोलाहल पर विजय प्राप्त करती है।

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Rabies-Free Initiative” – अशोक विहार में गूंजी ‘डॉग्स डे आउट’ की धमक: अजय गोयल फाउंडेशन ने पेश की नई मिसाल

– दिल्ली दर्पण टीवी 

नई दिल्ली, अशोक विहार: देश की राजधानी दिल्ली में इन दिनों आवारा कुत्तों (Street Dogs) की बढ़ती संख्या और उनसे सुरक्षा को लेकर बहस काफी गर्म है। जहाँ एक ओर डॉग बाइट की घटनाओं से लोगों में डर है, वहीं दूसरी ओर पालतू जानवरों के प्रति प्रेम रखने वालों के लिए सुविधाओं की भारी कमी अक्सर खलती है। इसी गंभीर समस्या और सामाजिक जरूरत को देखते हुए, अजय गोयल फाउंडेशन ने अशोक विहार फेज-1 के ‘E’ ब्लॉक में एक अनूठी पहल की है। फाउंडेशन द्वारा ‘पेट एंड स्ट्रीट डॉग्स एंटी-रेबीज प्रोग्राम’ और एक विशेष डॉग शो का आयोजन किया गया, जो आज के समय की सबसे बड़ी मांग है।

अशोक विहार के इतिहास में पहली बार आयोजित इस विशेष अभियान में जिगली पेट केयर फाउंडेशन (Zigly Pet Care Foundation) के तकनीकी सहयोग से आवारा कुत्तों के टीकाकरण पर विशेष जोर दिया गया। इस मुहिम की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभियान के पहले ही दिन ब्लॉक ‘E’ में 22 गली के कुत्तों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई। अजय गोयल फाउंडेशन का मुख्य लक्ष्य पूरे अशोक विहार को रेबीज संक्रमण से मुक्त बनाना है, ताकि इंसान और जानवर दोनों सुरक्षित रह सकें। यह पहल साबित करती है कि अगर समाज जागरूक हो, तो सड़कों पर बढ़ते कुत्तों के खतरे को सही प्रबंधन और वैक्सीनेशन से कम किया जा सकता है।

इस कार्यक्रम की सफलता में स्थानीय फेडरेशन और प्रबुद्ध नागरिकों का बड़ा योगदान रहा। अजय गोयल ने विशेष रूप से रमेश आहूजा (D ब्लॉक), अजय साहनी (F ब्लॉक), आर.पी. सिंघल और गिरीश जैन (E ब्लॉक) का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस नेक कार्य में अपना समर्थन दिया। इसके साथ ही, योगेश वर्मा, विकास गोयल, फेडरेशन ऑफ वजीरपुर के समीर सहगल और ग्रीन हैंड्स सोसाइटी के अशोक खारी जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस मुहिम को सफल बनाने में कंधे से कंधा मिलाया। इन सभी का मानना है कि केवल प्रशासन के भरोसे बैठने के बजाय, सामुदायिक सहयोग से ही इलाके को सुरक्षित और स्वच्छ बनाया जा सकता है।

डॉग शो के दौरान विशेषज्ञों ने पालतू जानवरों के मालिकों को कुछ जरूरी सावधानी के टिप्स भी दिए, जो हर डॉग ओनर के लिए अनिवार्य हैं। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि न केवल अपने पालतू कुत्ते, बल्कि आसपास के स्ट्रीट डॉग्स के टीकाकरण का भी रिकॉर्ड रखना समाज की सुरक्षा के लिए जरूरी है। इसके अलावा, सार्वजनिक रास्तों पर सफाई बनाए रखने के लिए ‘पूप-स्कूपर’ का इस्तेमाल, कुत्तों का प्रॉपर सोशलाइजेशन ताकि वे आक्रामक न हों, और नगर निगम (MCD) में अनिवार्य पंजीकरण (Registration) जैसे मुद्दों पर भी जागरूक किया गया। बढ़ती गर्मी को देखते हुए कुत्तों के आहार और व्यायाम के समय में बदलाव की सलाह भी दी गई। अजय गोयल फाउंडेशन का यह संकल्प आने वाले दिनों में दिल्ली के अन्य ब्लॉकों में भी जारी रहेगा।

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MCD के लिए ₹11,266 करोड़ का ‘बूस्टर डोज’: क्या खत्म होगा फंड का अकाल और सुधरेगी दिल्ली की सफाई?

नई दिल्ली | विशेष रिपोर्ट(दिल्ली दर्पण टीवी)

दिल्ली नगर निगम (MCD), जो पिछले लंबे समय से ‘कंगाली’ के दौर से गुजर रहा था, उसके लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राहत का पिटारा खोल दिया है। बजट 2026-27 में MCD के लिए ₹11,266 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है। यह राशि न केवल नगर निगम के इतिहास में सबसे बड़ी है, बल्कि यह दिल्ली के बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों के लिए एक ‘लाइफलाइन’ साबित हो सकती है।

ठेकेदारों और टेंडरों का संकट होगा खत्म?

वर्तमान में MCD की हालत यह है कि कोई भी बड़ा ठेकेदार नया टेंडर लेने को तैयार नहीं होता। कारण साफ है—पुराने बकाये का भुगतान न होना। बजट में की गई इस भारी बढ़ोतरी से रुकी हुई विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।

  • समय पर भुगतान: ₹11,266 करोड़ की इस बड़ी राशि से ठेकेदारों के पुराने बिलों के भुगतान का रास्ता साफ होगा, जिससे बाजार में भरोसा लौटेगा और सड़कों की मरम्मत, नालों की सफाई जैसे काम दोबारा शुरू हो सकेंगे।

कर्मचारियों के लिए ‘उम्मीद की किरण’

MCD के हजारों सफाई कर्मचारी, डॉक्टर और शिक्षक अक्सर वेतन न मिलने के कारण हड़ताल पर रहते थे।

  • वेतन और एरियर: इस रिकॉर्ड आवंटन का एक बड़ा हिस्सा कर्मचारियों के वेतन और उनके लंबित एरियर (Arrears) के लिए सुरक्षित रखा गया है। इससे ‘कंगाल निगम’ की छवि बदलेगी और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा।

आंकड़ों की नजर में राहत (Comparison):

  • रिकॉर्ड बढ़ोतरी: पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस बार निगम को मिलने वाली सहायता में बड़ी वृद्धि की गई है।
  • बकाये का निपटारा: आवंटित राशि का लगभग 20-25% हिस्सा पिछले वित्तीय बोझ और देनदारियों को कम करने में इस्तेमाल होने की उम्मीद है।
  • विकास कार्य: विधायक निधि (MLA-LAD) और निगम के फंड के तालमेल से वार्ड स्तर पर विकास कार्यों के लिए अलग से बजट सुनिश्चित किया गया है।

दोषारोपण से समाधान तक

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि पिछली सरकारों ने फंड रोकने की जो राजनीति की, उसकी सजा दिल्ली की जनता ने भुगती है। अब ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार के विजन के साथ फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। ₹11,266 करोड़ का यह आवंटन सुनिश्चित करेगा कि दिल्ली का कूड़ा केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन से भी साफ हो।

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