Sunday, May 3, 2026
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मशहूर ढोलक मास्टर ‘झंकार’ 5 दिनों से लापता: तलाश में दर-दर भटक रहा परिवार, ढूंढने वाले को मिलेगा ₹11,000 का इनाम

नई दिल्ली: संगीत की दुनिया का एक जाना-माना नाम और अपनी ढोलक की थाप से बड़े-बड़े कलाकारों के साथ संगत करने वाले 67 वर्षीय झंकार पिछले 5 दिनों से लापता हैं। 21 मार्च की शाम वह रोजाना की तरह दिल्ली में अपने घर से टहलने निकले थे, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटे। मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण परिवार किसी अनहोनी की आशंका से बेहद डरा हुआ है।

तलाश में जुटा परिवार, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी

झंकार जी की तलाश में उनका पूरा परिवार—बहन, बेटा, बहू और छोटे-छोटे बच्चे—हाथों में पोस्टर लिए सड़कों की खाक छान रहे हैं। भारत नगर थाना पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज है। पुलिस को सूचना मिली थी कि उन्हें महाराजा अग्रसेन स्कूल के पास देखा गया है, जिसके बाद पुलिस ने वहां के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने अपने मुखिया को सुरक्षित वापस लाने वाले व्यक्ति के लिए 11,000 रुपये के इनाम की घोषणा की है।

दिल्ली दर्पण टीवी की अपील: इंसानियत के नाते करें मदद

झंकार जी ने अपने समय में कई दिग्गज गायकों के साथ काम किया है, लेकिन आज वही कलाकार गुमनामी के अंधेरे में कहीं खो गया है। दिल्ली दर्पण टीवी इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है। हम अपने पाठकों और दर्शकों से अपील करते हैं कि यदि आपको इस फोटो में दिख रहे बुजुर्ग कहीं भी नज़र आएं, तो तुरंत भारत नगर थाना पुलिस या परिवार को सूचित करें। आपकी एक छोटी सी कोशिश एक कलाकार को उसके अपनों से मिला सकती है।

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‘रेखा गुप्ता पानी दो’: नवरात्रि में प्यासी दिल्ली! करोल बाग-पहाड़गंज में जल संकट पर जल बोर्ड मुख्यालय घेरा, कल तक का अल्टीमेटम

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के करोल बाग और पहाड़गंज इलाकों में पिछले चार दिनों से पानी के लिए मचे हाहाकार ने अब उग्र आंदोलन का रूप ले लिया है। नवरात्रि और अष्टमी की पूजा के बीच बूंद-बूंद पानी को तरस रही जनता का सब्र आज टूट गया। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

“अष्टमी की पूजा में भी पानी नहीं, कैसी हिंदू हितैषी सरकार?”

प्रदर्शन के दौरान ‘आप’ नेताओं ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि खुद को हिंदुओं का सबसे बड़ा हितैषी बताने वाली भाजपा अपने राज में लोगों को नवरात्रि और अष्टमी पूजा के पवित्र समय में पानी के लिए रुला रही है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले 4 दिनों से इन इलाकों में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप है, जिससे लोगों के लिए घर का काम करना और धार्मिक अनुष्ठान पूरे करना मुश्किल हो गया है।

26 मार्च तक का अल्टीमेटम: “नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन”

प्रदर्शनकारियों ने जल बोर्ड के अधिकारियों और दिल्ली सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है। ‘आप’ नेताओं ने कहा, “अगर कल यानी 26 मार्च तक करोल बाग और पहाड़गंज में पानी की सुचारू सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो इस फर्जी सरकार के खिलाफ पूरी दिल्ली में बड़ा जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा।” लोगों का कहना है कि सरकार केवल बड़े-बड़े बजट के दावे कर रही है, लेकिन जमीन पर लोगों के पास पीने का पानी तक नहीं है।

चंद्रावल प्लांट में खराबी बनी मुसीबत?

बता दें कि हाल ही में चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) में आई तकनीकी खराबी और पाइपलाइन के टूटने के कारण मध्य और उत्तर दिल्ली के कई इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है। हालांकि, जनता का आरोप है कि सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था (जैसे टैंकर) करने में कोई सक्रियता नहीं दिखाई, जिससे संकट गहरा गया है।

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दिल्ली नगर निगम की बड़ी पहल: ‘निगम श्री’ स्कूलों को मिली मंजूरी, 45 करोड़ का बजट जारी

दिल्ली दर्पण ब्यूरो

नई दिल्ली, 25 मार्च 2026: दिल्ली नगर निगम (MCD) के स्कूलों की तस्वीर बदलने के लिए बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सिविक सेंटर में शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में निगम स्कूलों को आधुनिक बनाने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक में एडिशनल कमिश्नर संजीव मित्तल और शिक्षा निदेशक निखिल तिवारी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समिति ने पीएम श्री और सीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर “निगम श्री स्कूल” शुरू करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। प्रथम चरण में 24 स्कूलों को इस योजना के तहत विकसित किया जाएगा, जो आगामी शैक्षणिक सत्र से शुरू होंगे।

इन ‘निगम श्री’ स्कूलों में छात्रों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। योजना के अनुसार, प्रत्येक कक्षा में स्मार्ट बोर्ड, डिजिटल लर्निंग और उन्नत पुस्तकालय की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही बेहतर फर्नीचर, खेल गतिविधियां, हरित आधारभूत संरचना और स्वच्छ पेयजल जैसे मानकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्कूलों के समग्र विकास और मरम्मत कार्यों के लिए समिति ने 45 करोड़ रुपये की राशि भी जारी कर दी है। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से शौचालयों के रख-रखाव और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए किया जाएगा।

शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ छात्रों के कल्याण पर चर्चा करते हुए योगेश वर्मा ने बताया कि जिन विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस और स्टेशनरी के लिए वित्तीय सहायता नहीं मिली थी, उनके खातों में आज राशि हस्तांतरित कर दी गई है। वहीं, मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर समिति ने कड़ा रुख अपनाया है। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही बरतने वाले एनजीओ (NGOs) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शिक्षा समिति का लक्ष्य निगम स्कूलों को आधुनिक शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करना है ताकि गरीब बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

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शालीमार बाग में ‘बुलडोजर’ का खौफ: अपने ही क्षेत्र में घिरीं CM रेखा गुप्ता; जनता बोली— “केजरीवाल बसाते थे, भाजपा उजाड़ रही है”

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अपने ही विधानसभा क्षेत्र शालीमार बाग (शालीमार गांव) में इन दिनों दहशत और गुस्से का माहौल है। आजादपुर मंडी से मैक्स हॉस्पिटल तक सड़क चौड़ी करने के नाम पर प्रशासन ने करीब 143 संपत्तियों को अनाधिकृत घोषित कर 15 दिन के भीतर घर खाली करने का नोटिस चस्पा कर दिया है। इस कार्रवाई के खिलाफ स्थानीय निवासी सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

“भाजपा ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा”

शालीमार गांव के निवासियों का गुस्सा सीधे तौर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ फूट रहा है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि चुनाव के समय रेखा गुप्ता ने हाथ जोड़कर और पैर छूकर उनसे वोट मांगे थे, लेकिन सत्ता में आते ही उन्होंने उन्हीं के घरों पर बुलडोजर चलाने का आदेश दे दिया। एक बुजुर्ग निवासी ने भावुक होकर कहा, “भाजपा ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा है। हमने अपनी जिंदगी भर की कमाई इन घरों में लगा दी, और अब हमें बेघर किया जा रहा है।”

केजरीवाल सरकार से तुलना और ‘दहशत’ का माहौल

विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आम आदमी पार्टी की पूर्व सरकार को याद करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल की सरकार लोगों को बसाने और उन्हें मालिकाना हक देने का काम करती थी, लेकिन भाजपा सरकार केवल उजाड़ना जानती है। लोगों का आरोप है कि जब से रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री बनी हैं, पूरी दिल्ली में ‘बुलडोजर’ की दहशत फैल गई है।

PM-UDAY की रजिस्ट्री भी नहीं आई काम?

हैरानी की बात यह है कि जिन 143 संपत्तियों को नोटिस दिया गया है, उनमें से कई लोगों के पास PM-UDAY योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा दी गई पक्की रजिस्ट्री भी है। बावजूद इसके, प्रशासन ने उनके मालिकाना हक के दावों को खारिज कर दिया है। लोगों का सवाल है कि अगर प्रधानमंत्री की योजना के तहत हुई रजिस्ट्री भी उनके घर नहीं बचा सकती, तो फिर गरीब आदमी कहाँ जाए?

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

शालीमार बाग की महिलाओं और बुजुर्गों ने साफ कर दिया है कि वे अपने आशियाने को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि वे न केवल कानूनी लड़ाई लड़ेंगे, बल्कि सड़क पर अपने आंदोलन को और भी उग्र करेंगे। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज और संजीव झा भी लगातार इन परिवारों के संपर्क में हैं और इस कार्रवाई को “जनता विरोधी” बता रहे हैं।

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‘मोदी ने किया सरेंडर, गायब हुआ सिलेंडर’: देशव्यापी गैस संकट पर दिल्ली विधानसभा के बाहर AAP का प्रचंड प्रदर्शन

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में आज सियासत का पारा उस वक्त सातवें आसमान पर पहुंच गया जब आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों और नेताओं ने गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत और महंगाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विधानसभा सत्र के बीच, ‘आप’ विधायकों ने सदन का बहिष्कार किया और बाहर सड़क पर ‘गैस सिलेंडर’ के साथ अनोखा प्रदर्शन कर केंद्र सरकार की नीतियों को ‘जनता विरोधी’ करार दिया।

रसोई से सिलेंडर गायब, चूल्हे पर लौटा देश: AAP

प्रदर्शन के दौरान ‘आप’ नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नाकाम विदेश नीति और कुप्रबंधन के कारण आज पूरे देश के किचन से गैस सिलेंडर गायब हो चुके हैं। नेताओं ने कहा कि जो भारत ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आधुनिक भारत’ की बातें करता था, आज वहां की महिलाएं भीषण गर्मी में लकड़ी और कोयले के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी हैं और लोग एक अदद सिलेंडर के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं।

“गैस नहीं दिला सके, वो सरकार निकम्मी है”

सांसद संजय सिंह और अन्य नेताओं ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार केवल तानाशाही में व्यस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ जनता दाने-दाने और गैस के लिए तरस रही है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष की आवाज दबाने के लिए ‘आप’ विधायकों को असंवैधानिक तरीके से सस्पेंड किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए— “जो सिलेंडर न दिला सके, वो सरकार निकम्मी है, और जो सरकार निकम्मी है, वो सरकार बदलनी है।”

ब्लैक मार्केटिंग और रेस्टोरेंट बंदी का मुद्दा

पार्टी ने दावा किया कि सिलेंडरों की कमी के कारण दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में रेस्टोरेंट और छोटे ढाबे बंद होने की कगार पर हैं। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि जहाँ एक तरफ आम आदमी को सिलेंडर नहीं मिल रहा, वहीं दूसरी तरफ ₹7,000 से ₹10,000 में सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि आखिर इस ‘मानवनिर्मित संकट’ का समाधान कब होगा?

सदन से सड़क तक संग्राम

बता दें कि दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी के नेतृत्व में विधायकों ने सदन की कार्यवाही में शामिल होने के बजाय बाहर प्रदर्शन करना बेहतर समझा। विधायकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके निलंबित साथियों को बहाल नहीं किया जाता और सरकार गैस संकट पर ठोस जवाब नहीं देती, उनका संघर्ष सदन से सड़क तक जारी रहेगा।

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