Sunday, May 3, 2026
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दिल्ली के शादी समारोह में खूनी खेल: खाने के विवाद में चाकूबाजी, 17 साल के किशोर की मौत, दोस्त गंभीर रूप से घायल

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के रानी बाग इलाके में एक शादी समारोह की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब मामूली बात पर शुरू हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। खाने को लेकर हुए झगड़े में बीच-बचाव करने पहुंचे साढ़े 17 साल के एक किशोर की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उसका एक दोस्त गंभीर रूप से घायल है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

खाने के विवाद में गई जान

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान रोहिणी के नाहरपुर निवासी निखिल यादव (17.5 वर्ष) के रूप में हुई है। निखिल पेशे से मोटर मैकेनिक था। बीती रात वह अपने दोस्तों के साथ रानी बाग स्थित एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। चश्मदीदों और दोस्तों के मुताबिक, वहां कुछ लड़कों के बीच खाने को लेकर बहस हो रही थी। जब निखिल और उसके दोस्त सनी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी लड़कों ने उन पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला कर दिया।

शादी समारोह में हुए विवाद में नाबालिग की हत्या, उसका दोस्त घायल.

इलाज के दौरान तोड़ा दम

हमले में निखिल और सनी बुरी तरह लहूलुहान हो गए। सनी को कमर के नीचे चाकू लगा है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान निखिल ने दम तोड़ दिया। निखिल की मौत की खबर मिलते ही शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई और परिवार में कोहराम मच गया।

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

वारदात की सूचना मिलते ही जिले के डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। क्राइम टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले लिए हैं और कुछ संदिग्ध लड़कों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान लगभग हो चुकी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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अदालत पर CM रेखा गुप्ता की टिप्पणी से मचा बवाल: संजय सिंह ने मांगा इस्तीफा; ‘कोर्ट सेटिंग’ बयान पर SC से कार्रवाई की गुहार

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सिंह ने सीएम रेखा गुप्ता द्वारा अदालत के फैसले पर की गई टिप्पणी को ‘घोर अपमान’ बताते हुए उनके खिलाफ कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट (अदालत की अवमानना) का मुकदमा चलाने की मांग की है। संजय सिंह ने साफ कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठकर न्यायपालिका पर सवाल उठाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

“क्या पुराने फैसले BJP ने सेट किए थे?”

संजय सिंह ने सीएम रेखा गुप्ता के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने अरविंद केजरीवाल के पक्ष में आए अदालती फैसले को ‘सेटिंग’ बताया था। इस पर सिंह ने पलटवार करते हुए पूछा, “अगर आज का फैसला सेट किया गया है, तो क्या मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ जो पहले फैसले आए थे, क्या वे भाजपा और नरेंद्र मोदी ने सेट किए थे?” उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयान के लिए सीएम के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

CBI के झूठे मामले और बेगुनाही का दावा

संजय सिंह ने अदालत के एक ऐतिहासिक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि जज ने साफ तौर पर माना है कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के खिलाफ चार्ज फ्रेम करने लायक भी सबूत नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई ने मोदी सरकार के इशारे पर यह पूरा झूठा मामला बनाया था, जिसे अदालत ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।

दिल्ली में बिजली की दरें बढ़ाने का विरोध

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय सिंह ने एक और बड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अरविंद केजरीवाल द्वारा दी गई हर जन-हित की सुविधा को खत्म करने पर तुली है। सिंह ने दावा किया कि सरकार अब दिल्ली में बिजली की दरें (Rates) बढ़ाने की तैयारी कर रही है ताकि निजी कंपनियों को फायदा पहुँचाया जा सके। उन्होंने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक बंद किए जा रहे हैं और प्राइवेट स्कूलों की फीस 80% तक बढ़ गई है।

“दिल्ली की जनता देगी जवाब”

संजय सिंह ने अंत में कहा कि दिल्ली की जनता सब देख रही है। अरविंद केजरीवाल ने 10 साल तक ईमानदारी से बिजली, पानी और शिक्षा की सुविधाएं मुफ्त दी थीं, लेकिन भाजपा सरकार आते ही इन्हें छीन रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता सही वक्त आने पर इसका मुंह-तोड़ जवाब देगी।

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पालम अग्निकांड पर सौरभ भारद्वाज का बड़ा खुलासा: “यह हादसा नहीं, ‘सरकारी हत्या’ है; 30 फुट चौड़ी गली में भी नहीं खुली दमकल की सीढ़ी”

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने पालम अग्निकांड को लेकर भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार और दिल्ली फायर सर्विस पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीडियो साक्ष्य पेश करते हुए भारद्वाज ने इस पूरी घटना को ‘सरकारी हत्या’ करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि दमकल विभाग की घोर लापरवाही और तकनीकी विफलता के कारण एक ही परिवार के 9 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

“30 फुट चौड़ी गली को बताया संकरा, ताकि चल सके बुलडोजर”

सौरभ भारद्वाज ने ग्राउंड ज़ीरो के वीडियो दिखाते हुए भाजपा सरकार के उस दावे की पोल खोल दी, जिसमें कहा गया था कि गलियां बहुत पतली थीं। भारद्वाज ने कहा, “वीडियो में साफ दिख रहा है कि गली 30 फुट चौड़ी है। दमकल की गाड़ियाँ वहां आसानी से पहुँच सकती थीं, लेकिन सरकार झूठ बोल रही है ताकि भविष्य में अनधिकृत कॉलोनियों (Unauthorized Colonies) पर ‘बुलडोजर’ चलाने का बहाना मिल सके।”

हाइड्रोलिक लिफ्ट फेल, फायर सूट का नहीं हुआ इस्तेमाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दमकल विभाग की आंतरिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए भारद्वाज ने बताया कि मौके पर पहुँची ब्रोंटो स्काइलिफ्ट (Bronto Skylift) पूरी तरह फेल हो गई थी। उन्होंने सवाल उठाया, जब दमकल कर्मियों के पास ब्रीदिंग अपेरटस (BA) सेट्स और फायर-प्रूफ सूट होते हैं, तो वे आग के बीच घुसकर लोगों को बचाने क्यों नहीं गए? 7:55 बजे की रिपोर्ट में खुद विभाग ने माना है कि उनकी हाइड्रोलिक लिफ्ट खराब थी, लेकिन विधानसभा में इसे छिपाया गया।”

“गिद्ध की राजनीति कर रही है भाजपा”

सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी नेता आशीष सूद और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर ‘वल्चर पॉलिटिक्स’ (गिद्ध वाली राजनीति) का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ 9 लोग जिंदा जल गए और दूसरी तरफ भाजपा के नेता पीड़ितों को ही दोषी ठहरा रहे हैं कि उनके घर में एक ही सीढ़ी थी। उन्होंने पूछा, “क्या दिल्ली के हर घर में दो सीढ़ियाँ होती हैं? क्या एक सीढ़ी होना मौत की सजा है? भाजपा सरकार अपनी नाकामी का ठीकरा मासूम मृतकों पर फोड़ रही है।”

CCTV फुटेज की जांच की मांग

‘आप’ नेता ने दमकल विभाग द्वारा दी गई टाइमलाइन पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के अनुसार आग 6:00 से 6:30 के बीच लगी थी, जबकि फायर ब्रिगेड ने अपनी रिपोर्ट में पहली कॉल का समय 7:01 दिखाया है। उन्होंने मांग की है कि दमकल स्टेशन और रास्ते में लगे सभी CCTV कैमरों की जांच की जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

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खूनी रंजिश: दिल्ली के दयालपुर में 16 साल के किशोर की चाकू गोदकर हत्या; पुलिस ने 3 नाबालिगों को दबोचा

नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली का दयालपुर इलाका उस वक्त दहल गया जब नेहरू विहार की गलियों में एक 16 वर्षीय किशोर की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वारदात की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस को गली नंबर 13 में किशोर लहूलुहान और बेहोश हालत में मिला। उसे तुरंत जेपीसी (JPC) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बुलिंग (Bullying) बनी कत्ल की वजह?

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिगों (CCLs) को हिरासत में लिया है, जिनकी उम्र 13 से 17 वर्ष के बीच है। शुरुआती पूछताछ में पकड़े गए नाबालिगों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनका दावा है कि मृतक किशोर उनमें से एक को अक्सर परेशान और ‘बुलिंग’ करता था, जिसका बदला लेने के लिए उन्होंने इस खूनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है।

स्पेशल स्टाफ की मुठभेड़: पैर में गोली लगने के बाद इनामी बदमाश गिरफ्तार

एक अन्य बड़ी कार्रवाई में, दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ ने आईपी एस्टेट (IP Estate) इलाके में मुठभेड़ के बाद वांछित अपराधी अजय कालिया को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को हुई इस मुठभेड़ में दोनों तरफ से गोलियां चलीं। एक गोली स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी लगी, जिससे उनकी जान बाल-बाल बची। जवाबी कार्रवाई में अजय कालिया के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। अजय कालिया हत्या और लूट के कई मामलों में फरार चल रहा था।

फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत

दयालपुर हत्याकांड के बाद फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस वारदात में इन तीन नाबालिगों के अलावा कोई और भी शामिल था। फिलहाल, मृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है और इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।

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महंगी किताबें और ‘सस्ता’ धोखा: दिल्ली में 20,000 पायरेटेड किताबों का जखीरा बरामद; क्राइम ब्रांच ने दबोचा बुक माफिया का मास्टरमाइंड

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी में सक्रिय एक बड़े ‘पायरेसी रैकेट’ का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने रोहिणी और आनंद पर्वत इलाकों में छापेमारी कर 20,000 से अधिक नकली (पायरेटेड) किताबें बरामद की हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी ज्वाला प्रसाद सोनी को गिरफ्तार किया गया है, जो मशहूर पब्लिशिंग हाउस ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ की कॉपीराइट वाली किताबों की अवैध छपाई और बिक्री कर रहा था।

14 मार्च से शुरू हुई ‘ऑपरेशन बुक माफिया’ की जांच

क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल को 14 मार्च 2026 को नकली किताबों की छपाई और बाजार में उनकी अवैध बिक्री की शिकायत मिली थी। खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने रोहिणी सेक्टर-16 में जाल बिछाया। पहली छापेमारी में पुलिस के हाथ 8,593 पायरेटेड किताबें लगीं। इसके बाद आरोपी की निशानदेही पर हुई दूसरी रेड में 11,544 और किताबें बरामद की गईं। कुल मिलाकर पुलिस ने 20,137 नकली किताबें जब्त की हैं।

आनंद पर्वत में चल रही थी ‘अवैध फैक्ट्री’

शुरुआत में आरोपी ज्वाला प्रसाद ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद उसने आनंद पर्वत इंडस्ट्रियल एरिया में चल रहे अपने अवैध प्रिंटिंग सेटअप का खुलासा कर दिया। पुलिस ने वहां से:

  • 2 बड़ी प्रिंटिंग मशीनें
  • 4 किताबों के नेगेटिव * 12 प्रिंटिंग प्लेट्स बरामद की हैं।

इन मशीनों के जरिए आरोपी कॉपीराइट वाली महंगी किताबों को सस्ते कागज पर छापकर बाजार में कम दामों पर बेचता था, जिससे असली प्रकाशकों और लेखकों को करोड़ों का नुकसान हो रहा था।

पुराना अपराधी है ज्वाला प्रसाद

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ज्वाला प्रसाद सोनी इस धंधे का पुराना खिलाड़ी है। वह साल 2011 में भी कॉपीराइट एक्ट के तहत जेल जा चुका है। पुलिस का मानना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का काम नहीं है, बल्कि इसके पीछे दिल्ली-एनसीआर में फैला एक संगठित नेटवर्क हो सकता है जो फुटपाथ और छोटी दुकानों पर इन नकली किताबों की सप्लाई करता है।

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