Sunday, May 3, 2026
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‘रेखा गुप्ता’ के गढ़ में बच्चे ने खोली पोल! सौरभ भारद्वाज ने शेयर किया वीडियो, बोले— “अब Gen Z के बाद वाले भी भाजपा से नहीं डरते”

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अपने ही विधानसभा क्षेत्र शालीमार बाग से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने राजधानी की राजनीति में हलचल मचा दी है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक बच्चे का वीडियो साझा किया है, जिसमें वह बच्चा निडर होकर मुख्यमंत्री और भाजपा सरकार के कामकाज पर सवाल उठा रहा है।

“एक साल में ही कमा ली ऐसी शोहरत”

सौरभ भारद्वाज ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस वीडियो को पोस्ट करते हुए तंज कसा कि यह बच्चा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अपने निर्वाचन क्षेत्र का है। भारद्वाज ने लिखा, “Gen Z के बाद जो आ रहे हैं (Gen Alpha), वो भी भाजपा और CM रेखा गुप्ता से डरते नहीं हैं, सच बोल रहे हैं। मात्र एक साल में उन्होंने यह शोहरत कमा ली है।” भारद्वाज का इशारा इस ओर था कि मुख्यमंत्री के अपने ही इलाके के लोग और अब बच्चे भी सरकार की नीतियों और दावों से संतुष्ट नहीं हैं।

गोदी एंकर्स पर भी साधा निशाना

वीडियो साझा करते हुए सौरभ भारद्वाज ने मीडिया के एक वर्ग पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो “पोल खोल” का काम बड़े-बड़े ‘गोदी एंकर’ नहीं कर पा रहे हैं, वह काम यह छोटा सा बच्चा कर रहा है। वीडियो में बच्चा शालीमार बाग की स्थानीय समस्याओं या सरकार की कार्यशैली पर बेबाकी से बोलता नजर आ रहा है, जिसे ‘आप’ नेता ने मुख्यमंत्री की विफलता के रूप में पेश किया है।

लगातार घिर रही हैं मुख्यमंत्री

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से शालीमार बाग इलाके में बुलडोजर की कार्रवाई और घरों को तोड़े जाने के नोटिस को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। ‘आप’ लगातार आरोप लगा रही है कि मुख्यमंत्री अपने ही क्षेत्र के गरीबों के आशियाने उजाड़ रही हैं। इस वायरल वीडियो ने भाजपा सरकार के लिए ‘एंटी-इंकम्बेंसी’ (सत्ता विरोधी लहर) की चर्चाओं को और हवा दे दी है।

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सस्ती सब्जी, किसानों पर भारी: दिल्ली में प्याज-टमाटर के दाम गिरे; खरीदार खुश, लेकिन ‘अन्नदाता’ की मेहनत मिट्टी में!

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली की रसोई का बजट इन दिनों थोड़ा हल्का जरूर हुआ है, लेकिन खेतों में पसीना बहाने वाले किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। पिछले तीन महीनों से दिल्ली के खुदरा बाजारों में प्याज और टमाटर की कीमतें नियंत्रण में हैं, जिससे आम आदमी को राहत मिली है। हालांकि, बाजार की यह ‘नरमी’ किसानों के लिए आर्थिक तबाही का कारण बन रही है, क्योंकि उन्हें अपनी उपज की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।

खेत से मंडी तक: कौड़ियों के भाव बिक रही मेहनत

आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली के खुदरा बाजारों में प्याज 25 से 30 रुपये प्रति किलो बिक रही है, जबकि एशिया की सबसे बड़ी मंडी ‘आजादपुर’ में थोक भाव 8 से 18 रुपये तक गिर गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि खेतों में किसानों को अपनी फसल का मात्र 3 से 5 रुपये प्रति किलो का भाव मिल पा रहा है। लागत और कड़ी मेहनत के मुकाबले यह कीमत इतनी कम है कि किसानों को अपनी उपज मंडी तक लाने का भाड़ा निकालना भी दूभर हो गया है।

टमाटर की भी वही कहानी: बंपर पैदावार बनी जी का जंजाल

प्याज की तरह टमाटर के हाल भी बेहाल हैं। दिल्ली में टमाटर वर्तमान में 25 से 30 रुपये किलो के दायरे में है। अच्छी पैदावार और मंडियों में पर्याप्त आपूर्ति के चलते कीमतों में भारी गिरावट आई है। व्यापारियों का कहना है कि मांग के मुकाबले आपूर्ति कहीं अधिक है, जिसके कारण दाम लगातार नीचे की ओर दबाव बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो किसानों के लिए बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।

क्यों गिर रहे हैं दाम? मंडियों में बढ़ी आवक

आजादपुर मंडी के व्यापारियों के अनुसार, नवरात्रि के बाद आवक में अचानक तेजी आई है। वर्तमान में रोजाना 40 से 50 गाड़ियां केवल प्याज की मंडी पहुंच रही हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार आ रही खेप और कमजोर मांग ने बाजार का संतुलन बिगाड़ दिया है। जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस संकट के बीच महंगाई का डर है, वहीं स्थानीय बाजारों में गिरते कृषि दाम किसानों की कमर तोड़ रहे हैं।

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दिल्ली के पश्चिम विहार में खूनी ‘शक’: मां के अवैध संबंध के संदेह में बेटे ने युवक को सरेराह चाकू से गोदा, 22 साल के अमन की मौत

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके से रिश्तों के कत्ल की एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ महज 18 साल के एक युवक ने अपनी मां के साथ कथित संबंधों के शक में 22 वर्षीय युवक की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।

सरेराह घेरा और ताबड़तोड़ किए वार

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान मदनगीर निवासी अमन (22) के रूप में हुई है। शनिवार, 28 मार्च को अमन एक महिला के साथ पश्चिम विहार से निहाल विहार की ओर जा रहा था। इसी दौरान बाइक सवार आरोपी रोहित (18) ने उनका रास्ता रोका। इससे पहले कि अमन कुछ समझ पाता, रोहित ने उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। लहूलुहान अमन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

कत्ल की वजह: मां से ‘अवैध संबंध’ का शक

न्यूज़ एजेंसी पीटीआई (PTI) के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में हत्या की वजह ‘प्रतिष्ठा’ और ‘शक’ बताई जा रही है। आरोपी रोहित को संदेह था कि उसकी मां और अमन के बीच अवैध संबंध हैं। इसी रंजिश के चलते उसने अमन को मौत के घाट उतारने की साजिश रची। दोपहर करीब 2:27 बजे मृतक के भाई सुमित ने पुलिस को इस वारदात की सूचना दी, जिसके बाद हड़कंप मच गया।

आरोपी गिरफ्तार, हथियार की तलाश जारी

दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए निहाल विहार निवासी आरोपी रोहित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू की बरामदगी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात में रोहित के साथ कोई और भी शामिल था या उसने अकेले ही इस खूनी खेल को अंजाम दिया।

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दिल्ली क्राइम ब्रांच का मेरठ में बड़ा एक्शन: अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़; खालिस्तानी कनेक्शन और ‘पेन पिस्टल’ का जखीरा बराम

नई दिल्ली/मेरठ: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए मेरठ में चल रही एक ‘गन फैक्ट्री’ को नेस्तनाबूद कर दिया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक का पुराना खालिस्तानी आतंकियों को हथियार सप्लाई करने का रिकॉर्ड रहा है। पुलिस ने मौके से खतरनाक ‘पेन पिस्टल’ समेत भारी मात्रा में हथियार और उपकरण जब्त किए हैं।

बादली रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ ‘ऑपरेशन मेरठ’

क्राइम ब्रांच को 19 मार्च 2026 को खुफिया जानकारी मिली थी कि मेरठ से दिल्ली में हथियारों की एक बड़ी खेप आने वाली है। पुलिस ने जाल बिछाकर बादली रेलवे स्टेशन के पास से हासिर उर्फ शूटर को दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और एक पेन पिस्टल बरामद हुई। पूछताछ में हासिर ने खुलासा किया कि वह ये हथियार मेरठ के परवेज उर्फ फर्रू से लेकर दिल्ली में सप्लाई करता था।

छापेमारी में मिली आधुनिक ‘पेन पिस्टल’ की फैक्ट्री

आरोपी हासिर की निशानदेही पर क्राइम ब्रांच की टीम 26 मार्च को मेरठ पहुंची और परवेज के घर पर धावा बोला। घर की ऊपरी मंजिल पर अवैध हथियार बनाने का पूरा सेटअप लगा हुआ था। पुलिस ने वहां से:

  • 24 पेन पिस्टल (जो जेब में रखने पर साधारण पेन जैसी दिखती हैं)
  • 78 मैगजीन, 3 बैरल, 3 स्लाइड और 3 पिस्टल बॉडी
  • ड्रिल मशीन और हथियार बनाने के दर्जनों छोटे-बड़े औजार।

पुलिस के मुताबिक, ये पेन पिस्टल 7.65 MM कारतूस से फायर करती हैं और भीड़भाड़ वाले इलाकों में किसी की भी जान लेने के लिए बेहद घातक मानी जाती हैं।

खालिस्तानी आतंकियों से जुड़े हैं तार?

मुख्य आरोपी परवेज का आपराधिक इतिहास बेहद चौंकाने वाला है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, परवेज को साल 2017 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने UAPA के तहत गिरफ्तार किया था। उस पर खालिस्तानी आतंकियों को अवैध हथियार मुहैया कराने का गंभीर आरोप था और वह करीब 5 साल जेल की सजा भी काट चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से हथियारों की मंडी सजा ली थी।

बड़ी साजिश की आशंका, जांच जारी

क्राइम ब्रांच अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि परवेज इस बार किन-किन गिरोहों या आतंकी संगठनों के संपर्क में था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दिल्ली-एनसीआर में इन ‘पेन पिस्टल्स’ का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए तो नहीं किया जाना था।

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नेपाल में बड़ा सियासी उलटफेर: पूर्व PM केपी ओली और पूर्व गृह मंत्री गिरफ्तार; केजरीवाल बोले— “अपने कुकर्मों की वजह से गए जेल”

काठमांडू/नई दिल्ली: पड़ोसी देश नेपाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राजनीतिक भूचाल आ गया है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ‘बालेन’ की नवगठित सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया है। इस बड़ी कार्रवाई पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

“पुराने कुकर्मों का फल”: अरविंद केजरीवाल का प्रहार

नेपाल में हुई इन गिरफ्तारियों पर टिप्पणी करते हुए अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा, “नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अपने पुराने कुकर्मों की वजह से गिरफ्तार हुए हैं।” केजरीवाल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे दक्षिण एशिया की नजरें नेपाल के इस घटनाक्रम पर टिकी हैं। उनके इस बयान को भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

क्यों हुई गिरफ्तारी? क्या है ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) आंदोलन?

नेपाल पुलिस ने यह कार्रवाई 28 मार्च की सुबह तड़के की। केपी ओली को भक्तपुर के गुंडू इलाके से और रमेश लेखक को उनके आवास से हिरासत में लिया गया। इन दोनों नेताओं पर पिछले साल सितंबर में हुए ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) आंदोलन को हिंसक तरीके से दबाने का गंभीर आरोप है।

  • खूनी संघर्ष: इस आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में 76 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकांश युवा थे।
  • जांच रिपोर्ट: उच्चस्तरीय जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में ओली और लेखक को इस हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश की थी।

बालेन शाह सरकार का ‘न्याय’ कार्ड

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की अध्यक्षता में 27 मार्च को हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही जांच रिपोर्ट को लागू करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया। नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक बदले की भावना से नहीं, बल्कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए की गई है। उन्होंने कहा, “कानून से ऊपर कोई नहीं है, यह न्याय की शुरुआत है।”

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