Sunday, May 3, 2026
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दमकल फेल, दिल्लीवाले पास: 5वीं मंजिल से कूदे लोगों को चादरों पर झेलकर बचाया; पालम और द्वारका की मौतों का जिम्मेदार कौन?

– दिल्ली दर्पण ब्यूरो

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांडों ने न केवल सरकारी तंत्र की पोल खोल दी है, बल्कि दिल्ली की जनता के बीच गहरा अविश्वास भी पैदा कर दिया है। पिछले कुछ हफ्तों में हुई घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि जब आग की लपटें घर को घेरती हैं, तो दमकल के इंतज़ार से बेहतर पड़ोसियों का ‘बेडशीट’ वाला जुगाड़ साबित हो रहा है।

1. 5वीं मंजिल से छलांग और ‘बेडशीट’ ने बचाई जान

ताज़ा घटना में, एक बिल्डिंग की 5वीं मंजिल पर आग लगने के बाद जब बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा, तो तीन लोगों ने खिड़की से नीचे छलांग लगा दी। नीचे खड़े पड़ोसियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बेडशीट (चादरों) को कसकर फैलाया, जिस पर गिरकर तीनों की जान बच गई। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोग कह रहे हैं कि अगर वे दमकल का इंतज़ार करते, तो शायद आज जीवित न होते।

2. पालम अग्निकांड: “अगर गद्दे बिछाने देते, तो 9 लोग जिंदा न जलते”

सौरभ भारद्वाज और स्थानीय निवासियों ने 18 मार्च को हुए पालम अग्निकांड का ज़िक्र करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उस आग में 3 बच्चों समेत 9 लोग जिंदा जल गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पड़ोसी सड़क पर गद्दे (Mattresses) बिछाकर लोगों को कूदने के लिए कह रहे थे, लेकिन पुलिस और दमकल विभाग ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। आरोप है कि विभाग ने न तो खुद जाल बिछाया और न ही जनता को बचाने दिया, जिससे इतनी बड़ी संख्या में मौतें हुईं।

3. द्वारका की त्रासदी: 9वीं मंजिल से कूदे पिता-पुत्री

द्वारका सेक्टर-13 में हुई एक अन्य घटना में, आग से बचने के लिए एक व्यक्ति और उसके दो बच्चों को 9वीं मंजिल से कूदना पड़ा। रेस्क्यू के अभाव में तीनों की दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ियाँ देरी से पहुँचीं और वहां मौजूद हाइड्रोलिक लिफ्ट ने भी ऐन मौके पर काम नहीं किया।

“भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर भरोसा खत्म”

आम आदमी पार्टी ने इन घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर सीधा हमला बोला है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की जनता ने अब अपनी जान बचाने के लिए भाजपा सरकार पर भरोसा करना बंद कर दिया है। दमकल विभाग का रिस्पॉन्स टाइम और खराब उपकरणों (जैसे फेल होती हाइड्रोलिक लिफ्ट) ने दिल्ली को ‘मौत का कुआं’ बना दिया है।

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मयूर विहार के प्राइवेट स्कूल की ‘गुंडागर्दी’: 40 बच्चों का रिजल्ट रोका, नाम काटने की धमकी; शिक्षा विभाग के आदेश भी ठुकराए

– दिल्ली दर्पण ब्यूरो

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के मयूर विहार इलाके से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ के एक नामी प्राइवेट स्कूल पर करीब 40 बच्चों का रिजल्ट रोकने और उनका नाम काटने का नोटिस देने का गंभीर आरोप लगा है। स्कूल की इस कथित मनमानी के खिलाफ अभिभावकों में भारी रोष है, वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे लेकर भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर तीखा हमला बोला है।

फीस वृद्धि और ‘रिजल्ट’ पर रार

अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने पहले तो बेतहाशा फीस बढ़ाई और जब अभिभावकों ने इसका विरोध किया, तो बच्चों को निशाना बनाना शुरू कर दिया गया। बताया जा रहा है कि स्कूल ने शिक्षा विभाग द्वारा अनुमोदित (Approved) फीस ढांचे को मानने से भी साफ इनकार कर दिया है। इसी विवाद के चलते स्कूल ने 40 छात्रों के परिणाम (Results) रोक दिए हैं और उन्हें स्कूल से निकालने का नोटिस जारी कर दिया है, जिससे बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।

“भाजपा सरकार की शह पर मनमानी”: AAP का आरोप

आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। ‘आप’ ने सोशल मीडिया पर स्कूल के इस कदम को ‘खुलेआम गुंडागर्दी’ करार देते हुए कहा कि शिक्षा विभाग के आदेशों की अवहेलना भाजपा सरकार की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। ‘आप’ नेताओं का कहना है कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, प्राइवेट स्कूलों पर नकेल ढीली हो गई है और वे अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं।

अभिभावकों की गुहार: “आंखें मूंदकर सो रही है सरकार”

परेशान अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने शिक्षा विभाग और दिल्ली सरकार के पास कई बार शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ‘आप’ ने आरोप लगाया कि रेखा गुप्ता सरकार आंखें मूंदकर सो रही है और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे स्कूल माफियाओं को संरक्षण दे रही है। अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूल का लाइसेंस रद्द किया जाए और बच्चों का रिजल्ट तुरंत जारी किया जाए।

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दिल्ली में ‘नशीली दवाओं’ के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़: साढ़े 4 करोड़ की ड्रग्स जब्त; मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा था काला खेल

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने राजधानी में सक्रिय एक संगठित ड्रग नेटवर्क को नेस्तनाबूद कर दिया है। पुलिस ने इस बड़े ऑपरेशन में साढ़े 4 करोड़ रुपये मूल्य की नशीली दवाएं (Psychotropic Substances) बरामद की हैं। इस मामले में एक मेडिकल स्टोर मालिक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है।

शिव विहार तिराहे से शुरू हुआ ‘ऑपरेशन ड्रग्स’

क्राइम ब्रांच को 17 मार्च 2026 को सूचना मिली थी कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नशीली दवाओं की एक बड़ी खेप पहुंचने वाली है। पुलिस ने जोहरीपुर रोड स्थित शिव विहार तिराहे पर जाल बिछाया और बाइक सवार नितिन पाठक को एक किशोर के साथ दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से भारी मात्रा में अल्प्राजोलम (Alprazolam) और ट्रामाडोल (Tramadol) की गोलियां बरामद हुईं।

भोपुरा के मेडिकल स्टोर पर छापा, मालिक गिरफ्तार

पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के भोपुरा पहुंची। यहाँ प्रेम सिंह यादव नामक व्यक्ति के मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की गई, जहाँ से भारी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद हुए। जांच में सामने आया कि आरोपी मेडिकल स्टोर की आड़ में इन प्रतिबंधित दवाओं को ऊंचे दामों पर नशेड़ियों और छोटे तस्करों को सप्लाई कर रहा था।

लक्ष्मी नगर से जुड़ा गिरोह का जाल

जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने 21 मार्च को लक्ष्मी नगर से शालू कुमार को गिरफ्तार किया, जिसके घर से 11,955 अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद हुईं। इसके बाद 23 मार्च को गिरोह के एक और सदस्य संजय सिंह को भी दबोच लिया गया। पुलिस के मुताबिक बरामद की गई ड्रग्स का विवरण इस प्रकार है:

  • अल्प्राजोलम (3.539 kg): अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 3.5 करोड़ रुपये
  • ट्रामाडोल (1.709 kg): अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये

बिना प्रिस्क्रिप्शन के मोटा मुनाफा

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं (शेड्यूल H ड्रग्स) को अवैध तरीके से हासिल कर युवाओं को नशे के लिए बेचता था। आरोपियों के तार दिल्ली-एनसीआर के अलावा अन्य राज्यों से भी जुड़े होने की आशंका है। क्राइम ब्रांच अब इस सिंडिकेट के ‘मास्टरमाइंड’ और दवाओं की सप्लाई करने वाली बड़ी कड़ियों की तलाश कर रही है।

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युवाओं की सेहत से ‘खिलवाड़’: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने पकड़ा नकली प्रोटीन बनाने वाला बड़ा गिरोह; रानी खेड़ा की ‘अवैध फैक्ट्री’ सील

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी के युवाओं की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले एक खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश किया है। जिम जाने वाले युवाओं को नामी ब्रांड के नाम पर ‘जहर’ परोसने वाले इस गिरोह के एक और मुख्य सदस्य नवीन कुमार उर्फ बंजारा को रानी खेड़ा गांव से गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों को दबोच चुकी है, जिनसे पूछताछ के बाद इस अवैध फैक्ट्री का खुलासा हुआ।

ब्रांडेड डिब्बों में भरा जा रहा था ‘सस्ता पाउडर’

जांच में सामने आया है कि आरोपी नवीन कुमार कम कीमत वाले पाउडर, माल्टोडेक्सट्रिन (Maltodextrin), कोको पाउडर और फ्लेवर मिलाकर नकली प्रोटीन तैयार करता था। इसे Optimum Nutrition (ON) और Syntha-6 जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के नकली डिब्बों में भरा जाता था। ग्राहकों को धोखा देने के लिए आरोपी इन पर नकली स्टिकर, क्यूआर कोड और होलोग्राम तक लगाता था, जिससे आम युवा असली और नकली में फर्क नहीं कर पाते थे।

रानी खेड़ा फैक्ट्री से बरामद हुआ जखीरा

क्राइम ब्रांच की टीम ने जब रानी खेड़ा स्थित फैक्ट्री पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। मौके से पुलिस ने बरामद किया:

  • 26 भरे हुए नकली प्रोटीन के डिब्बे और सैकड़ों खाली जार।
  • सैकड़ों नकली स्टिकर और होलोग्राम (नामी ब्रांड्स के)।
  • 10 बैग कच्चा माल और भारी मात्रा में फ्लेवर पाउडर।
  • हाई-टेक मशीनें: सप्लीमेंट बनाने की मशीन, इंडक्शन सीलिंग मशीन और क्यूआर कोड प्रिंटिंग मशीन।

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

इससे पहले पुलिस ने मोहित तिवारी और मोहित दीक्षित को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से 150 किलो नकली सप्लीमेंट मिला था। नवीन कुमार की गिरफ्तारी इस कड़ी में तीसरी बड़ी सफलता है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह नकली सप्लीमेंट दिल्ली-एनसीआर के किन-किन जिमों और सप्लीमेंट स्टोर्स पर सप्लाई किया जा रहा था।

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दिल्ली के दयालपुर में ‘बिरयानी पार्टी’ के विवाद में खूनी खेल: 16 साल के ‘हाफ़िज़े कुरान’ सुभान मलिक की चाकू मारकर हत्या

नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली का दयालपुर इलाका एक बार फिर सनसनीखेज वारदात से दहल उठा है। नेहरू विहार की गली नंबर 13 में महज 16 साल के किशोर सुभान मलिक, जो एक ‘हाफ़िज़े कुरान’ था, की उसके ही कुछ परिचितों ने चाकू मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है और पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है।

विवाद की वजह: ‘बिरयानी पार्टी’ से इनकार?

परिजनों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक मामूली ‘बिरयानी पार्टी’ की मांग को लेकर हुई थी। बताया जा रहा है कि सुभान के कुछ दोस्तों ने उससे पार्टी मांगी थी, जिससे उसने इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर उनके बीच पहले हाथापाई हुई। आरोप है कि इसी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपियों ने सुभान को घर से बाहर बुलाया और उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। लहूलुहान सुभान को जेपीसी (JPC) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मां की हालत गंभीर, परिवार में कोहराम

सुभान की मौत की खबर सुनते ही उसके घर में मातम पसर गया है। जवान बेटे को खोने के सदमे में सुभान की मां की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि सुभान स्वभाव से बेहद शांत और धार्मिक प्रवृत्ति का लड़का था, जिसने कम उम्र में ही कुरान हिफ़्ज़ (कंठस्थ) कर लिया था। उसकी इस तरह बेरहमी से हत्या ने पूरे समुदाय को झकझोर कर रख दिया है।

पुलिस की कार्रवाई: 3 नाबालिग हिरासत में

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिगों (CCLs) को हिरासत में लिया है, जिनकी उम्र 13 से 17 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है। हालांकि, पुलिस ‘बुलिंग’ और ‘आपसी विवाद’ समेत सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।

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