Monday, May 11, 2026
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दमकल फेल, दिल्लीवाले पास: 5वीं मंजिल से कूदे लोगों को चादरों पर झेलकर बचाया; पालम और द्वारका की मौतों का जिम्मेदार कौन?

– दिल्ली दर्पण ब्यूरो

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांडों ने न केवल सरकारी तंत्र की पोल खोल दी है, बल्कि दिल्ली की जनता के बीच गहरा अविश्वास भी पैदा कर दिया है। पिछले कुछ हफ्तों में हुई घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि जब आग की लपटें घर को घेरती हैं, तो दमकल के इंतज़ार से बेहतर पड़ोसियों का ‘बेडशीट’ वाला जुगाड़ साबित हो रहा है।

1. 5वीं मंजिल से छलांग और ‘बेडशीट’ ने बचाई जान

ताज़ा घटना में, एक बिल्डिंग की 5वीं मंजिल पर आग लगने के बाद जब बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा, तो तीन लोगों ने खिड़की से नीचे छलांग लगा दी। नीचे खड़े पड़ोसियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बेडशीट (चादरों) को कसकर फैलाया, जिस पर गिरकर तीनों की जान बच गई। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोग कह रहे हैं कि अगर वे दमकल का इंतज़ार करते, तो शायद आज जीवित न होते।

2. पालम अग्निकांड: “अगर गद्दे बिछाने देते, तो 9 लोग जिंदा न जलते”

सौरभ भारद्वाज और स्थानीय निवासियों ने 18 मार्च को हुए पालम अग्निकांड का ज़िक्र करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उस आग में 3 बच्चों समेत 9 लोग जिंदा जल गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पड़ोसी सड़क पर गद्दे (Mattresses) बिछाकर लोगों को कूदने के लिए कह रहे थे, लेकिन पुलिस और दमकल विभाग ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। आरोप है कि विभाग ने न तो खुद जाल बिछाया और न ही जनता को बचाने दिया, जिससे इतनी बड़ी संख्या में मौतें हुईं।

3. द्वारका की त्रासदी: 9वीं मंजिल से कूदे पिता-पुत्री

द्वारका सेक्टर-13 में हुई एक अन्य घटना में, आग से बचने के लिए एक व्यक्ति और उसके दो बच्चों को 9वीं मंजिल से कूदना पड़ा। रेस्क्यू के अभाव में तीनों की दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ियाँ देरी से पहुँचीं और वहां मौजूद हाइड्रोलिक लिफ्ट ने भी ऐन मौके पर काम नहीं किया।

“भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर भरोसा खत्म”

आम आदमी पार्टी ने इन घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर सीधा हमला बोला है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की जनता ने अब अपनी जान बचाने के लिए भाजपा सरकार पर भरोसा करना बंद कर दिया है। दमकल विभाग का रिस्पॉन्स टाइम और खराब उपकरणों (जैसे फेल होती हाइड्रोलिक लिफ्ट) ने दिल्ली को ‘मौत का कुआं’ बना दिया है।

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