राजेंद्र स्वामी , दिल्ली दर्पण
नई दिल्ली, 31 मई 2026: दिल्ली पुलिस के ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय बने कुख्यात “रणदीप भाटी गैंग” के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 36 वर्षीय अनुज चौधरी उर्फ फाइटर के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के गांव अहमद नगर, थाना बीबी नगर का रहने वाला है। आरोपी अनुज उर्फ फाइटर पर हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे 32 से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह दिल्ली के फतेहपुर बेरी में हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले में लंबे समय से वांछित चल रहा था और लगातार कोर्ट में पेश न होने के कारण साकेत कोर्ट द्वारा उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी किया जा चुका था।

ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी राजीव कुमार (IPS) के अनुसार, एएटीएस टीम को 28 मई 2026 को एक बेहद पुख्ता और गोपनीय सूचना मिली थी कि फतेहपुर बेरी मर्डर केस का यह मुख्य आरोपी अवैध हथियारों और गोला-बारूद के साथ पूर्वी दिल्ली के इलाके में किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और एसीपी (ऑपरेशंस) के सुपरविजन तथा एएटीएस इंचार्ज इंस्पेक्टर आनंद सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें एसआई विक्रम सिंह, देवेंद्र कुमार, संदीप सिंह सहित कई अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। इस विशेष टीम ने गाजीपुर के पेपर मार्केट के पास रणनीतिक रूप से जाल बिछाया और संदिग्ध के आते ही उसे घेर लिया। पुलिस टीम को सामने देख आरोपी ने मौके से भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई भी की, लेकिन मुस्तैद टीम ने एक संक्षिप्त पीछा और झड़प के बाद उसे सफलतापूर्वक दबोच लिया।
पकड़े जाने के बाद जब पुलिस टीम द्वारा आरोपी की तलाशी ली गई, तो उसके कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके साथ ही, पुलिस ने उस होंडा एक्टिवा स्कूटी को भी जब्त कर लिया जिसका इस्तेमाल वह भागने के लिए कर रहा था, क्योंकि जांच में पाया गया कि यह स्कूटी दिल्ली के लक्ष्मी नगर थाना क्षेत्र से चोरी की गई थी। इस बरामदगी के बाद गाजीपुर थाने में आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत नया मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अनुज उर्फ फाइटर ने गाजीपुर से 12वीं तक की पढ़ाई की थी और उसके बाद वह जुर्म की दुनिया में कदम रखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े अपराधियों के संपर्क में आ गया था। वह साल 2022 में भी गिरफ्तार हुआ था, लेकिन 2023 में जमानत पर बाहर आने के बाद से लगातार फरार चल रहा था।
इस सफल ऑपरेशन के जरिए दिल्ली पुलिस ने एक साथ तीन बड़े मामलों को सुलझाने का दावा किया है, जिनमें गाजीपुर थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट का नया मामला, फतेहपुर बेरी में दर्ज हत्या का मुकदमा और लक्ष्मी नगर से हुई स्कूटी चोरी का केस शामिल है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर ले लिया है और उससे गैंग के अन्य सदस्यों व ठिकानों के बारे में सघन पूछताछ की जा रही है। दिल्ली पुलिस इस गिरफ्तारी को संगठित अपराध और सक्रिय अपराधियों के खिलाफ अपनी जारी मुहिम में एक बड़ी रणनीतिक जीत मान रही है।

