Sunday, May 3, 2026
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द्वारका में ‘डबल एनकाउंटर’: 15 मिनट में मर्डर और चाकूबाजी करने वाले दो खूंखार अपराधी ढेर; पुलिस की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली का द्वारका जिला बीती रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। डाबरी इलाके में महज 15 मिनट के भीतर एक हत्या और तीन लोगों पर जानलेवा हमला करने वाले दो कुख्यात बदमाशों को दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। अपराधियों ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग की, जिसमें एक गोली हेड कांस्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी।

15 मिनट का खूनी तांडव: एक की मौत, तीन घायल

29-30 मार्च की रात डाबरी इलाके में दो सनसनीखेज वारदातें हुईं। पहली घटना मधु विहार स्थित दुर्गा माता मंदिर के पास हुई, जहाँ गोविंद झा नामक व्यक्ति पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान गोविंद की मौत हो गई। इसके महज 15 मिनट बाद ही बदमाशों ने हनी और अनीश समेत तीन अन्य लोगों को चाकू गोदकर लहूलुहान कर दिया। इन तीनों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।

पहला एनकाउंटर: स्पेशल स्टाफ ने ‘नोदा’ को दबोचा

डीसीपी कुशल पाल सिंह के मुताबिक, वारदातों के बाद पूरी रात चले सर्च ऑपरेशन में जिले की स्पेशाल स्टाफ टीम ने रोहित उर्फ ‘नोदा’ को घेरा। सरेंडर करने के बजाय आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने रोहित के पैर में गोली मारकर उसे काबू किया। रोहित हाल ही में जेल से बाहर आया था और इलाके में दहशत फैलाने की फिराक में था।

दूसरा एनकाउंटर: AATS टीम और ‘हिमांशु’ के बीच भिड़ंत

दूसरी ओर, AATS टीम ने ओल्ड नजफगढ़ ड्रेन रोड पर दूसरे आरोपी प्रेम उर्फ ‘हिमांशु’ को घेरा। यहाँ भी अपराधी ने पुलिस पर गोलियां बरसाईं। मुठभेड़ के दौरान एक गोली हेड कांस्टेबल जगत सिंह को छूकर निकल गई, जबकि दूसरी गोली एक अन्य पुलिसकर्मी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। पुलिस ने साहस का परिचय देते हुए हिमांशु के पैर में गोली मारी और उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया।

अपराधिक इतिहास और बरामदगी

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रोहित और प्रेम दोनों ही अपहरण, फिरौती और हत्या जैसे गंभीर मामलों में पहले भी शामिल रहे हैं। पुलिस ने इनके पास से अवैध पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं। द्वारका पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों का अंजाम बुरा होगा।

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दिल्ली के पॉश इलाके CR पार्क में दिनदहाड़े गुंडागर्दी: महिला से चेन स्नैचिंग की कोशिश, विरोध करने पर चाकू से किया हमला

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली का पॉश इलाका चित्तरंजन पार्क (CR Park) रविवार शाम गोलियों और चाकुओं की गूंज से दहल उठा। बंगिया समाज के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने एक महिला को अपना निशाना बनाया। जब महिला ने बहादुरी दिखाते हुए स्नैचिंग का विरोध किया, तो बेखौफ बदमाशों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शाम 4 बजे सरेराह दी वारदात को अंजाम

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना 29 मार्च की शाम करीब 4 बजे हुई। महिला सड़क पर चल रही थी, तभी बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उनका रास्ता रोका और गले से चेन झपटनी चाही। महिला ने घबराने के बजाय बदमाशों का मुकाबला किया और अपनी चेन मजबूती से पकड़ ली। खुद को घिरता देख एक बदमाश ने चाकू निकाला और महिला पर वार कर दिया। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहे।

महिला की बहादुरी, अस्पताल से मिली छुट्टी

चाकू के हमले में महिला को हल्की चोटें आई हैं। घायल अवस्था में वह खुद पास के अस्पताल पहुँचीं, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। महिला की शिकायत पर सीआर पार्क थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है, उनका कहना है कि दिनदहाड़े ऐसी वारदातें होना सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है।

बाइक बरामद, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

साउथ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें गठित की हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद कर ली है, जिसे बदमाश कुछ दूरी पर छोड़कर भाग निकले थे। इलाके के तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान लगभग हो चुकी है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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डीपफेक और भ्रामक कंटेंट पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त: आध्यात्मिक गुरु अनिरुद्धाचार्य महाराज को मिली अंतरिम सुरक्षा

  • दिल्ली दर्पण ब्यूरो
    नई दिल्ली:
    डिजिटल युग में एआई (AI) और डीपफेक तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रसिद्ध आध्यात्मिक कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज के ‘व्यक्तित्व अधिकारों’ (Personality Rights) के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने यूट्यूब, इंस्टाग्राम और गूगल सर्च जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर महाराज के खिलाफ प्रसारित किए जा रहे अनधिकृत, भ्रामक और छेड़छाड़ किए गए कंटेंट पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है। जस्टिस तुषार राव गेडेला की अध्यक्षता वाली पीठ ने माना कि यदि इस प्रकार के कंटेंट के प्रसार को नहीं रोका गया, तो इससे न केवल याचिकाकर्ता की प्रतिष्ठा को बल्कि उनके गरिमा के साथ जीने के अधिकार और निजता को भी अपूरणीय क्षति होगी।

अदालत में याचिकाकर्ता का पक्ष रखते हुए ‘आश्रया लीगल’ की संस्थापक साझेदार एडवोकेट दीपप्रिया स्नेही और एडवोकेट यशिका कौशिक ने पुरजोर दलील दी कि सोशल मीडिया पर मॉर्फ्ड वीडियो, एआई-जनरेटेड डीपफेक और चुनिंदा रूप से संपादित क्लिप्स के जरिए महाराज के व्यक्तित्व को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। इन वीडियो में उन्हें ऐसे बयान देते हुए दिखाया गया है जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं, जिससे उनके अनुयायियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है और उनकी छवि को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। कोर्ट ने इन दलीलों में मेरिट पाते हुए पाया कि प्रथम दृष्टया (Prima Facie) यह मामला एकतरफा निषेधाज्ञा (ex-parte injunction) के योग्य है। 

सुनवाई के दौरान अदालत ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और तकनीक के दुरुपयोग के बीच एक स्पष्ट रेखा खींची। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक हस्तियों की जायज आलोचना और उनके भाषण या पहचान को तकनीकी रूप से तोड़-मरोड़ कर पेश करने में बड़ा अंतर है। जस्टिस गेडेला ने टिप्पणी की कि एआई-संचालित भ्रामक कंटेंट एक गंभीर न्यायिक चिंता का विषय है, जो किसी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों और निजता का हनन करता है। यह आदेश न केवल अनिरुद्धाचार्य महाराज के लिए एक बड़ी राहत है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जवाबदेही तय करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 

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दिल्ली में ‘रेगिस्तान के जहाज’ से शराब की तस्करी: संगम विहार के जंगलों में ऊंटों का ‘काफिला’ पकड़ा; पुलिस की सख्ती देख तस्करों ने बदला रास्ता

– दिल्ली दर्पण ब्यूरो

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के ‘ऑपरेशन कवच’ की सख्ती से बचने के लिए शराब तस्करों ने अब तक का सबसे अजीबोगरीब तरीका अपनाया है। दक्षिण जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने संगम विहार के जंगल क्षेत्र में छापा मारकर एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ऊंटों के जरिए हरियाणा से दिल्ली में अवैध शराब की सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने मौके से दो ऊंट और भारी मात्रा में शराब बरामद की है।

जंगल के रास्ते ‘ऑपरेशन कवच’ को चकमा देने की साजिश

पुलिस को 29-30 मार्च की रात गुप्त सूचना मिली थी कि फरीदाबाद से सटे जंगलों के रास्ते दिल्ली में शराब की खेप आने वाली है। बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस की कड़ी चेकिंग और ‘ऑपरेशन कवच’ के डर से तस्करों ने सड़कों को छोड़ जंगल का रास्ता चुना। आरोपी विनोद भड़ाना (48 वर्ष) दो ऊंटों पर शराब लादकर झाड़ियों के रास्ते दिल्ली की सीमा में घुसने की कोशिश कर रहा था, तभी स्पेशल स्टाफ ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।

बरामदगी: 39 कार्टन शराब और 2 ऊंट

पुलिस ने आरोपी के पास से 39 कार्टन (कुल 1,938 क्वार्टर) अवैध शराब बरामद की है। शराब ढोने के लिए इस्तेमाल किए गए दोनों ऊंटों को पुलिस ने सुरक्षित कर संबंधित विभाग को सौंप दिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी विनोद भड़ाना हरियाणा के फरीदाबाद का रहने वाला है और उस पर पहले भी दिल्ली आबकारी अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।

सड़क नहीं, ऊंटों की पीठ बनी तस्करों का सहारा

DCP दक्षिण जिला, अंकित मित्तल के अनुसार, पुलिस नाकों पर गाड़ियों की गहन तलाशी की वजह से तस्करों ने यह नया पैंतरा आजमाया था। ऊंटों का इस्तेमाल इसलिए किया गया क्योंकि वे पथरीले और जंगली रास्तों पर आसानी से चल सकते हैं जहाँ पुलिस की गाड़ियाँ नहीं पहुँच पातीं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि विनोद भड़ाना के इस ‘ऊंट नेटवर्क’ में और कौन-कौन शामिल है और वह दिल्ली में यह शराब कहाँ सप्लाई करने वाला था।

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चांदबाग अग्निकांड: हिंदू-मुस्लिम एकता ने बचाई 25 जानें; सौरभ भारद्वाज बोले— “पड़ोसी ही काम आता है, नफरत फैलाने वाले नहीं”

– दिल्ली दर्पण ब्यूरो

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के भजनपुरा स्थित चांदबाग इलाके में हुई एक भीषण आग की घटना ने सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश की है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि कैसे आधी रात को लगी आग में हिंदू और मुस्लिम पड़ोसियों ने मिलकर 25 लोगों की जान बचाई। भारद्वाज ने इस घटना की तुलना पालम अग्निकांड से करते हुए सरकारी तंत्र पर भी सवाल उठाए।

आधी रात को ‘देवदूत’ बनकर आए पड़ोसी

सौरभ भारद्वाज के अनुसार, चांदबाग की एक 5 मंजिला इमारत की पार्किंग में रात करीब 2:00 बजे भीषण आग लग गई। इमारत में रहने वाले अधिकांश लोग मुस्लिम समुदाय के थे। धुएं से जब दम घुटने लगा, तो सबसे पहले पड़ोस में रहने वाले मनोज कुमार शर्मा (एक हिंदू ब्राह्मण) ने शोर मचाकर सबको जगाया और मदद के लिए दौड़ पड़े।

चादरों और सीढ़ियों से हुआ ‘रेस्क्यू’

  • बहादुरी की मिसाल: आग इतनी भीषण थी कि बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया था। नीचे खड़े हिंदू पड़ोसियों ने फौरन बेडशीट (चादरें) तान दीं, जिस पर 5 लोग (जिनमें दो छोटी बच्चियां भी थीं) ऊपर से कूदे और उनकी जान बच गई।
  • सीढ़ी से बचाए 20 लोग: पड़ोसियों ने सूझबूझ दिखाते हुए सामने वाली बिल्डिंग की बालकनी से जलती हुई बिल्डिंग तक सीढ़ी (Ladder) लगाई और एक-एक करके हर फ्लोर से लगभग 20-25 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
  • राशिदा की जांबाजी: इमारत में रहने वाली राशिदा नामक महिला ने अपने हाथ जलने के बावजूद गैस सिलेंडरों को आग के बीच से खींचकर बाहर निकाला, ताकि कोई बड़ा ब्लास्ट न हो सके।

“पालम में पुलिस ने नहीं बिछाने दिए थे गद्दे”

भारद्वाज ने भावुक होते हुए कहा कि पालम अग्निकांड में 9 लोग (3 बच्चों समेत) इसलिए जिंदा जल गए क्योंकि वहां पुलिस और दमकल विभाग ने पड़ोसियों को नीचे गद्दे बिछाने से रोक दिया था। उन्होंने मांग की है कि चांदबाग के इन बहादुर नागरिकों को मुख्यमंत्री द्वारा बहादुरी का पुरस्कार मिलना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “काम आपका पड़ोसी ही आता है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो; नफरत फैलाने वाले संगठन बचाने नहीं आते।”

प्राइवेट स्कूलों और बिजली-पानी पर घेरा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरभ भारद्वाज ने अन्य मुद्दों पर भी भाजपा को घेरा:

  • स्कूलों की मनमानी: उन्होंने आरोप लगाया कि एपीजे (Apeejay), डीपीएस (DPS) और सालवान पब्लिक स्कूल जैसे बड़े स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और बच्चों के रिजल्ट रोक रहे हैं। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इन स्कूलों पर FIR दर्ज क्यों नहीं करवा रही हैं?
  • पानी का संकट: उन्होंने एलजी और वीरेंद्र सचदेवा पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले ये लोग कहते थे कि दिल्ली में पानी बहुत है, अब ये पानी की कमी का रोना क्यों रो रहे हैं?

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