Sunday, May 3, 2026
spot_img
Home Blog Page 44

LPG Crisis: केजरीवाल का मोदी सरकार पर हमला, कहा– एक फैसले से 1 करोड़ लोगों की गई नौकरी

नई दिल्ली: देश में बढ़ती LPG गैस की किल्लत को लेकर राजनीति तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इस संकट के लिए भारत की विदेश नीति को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण देश में लाखों लोगों की रोज़ी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है और हालात ऐसे ही रहे तो एक करोड़ से ज्यादा लोग बेरोजगार हो सकते हैं।

देश में LPG की भारी किल्लत

प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि इस समय देश गंभीर संकट से गुजर रहा है। उनके मुताबिक भारत में LPG की खपत का करीब 60 फीसदी हिस्सा आयात किया जाता है और उसमें से लगभग 90 फीसदी सप्लाई Strait of Hormuz के रास्ते आती है। लेकिन वर्तमान हालात में इस मार्ग से आपूर्ति बाधित हो गई है, जिसके कारण देश में LPG उत्पादन और उपलब्धता दोनों प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि फिलहाल देश में केवल 50 से 55 प्रतिशत LPG ही उपलब्ध हो पा रही है, जबकि मांग इससे कहीं अधिक है।

होटल और रेस्टोरेंट पर सबसे ज्यादा असर

केजरीवाल के अनुसार LPG संकट का सबसे बड़ा असर होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से होटल और रेस्टोरेंट LPG सिलेंडर का ज्यादा स्टॉक नहीं रख सकते और उन्हें रोजाना सप्लाई मिलती है। लेकिन अचानक सप्लाई रुकने से कई जगहों पर होटल बंद होने लगे हैं।

उन्होंने दावा किया कि मुंबई में करीब 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं और अगले कुछ दिनों में यह आंकड़ा 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। वहीं तमिलनाडु में करीब 10 हजार होटल बंद होने की कगार पर हैं। इसके अलावा दिल्ली, पंजाब, बेंगलुरु, हैदराबाद, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार और छत्तीसगढ़ से भी ऐसी ही खबरें सामने आ रही हैं।

उद्योगों पर भी संकट

केजरीवाल ने बताया कि गुजरात के मोरबी में स्थित टाइल उद्योग, जिसे टाइल इंडस्ट्री की राजधानी कहा जाता है, वहां भी संकट गहरा गया है। उनके मुताबिक वहां मौजूद 650 फैक्ट्रियों में से करीब 170 फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं, जिससे लगभग एक लाख लोग बेरोजगार हो गए हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि अगर स्थिति जल्दी नहीं सुधरी तो पूरे देश में एक करोड़ से ज्यादा लोग बेरोजगार हो सकते हैं।

विदेश नीति को बताया कारण

केजरीवाल ने कहा कि हाल के दिनों में मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि Iran ने Strait of Hormuz पर नियंत्रण रखते हुए केवल अपने मित्र देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है, जिससे भारत जैसे देशों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की विदेश नीति के कारण भारत इस संकट में फंस गया है। केजरीवाल ने कहा कि भारत को किसी भी युद्ध में पक्ष लेने के बजाय तटस्थ रहना चाहिए था।

मोदी सरकार पर सीधा हमला

केजरीवाल ने कहा कि भारत की विदेश नीति पिछले 75 वर्षों से संतुलित रही है, लेकिन हाल के दिनों में उसमें बदलाव हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने अमेरिका और इज़राइल के साथ खड़े होकर अपनी तटस्थ नीति को कमजोर किया, जिसका असर अब LPG आपूर्ति पर पड़ रहा है।

हालांकि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/mcd-orders-to-keep-the-accused-at-home-till-march-11-the-uttam-nagar-police-station-has-been-strictly-monitored/

उत्तम नगर मामले में दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, 11 मार्च तक आरोपियों के घर पर कार्रवाई रोकने का MCD को आदेश

नई दिल्ली: Delhi High Court ने उत्तम नगर में होली के दिन हुई हिंसक झड़प के मामले में बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने Municipal Corporation of Delhi (MCD) को निर्देश दिया है कि मामले से जुड़े आरोपियों के घरों पर 11 मार्च तक किसी भी तरह की तोड़-फोड़ की कार्रवाई न की जाए। इस घटना में 26 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था।

कोर्ट ने तुरंत कार्रवाई रोकने को कहा

मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस Amit Bansal ने स्पष्ट कहा कि शाम 4 बजे से अगले दिन सुबह 10:30 बजे तक किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इस बीच किसी भी घर को गिराने या तोड़-फोड़ की कार्रवाई से बचा जाए। कोर्ट ने मामले को बुधवार के लिए सूचीबद्ध कर दिया है, जब इस पर आगे सुनवाई होगी।

याचिकाकर्ताओं ने मांगी सुरक्षा

मामले में आरोपी इमरान की मां जरीना और शहनाज ने अदालत में याचिका दाखिल कर उत्तम नगर की JJ कॉलोनी में अपने घरों को ‘मनमानी और गैर-कानूनी’ कार्रवाई से बचाने की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत से कहा कि जब तक मामले पर विस्तृत सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक उन्हें अंतरिम राहत दी जानी चाहिए।

इलाके में डर का माहौल

याचिका में कहा गया है कि हाल ही में MCD द्वारा एक आरोपी के घर का हिस्सा गिराए जाने के बाद इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। लोगों को आशंका है कि बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए अन्य घरों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

धमकियों का भी आरोप

पिटीशन में यह भी कहा गया कि किसी आपराधिक मामले में घर गिराना सजा का तरीका नहीं हो सकता। इसके लिए पहले नोटिस देना और संबंधित लोगों को सुनवाई का मौका देना जरूरी है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि यह विवाद मूल रूप से एक व्यक्तिगत झगड़ा था, लेकिन कुछ तत्वों ने इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की है और परिवारों को धमकियां भी मिल रही हैं।

होली के दिन हुई थी हिंसक झड़प

बताया जा रहा है कि 8 मार्च को MCD ने उत्तम नगर हत्याकांड के एक आरोपी के परिवार के घर का हिस्सा यह कहते हुए गिरा दिया था कि वह नाले पर बना हुआ था। अधिकारियों का कहना था कि यह कार्रवाई अवैध अतिक्रमण हटाने की मुहिम के तहत की गई।

दरअसल, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के जश्न के दौरान दो पड़ोसी परिवारों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। इस झड़प में 26 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने एक नाबालिग समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है और जांच जारी है।

यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/golden-feat-delhis-junior-engineer-triumphs-with-3-golds-in-asian-powerlifting/

MCD के जूनियर इंजीनियर रवि चौहान ने एशियन पावरलिफ्टिंग में जीते तीन स्वर्ण पदक

  • दिल्ली दर्पण ब्यूरो
    नई दिल्ली:
    दिल्ली नगर निगम (MCD) के जूनियर इंजीनियर (JE) रवि चौहान ने अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर एक बार फिर भारत का तिरंगा फहराया है। उन्होंने प्रतिष्ठित ‘WRPF एशियन पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026’ में अपनी असाधारण शक्ति का प्रदर्शन करते हुए मास्टर्स-1 (110 किलोग्राम) वर्ग में तीन स्वर्ण पदक जीतकर देश और विभाग का मान बढ़ाया है। रवि चौहान ने इस प्रतियोगिता में फुल पावरलिफ्टिंग, बेंच प्रेस और डेडलिफ्ट स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल अपने नाम किए।

एशिया के विभिन्न देशों से आए दिग्गज खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करते हुए रवि चौहान ने कुल 575 किलोग्राम वजन उठाकर अपनी शारीरिक दक्षता और दृढ़ इच्छाशक्ति का लोहा मनवाया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर दिल्ली के माननीय मेयर ने उन्हें मेडल पहनाकर विशेष रूप से सम्मानित किया। मेयर ने रवि की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकारी सेवाओं की व्यस्तता के बीच खेल के प्रति ऐसा समर्पण युवाओं और अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

वर्तमान में केशव पुरम जोन में जूनियर इंजीनियर (सिविल) के रूप में तैनात रवि चौहान का खेल करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। वे अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 20 से अधिक स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। इससे पहले उन्होंने स्पेन में ‘अर्नाल्ड क्लासिक यूरोप 2024’, थाईलैंड में ‘वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2024’ और रूस में ‘IPL वर्ल्ड कप 2023’ जैसे बड़े मंचों पर भी स्वर्ण पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है।
सीमित संसाधनों और विभागीय जिम्मेदारियों के बावजूद रवि चौहान का यह सफर अनुशासन की एक मिसाल पेश करता है। उनकी इस सफलता से न केवल नगर निगम दिल्ली में हर्ष का माहौल है, बल्कि पूरे खेल जगत में उनकी सराहना हो रही है।

यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/sharab-nat-mamal-dal-hai-kart-k-nuts-s-fur-garmai-policy-kannan-parkray-y-new-masbat/

दिल्ली में कार के अंदर मिले दो शव, कल दोपहर से खड़ी थी गाड़ी, मचा हड़कंप

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक कार के अंदर दो शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के मुताबिक मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि सड़क किनारे खड़ी एक कार के अंदर दो लोग बेहोश पड़े हैं। जब पुलिस मौके पर पहुंची और कार की जांच की गई तो उसमें दो शव बरामद हुए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

पुलिस के अनुसार आईएनए थाने को सूचना मिली थी कि सड़क किनारे नाले के पास एक सफेद रंग की AURA कार काफी देर से खड़ी है और उसके अंदर से बदबू आ रही है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने देखा कि कार के शीशे बंद थे और गाड़ी लॉक नहीं थी। जांच के दौरान कार के अंदर दो लोग बैठे हुए मिले, जिनकी मौत हो चुकी थी। कार के अंदर से शराब के तीन पाउच भी बरामद हुए, जिनमें से दो सीलबंद और एक खुला हुआ था।

कल दोपहर से खड़ी थी कार

स्थानीय लोगों से पूछताछ और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में पता चला कि यह कार पिछले दिन दोपहर करीब 2 बजे से वहीं खड़ी थी। उसके बाद किसी भी व्यक्ति को गाड़ी के पास आते-जाते नहीं देखा गया।

दोनों शवों की हुई पहचान

क्राइम टीम को मौके पर बुलाकर घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने मृतकों की पहचान कर ली है।

पहले मृतक की पहचान विकास (42) के रूप में हुई है, जो दिल्ली के खेड़ा खुर्द स्थित अंबेडकर कॉलोनी का रहने वाला था और पेशे से ड्राइवर था। वह कार की ड्राइविंग सीट पर बैठा मिला।
दूसरे मृतक की पहचान बिजेंद्र उर्फ भोला (36) के रूप में हुई है, जो उसी इलाके का रहने वाला था और पेशे से प्लंबर था। उसका शव कार की पिछली सीट पर मिला।

यूपी के रहने वाले हैं कार मालिक

पुलिस के मुताबिक कार के मालिक का नाम राकेश कुमार है, जो खेड़ा खुर्द की अंबेडकर कॉलोनी में किराए पर रहता है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले का रहने वाला बताया जा रहा है।

शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान

पुलिस की शुरुआती जांच में दोनों शवों के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बंद कार के अंदर बैठे रहने से दम घुटने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत का सही कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/sharab-nat-mamal-dal-hai-kart-k-nuts-s-fur-garmai-policy-kannan-parkray-y-new-masbat/

शराब नीति मामला : दिल्ली हाई कोर्ट के नोटिस से फिर गरमाई सियासत, कानूनी प्रक्रिया या नई मुसीबत?

– दिल्ली दर्पण ब्यूरो 

नई दिल्ली: दिल्ली के बहुचर्चित शराब नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ सीबीआई की अपील पर अब दिल्ली हाई कोर्ट ने अपना रुख स्पष्ट किया है। सोमवार को हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित सभी 21 आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही अदालत ने सीबीआई अधिकारियों पर कार्रवाई करने के निचली अदालत के निर्देश पर फिलहाल रोक लगा दी है।

कानूनी प्रक्रिया या सबूतों का संकेत?

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाई कोर्ट द्वारा नोटिस जारी करना न्यायपालिका की एक मानक प्रक्रिया (Standard Procedure) है। जब भी निचली अदालत के किसी बड़े फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाती है, तो दूसरे पक्ष का पक्ष सुनना अनिवार्य होता है। इसे पहली नजर में ‘दोषी’ मानना या ‘नए सबूत’ मिलना नहीं कहा जा सकता, बल्कि यह मामले की मेरिट पर दोबारा विचार करने की शुरुआत है।

सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाने के पीछे तर्क यह है कि यदि मुख्य अपील पर सुनवाई लंबित है, तो जांच अधिकारियों को दंडित करना जल्दबाजी होगी।

राजनीतिक घमासान: दावों और प्रतिदावों का दौर

हाई कोर्ट के इस कदम को बीजेपी और आम आदमी पार्टी अपने-अपने राजनैतिक हितों के अनुसार परिभाषित कर रही हैं:

  • बीजेपी का रुख: भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि हाई कोर्ट द्वारा अपील को स्वीकार करना और नोटिस जारी करना इस बात का प्रमाण है कि निचली अदालत के फैसले में खामियां थीं। बीजेपी प्रवक्ताओं का दावा है कि हाई कोर्ट में ‘कट्टर ईमानदारी’ का मुखौटा उतर जाएगा।
  • आम आदमी पार्टी का पक्ष: वहीं, ‘आप’ ने इसे केवल एक अदालती प्रक्रिया बताया है। पार्टी का कहना है कि निचली अदालत ने विस्तार से सबूतों का अध्ययन करने के बाद ही सबको बरी किया था और सीबीआई की दलीलें ऊपरी अदालत में भी टिक नहीं पाएंगी।

बड़ा सवाल: क्या निचली अदालत की टिप्पणी सही थी?

कानूनी गलियारों में इस बात पर भी चर्चा है कि क्या ट्रायल कोर्ट को जांच एजेंसी के खिलाफ इतनी कड़ी टिप्पणी करनी चाहिए थी। विशेषज्ञों का एक वर्ग इसे जज की निर्भीकता मानता है, जबकि दूसरा वर्ग इसे ‘अधिकार क्षेत्र से बाहर’ जाकर की गई टिप्पणी बता रहा है। अब गेंद हाई कोर्ट के पाले में है, जहां यह तय होगा कि जांच में वाकई खामियां थीं या सीबीआई के पास पर्याप्त आधार मौजूद हैं।

यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/the-big-statement-of-the-crisis-on-the-supply-in-dalal-kajarwal-is-increasing-day-by-day/