Monday, May 4, 2026
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प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले बैंड-बाजा के साथ पहुंचे अरविंद केजरीवाल, समर्थकों का किया अभिवादन

नई दिल्ली: कथित दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में बड़ी राहत देते हुए दिल्ली की Rouse Avenue Court ने आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal, पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia और 21 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी व्यापक साजिश या आपराधिक मंशा साबित करने में विफल रही।

CBI को कोर्ट की फटकार

मामले की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। अदालत ने टिप्पणी की कि एजेंसी का मामला न्यायिक जांच की कसौटी पर खरा नहीं उतरता और साजिश की कहानी अनुमानों के आधार पर गढ़ी गई प्रतीत होती है।

बरी किए गए अन्य 21 आरोपियों में के. कविता का नाम भी शामिल है। यह मामला दिल्ली सरकार की उस आबकारी नीति से जुड़ा था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया था।

फैसले के बाद भावुक हुए केजरीवाल

निर्णय के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला “स्वतंत्र भारत के इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश” था।

केजरीवाल ने कहा, “कोर्ट ने साबित कर दिया है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं।” गौरतलब है कि इस मामले में केजरीवाल लगभग छह महीने जेल में रहे, जबकि मनीष सिसोदिया करीब दो वर्ष तक हिरासत में रहे।

फैसले के बाद केजरीवाल अपने आवास से पार्टी कार्यालय जाते समय समर्थकों का अभिवादन करते नजर आए और उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा।

हाईकोर्ट जाएगी CBI

हालांकि, CBI ने स्पष्ट किया है कि वह निचली अदालत के फैसले को चुनौती देगी। एजेंसी ने कहा कि वह जल्द ही Delhi High Court में अपील दायर करेगी।

अदालत के इस फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ओर आम आदमी पार्टी इसे “सत्य की जीत” बता रही है, वहीं CBI के हाईकोर्ट जाने के फैसले से यह मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं माना जा रहा है।

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दिल्ली शराब घोटाला केस: कोर्ट से राहत के बाद AAP नेताओं ने जताई खुशी, सामने आए तीखे बयान

नई दिल्ली: कथित दिल्ली शराब घोटाला मामले में Rouse Avenue Court से बड़ी राहत मिलने के बाद Aam Aadmi Party (AAP) के नेताओं ने खुशी जाहिर की है। अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal, पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia समेत 23 आरोपियों को बरी कर दिया।

फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल कोर्ट परिसर से बाहर आए तो मीडिया के सामने भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अदालत के निर्णय ने साबित कर दिया है कि वे “कट्टर ईमानदार” हैं और सच्चाई की जीत हुई है।

सुनीता केजरीवाल का बयान

फैसले के बाद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “इस संसार में कोई कितना भी शक्तिशाली हो जाए, शिव शक्ति से ऊपर नहीं हो सकता। सच की हमेशा जीत होती है।” उनके इस संदेश को पार्टी कार्यकर्ताओं ने व्यापक रूप से साझा किया।

संजय सिंह ने साधा निशाना

AAP सांसद Sanjay Singh ने फैसले के बाद तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला एक षड्यंत्र था और पार्टी के नेताओं को जेल में प्रताड़ित किया गया।

संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अदालत के फैसले ने साबित कर दिया है कि उनके नेताओं को साजिश के तहत फंसाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के लोकप्रिय नेताओं और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। साथ ही उन्होंने कहा कि अब इस मामले में जिम्मेदार लोगों को देश से माफी मांगनी चाहिए।

अदालत के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी इसे “सत्य की जीत” बता रही है, जबकि राजनीतिक हलकों में इस निर्णय को लेकर बहस तेज हो गई है।

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Excise Case से राहत: बरी होते ही छलके केजरीवाल-सिसोदिया के आंसू, सामने आया रिएक्शन

दिल्ली शराब घोटाला: राउज एवेन्यू कोर्ट से अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपी बरी

नई दिल्ली: कथित दिल्ली शराब घोटाला मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए Rouse Avenue Court ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal, पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद कोर्ट परिसर में भावुक दृश्य देखने को मिले। मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल और सिसोदिया की आंखें नम हो गईं।

“सत्य की जीत हुई” — केजरीवाल

फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि “सत्य की हमेशा जीत होती है” और उन्हें भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि यह फैसला साबित करता है कि वे भ्रष्ट नहीं हैं।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को खत्म करने की साजिश के तहत बड़े नेताओं को जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि एक मौजूदा मुख्यमंत्री को “घर से घसीटकर जेल में डाला गया” और मनीष सिसोदिया को दो साल तक जेल में रखा गया।

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने केवल ईमानदारी कमाई है और अदालत के फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे और उनकी पार्टी “कट्टर ईमानदार” हैं।

बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना

फैसले के बाद केजरीवाल ने Bharatiya Janata Party और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता पाने के लिए अच्छे काम करने चाहिए, न कि झूठे केस बनाकर राजनीतिक विरोधियों को फंसाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश के सामने कई बड़ी समस्याएं हैं, जिनका समाधान कर राजनीति की जानी चाहिए। झूठे मुकदमों से देश आगे नहीं बढ़ सकता।

सुनीता केजरीवाल का बयान

वहीं, Aam Aadmi Party के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने भी फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि इस दुनिया में कोई कितना भी ताकतवर क्यों न हो जाए, “सच की हमेशा जीत होती है।”

अदालत के इस फैसले के साथ ही लंबे समय से चल रहे इस हाई-प्रोफाइल मामले में सभी आरोपियों को राहत मिली है। राजनीतिक हलकों में इस निर्णय को लेकर व्यापक चर्चा जारी है।

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JNU Violence: वायरल वीडियो में बवाल, पुलिस पर हमला करते दिखे छात्र; JNUSU अध्यक्ष समेत 14 अरेस्ट

JNU Violence: वीडियो सबूतों के आधार पर JNUSU अध्यक्ष समेत 14 गिरफ्तार, पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी

नई दिल्ली: Jawaharlal Nehru University (JNU) एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। विश्वविद्यालय परिसर और उसके बाहर हुए हंगामे के बाद Delhi Police ने सख्त कार्रवाई करते हुए जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) की अध्यक्ष अदिति मिश्रा और पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार समेत कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उन वीडियो साक्ष्यों के आधार पर की गई है, जिनमें कुछ छात्र पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों के साथ आक्रामक व्यवहार करते नजर आ रहे हैं।

दीवार पर चढ़कर उकसाने और पुलिस से झड़प के आरोप

जांच के दायरे में आए वीडियो में कथित रूप से कुछ छात्र पुलिस के खिलाफ अन्य छात्रों को इकट्ठा करते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में एक छात्र को पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है। वहीं, पीएचडी छात्र नीतीश कुमार विश्वविद्यालय की दीवार पर चढ़कर छात्रों को संबोधित करते और पुलिस को “सबक सिखाने” जैसी बातें कहते नजर आ रहे हैं।

इसके अलावा, वीडियो में कुछ छात्र कैंपस के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ गाली-गलौज करते और Rapid Action Force (RAF) के जवानों की ओर डंडा फेंकते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल इन वीडियो क्लिप्स को पुलिस ने जांच का आधार बनाया है।

FIR दर्ज, 14 मुख्य आरोपी गिरफ्तार

वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने के बाद वसंत कुंज नॉर्थ थाने में FIR दर्ज की गई। पुलिस ने अब तक 14 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें JNUSU की शीर्ष पदाधिकारी शामिल हैं:

  • अदिति मिश्रा (अध्यक्ष, JNUSU)
  • नीतीश कुमार (पूर्व अध्यक्ष)
  • गोपिका बाबू (सचिव)
  • दानिश अली (संयुक्त सचिव)

इनके अलावा 10 अन्य छात्रों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था भंग करने और सुरक्षाबलों के साथ हिंसक व्यवहार के आरोपों की विस्तृत जांच की जा रही है।

पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी

गिरफ्तार किए गए सभी 14 आरोपियों को Patiala House Court में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत से आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की। पुलिस की दलील थी कि जांच को आगे बढ़ाने और साक्ष्यों की पुष्टि के लिए न्यायिक हिरासत आवश्यक है।

वहीं, आरोपियों की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि सभी छात्र जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं और वे इस संबंध में लिखित आश्वासन देने को भी तैयार हैं।

महिला छात्रा का आरोप

सुनवाई के दौरान एक महिला छात्रा ने अदालत में आरोप लगाया कि 4-5 सादे कपड़ों में मौजूद लोगों ने उसे भीड़ से जबरन खींच लिया, जिससे उसके हाथ में चोट आई और खून के थक्के बन गए। इस आरोप पर अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और अदालत के आगामी आदेश पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी। JNU में हुई इस घटना ने एक बार फिर विश्वविद्यालय परिसरों में विरोध-प्रदर्शन की सीमाओं और कानून-व्यवस्था के सवाल को केंद्र में ला दिया है।

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दिल्ली में सनसनी: बादली में महिला और तीन मासूम बेटियों की गला रेतकर हत्या, आरोपी पति फरार

नई दिल्ली: दिल्ली के समयपुर बादली इलाके के चंदन पार्क में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक ही परिवार के चार लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। बुधवार की रात एक महिला और उसकी तीन छोटी बेटियों का गला धारदार हथियार से रेत दिया गया। गुरुवार सुबह जब पड़ोसियों ने घर में कोई हलचल नहीं देखी, तो पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुँची पुलिस को घर के ग्राउंड फ्लोर पर महिला अनीता और उसकी तीन मासूम बेटियों के शव खून से लथपथ मिले। घटना के बाद से ही महिला का पति मुनचन केवट गायब है, जिससे शक की सुई उसी की तरफ घूम रही है।

वारदात का मंजर इतना भयावह था कि पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। मृतकों में 5, 4 और 3 साल की तीन बच्चियाँ शामिल हैं, जिनकी मासूमियत का ख्याल रखे बिना कातिल ने उन्हें मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर क्राइम टीम और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह परिवार मूल रूप से बिहार के पटना का रहने वाला था। आरोपी पति मुनचन आजादपुर मंडी में सब्जी बेचने का काम करता था। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

डीसीपी आउटर नॉर्थ हरेश्वर स्वामी के अनुसार, पुलिस सभी कोणों से मामले की जांच कर रही है। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस सामूहिक हत्याकांड के पीछे पारिवारिक कलह थी, आर्थिक तंगी या फिर कोई और रंजिश। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रोहिणी स्थित डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। एक ही झटके में चार लोगों की हत्या ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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